'अच्छा हुआ अासाराम काे फांसी नहीं मिली, फांसी में तो वह 2 मिनट तड़पता पर अब वाे ताउम्र जेल में तड़पेगा'

अच्छा हुआ आसाराम काे फांसी की सजा नहीं दी गई। फांसी की सजा में तो दो मिनट तड़पता है। अब पूरी जिन्दगी जेल में तड़पेगा। जानिए किसने कहा एेसा-

By: santosh

Published: 25 Apr 2018, 06:31 PM IST

जयपुर/शाहजहांपुर। यौन शोषण केस में जोधपुर कोर्ट ने बुधवार को आसाराम को उम्रकैद की सजा सुनाई। मामले में बाकी दो दोषियों को 20-20 साल की सजा दी गई है। जोधपुर केंद्रीय कारागार परिसर में जज मधुसूदन शर्मा ने यह फैसला सुनाया।

आसाराम ने साढ़े चार साल पहले यूपी के शाहजहांपुर की बिटिया के साथ दुष्कर्म किया था। बिटिया और उसके परिवार ने हिम्मत दिखाई। आसाराम के खिलाफ पुलिस में रिपोर्ट दर्ज कराई। अंततः आसाराम को पुलिस ने गिरफ्तार करके जोधपुर सेन्ट्रल जेल में डाल दिया।

अब कोर्ट ने आसाराम को उम्रकैद की सजा सुनाई है। फैसले पर शाहजहांपुर के लोगों ने खुशी जताई है। उनका कहना है कि आसाराम का फांसी की सजा होनी चाहिए। किसी ने कहा कि कालापानी की सजा हो।

अजीजगंज निवासी राधेश्याम ने विजय का प्रतीक चिह्न वी बनाते हुए बार-बार कहा कि आसाराम को फांसी होना चाहिए। फांसी नहीं हुई तो कानून पर धब्बा है। कारोबारी विपिन दीक्षित निवासी अजीजगंज ने कहा कि आसाराम को पहले ही सजा मिल जानी चाहिए थी। उसे जेल के अंदर कोई सुविधा मिल रही है, तो बंद कर देनी चाहिए। उसे बद से बदतर सजा मिलनी चाहिए।

कालापानी की सजा नहीं है, नहीं तो वह मिलनी चाहिए। अच्छा हुआ फांसी की सजा नहीं दी गई। फांसी की सजा में तो दो मिनट तड़पता है। अब पूरी जिन्दगी जेल में तड़पेगा। केरुगंज निवासी अरविन्द ने कहा कि शाहजहांपुर की बिटिया को न्याय मिला है। आसाराम ने गवाहों की हत्या और अपहरण करवाए हैं। कोर्ट के फैसले के चलते शाहजहांपुर में कड़ी सुरक्षा रही।

कोर्ट के आदेश पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए यौन पीड़िता के पिता ने कहा- दुराचारी को उम्रकैद की सजा हुई है। उन्होंने हाथ जोड़कर कहा- मैं न्यायपालिका का बहुत-बहुत आभारी हूं। पूरे देश की मीडिया का भी बहुत-बहुत आभारी हूं। आपने न्याय दिलाने में हमारी मदद की है।

यह पूछे जाने पर जिन लोगों को छोड़ा है उनके बारे में कोई शिकायत है क्या? इस पर उन्होंने कहा कि शिकायत तो है, लेकिन कोई सुबूत नहीं था, इसलिए संदेह का लाभ मिला है। जो फैसला दिया है, हमें स्वीकार है।

बता दें कि उत्तर प्रदेश के शाहजहांपुर की नाबालिग के साथ आसाराम ने दुष्कर्म किया था। उसी ने पुलिस में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। साढ़े चार साल की लंबी लड़ाई के बाद आसाराम को सजा हुई है। तब से पीड़िता अपने घर में जेल की तरह बंद थी।

इतना ही नहीं, इस मामले के मुख्य गवाह कृपाल सिंह की 10 जुलाई, 2015 की रात को गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। हत्या के आरोप में शॉर्पशूटर कार्तिकेय हलधर और आसाराम आश्रम के साधक नारायण पांडे जेल में हैं। इससे पूर्व शाहजहांपुर में बुधवार सुबह से ही गहमागहमी रही।

पीड़िता के घर को सील कर दिया गया था। कोर्ट ने जब आसाराम को दोषी करार दिया, तब पीड़िता के पिता घर से बाहर आए और धन्यवाद दिया। उनके घर के सामने मीडिया का जमावड़ा रहा।

जिलाधिकारी अमृत त्रिपाठी स्वयं सुरक्षा की कमान संभाले हुए थे। सीसीटीवी कैमरे तो पहले ही लगा दिए गए थे। सादा वर्दी में भी पुलिस के जवान तैनात थे। हर गतिविधि पर नजर रखी जा रही थी। किसी को भी घर के अंदर जाने की इजाजत नहीं थी।

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