बच्ची ने तैयार किया 'कोविड-19 विक्ट्री गार्डन'

ऑरेगोन (अमरीका) की एक 12 साल की बच्ची मिलेनी गेबरियल ने 'कोविड-19 विक्ट्री गार्डन' तैयार किया है ताकि उसके माता-पिता की स्टोर्स पर निर्भरता कम हो सके।

By: Kiran Kaur

Updated: 21 May 2020, 11:48 AM IST

बीते दिनों की बात है जब विदेशों में ग्राॅसरी स्टोर्स को अपनी शेल्फ पर स्टाॅक को बनाए रखने में काफी मेहनत करनी पड़ रही थी। लगातार चीजों की कमी हो रही थी और लोगों को इससे दो-चार होना पड़ रहा था। इसी बात को ध्यान में रखते हुए ऑरेगोन (अमरीका) की एक 12 साल की बच्ची मिलेनी गेबरियल ने एक नया आइडिया खोजा। इस बच्ची ने 'कोविड-19 विक्ट्री गार्डन' तैयार किया है ताकि उसके माता-पिता की स्टोर्स पर निर्भरता कम हो सके। मिलेनी कहती हैं कि अब हमें मार्केट न जाकर गार्डन से फल या सब्जियां लानी होती हैं और उन्हें धोकर हम अपना भोजन तैयार कर लेते हैं। वे बताती है कि उसे यह आइडिया इस जानकारी से आया कि पहले और द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान भी लोगों ने विक्ट्री गार्डन बनाए थे। इस समय खाद्य संकट हो रहा है। ऐसे में लोगों को अपने घरों या सार्वजनिक स्थानों पर विक्ट्री गार्डन बनाने चाहिए। वे कहती हैं कि टाॅयलेट पेपर खरीदना मुश्किल हो गया है और चीजों के दाम आसमान पर हैं। ऐसे में लोगों को वह उगाना चाहिए जिसकी उन्हें सबसे ज्यादा जरूरत है। अगर लोग अपने घरों में सब्जियां उगाना शुरू कर देंगे तो स्टोर्स को उन लोगों के लिए स्टाॅक करने में आसानी होगी जो कि जगह न होने की वजह से इन्हें उगा नहीं सकते। मिलेनी ने अपने घर में कई पौधे लगाए हैं जिनमें बैंगन, बींस, तुरई, गोभी, लेट्यूस आदि शामिल हैं। अब उसका प्लान आलू और टमाटर लगाने का भी है। प्लांटिंग को बढ़ावा देने के लिए मेलिना ने एक प्रतियोगिता भी रखी है जिसमें हर किसी को अपने गार्डन की तस्वीर उसे भेजनी होगी। उसमें से हर महीने एक लकी विजेता का चुनाव होगा जिसे पुरस्कार के तौर पर 100 डाॅलर की राशि दी जाएगी। मेलिना ने बताया कि वह यह पुरस्कार अपनी सेविंग से देंगी। वे इन पैसों से जापान जाना चाहती थीं लेकिन अब उसका कहना है कि ऐसे कई लोग हैं जिन्हें इन पैसों की ज्यादा जरूरत है।

Kiran Kaur Desk
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