कांग्रेसियों ने ही कहा... परिवहन, आबकारी, खान, पुलिस सबमें उपर तक मंथली बंधी पहुंचती है

- सदन में अंदर से बाहर तक गूंजा परिवहन विभाग का भ्रष्टाचार
— परिवहन मंत्री ने एसीबी कार्रवाई पर उठाए सवाल, कहा एक ही इंस्पेक्टर को रंगे हाथों पकड़ा, शेष के घर पर कार्रवाई की, कार्रवाई से फैला दहशत का माहौल

 

Vikas Jain

17 Feb 2020, 02:18 PM IST

जयपुर। परिवहन विभाग के अधिकारियों के खिलाफ एसीबी कार्रवाई के बाद सोमवार को विधानसभा में अंदर से लेकर बाहर तक परिवहन विभाग और सरकार निशाने पर रही। भाजपा विधायकों के साथ कांग्रेस विधायकों ने भी सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि कई बड़े महकमों में उपर तक मासिक बंधी पहुंच रही है।

परिवहन विभाग के 90 फीसदी अफसर कर्मचारी भ्रष्ट — गुढ़ा

बसपा से कांग्रेस में शामिल हुए विधायक राजेंद्र सिंह गुढ़ा ने सदन से बाहर कहा कि परिवहन विभाग तो पूरा ही भ्रष्ट है। विभाग के 90 फीसदी अफसर कर्मचारी भ्रष्ट हैं, ऊपर तक मंथली पहुंचाते हैं। आबकारी को देखलो, खान विभाग को देख लो, सब भ्रष्ट हैं। पुलिस के अफसरों की स्थति देख लो ये बजरी और ठेकों से मंथली लेते हैं। सब जगह भ्रष्टाचार है, मैं तो कहता हूं दाल में काला नहीं पूरी दाल ही काली है।

राहुल गांधी चाहते हैं भ्रष्टाचार मुक्त, धारीवाल कमेटी ने भाजपा के भ्रष्टाचार को क्लीन चिट दे दी — मीणा

कांग्रेस विधायक रामनारायण मीणा ने कहा, भ्रष्टाचार जड़े जमा चुका है, कोई भी दूध से धुला नहीं है। हमारी ही सरकार ने पिछली सरकार के भ्रष्टाचार को क्लीन चिट दी, धारीवाल कमेटी को भाजपा राज के भ्रष्टाचार को क्लीन चिट नहीं देनी चाहिए थी। कमेटी के पास समय नहीं था तो ईमानदार विधायकों की कमेटी बना देनी चाहिए थी। हम भाजपा के भ्रष्टाचार के खिलाफ कार्रवाई करने, सुशासन देने के नाम पर सरकार में आए थे। राहुल गांधी भी यही चाहते हैं।

एक ही इंस्पेक्टर रंगे हाथों पकड़ा, बाकी के घरों पर कार्रवाई — प्रताप सिंह

पूरे मामले में परिवहन मंत्री प्रताप सिंह खाचरियावास ने एसीबी पर सवाल खड़े कर दिए हैं। खाचरियावास ने सदन से बाहर कहा कि एसीबी ने केवल एक ही इंस्पेक्टर को रंगे हाथों पकड़ा है, बाकी सबके घरों पर कार्रवाई की है। पैसा प्राइवेट बस ऑपरेटर के यहां जब्त हुआ है। इस तरह की कार्रवाई से दहशत का माहौल हो जाता है। कार्रवाई में विभाग के निर्दोष अफसरों को डरने की जरूरत नहीं है। मंत्री ने कहा कि इंस्पेक्टरों और अफसरों के काफी परिजन आज सुबह उनसे आकर मिले हैं, जिन्होने अपनी बात रखी है। इस मामले में आरटीओ डीटीओ की बैठक भी बुलाई है और किसी भी निर्दोष को डरने की जरूरत नहीं है। विभाग के किसी भी अफसर कर्मचारी को उनके पास आकर अपनी बात कहने का आने का अधिकार है। अधिकारी के घर पर एसीबी आती है तो वो खुलकर जवाब दें, डरने की जरूरत नही है। लोकतंत्र में हर किसी को असहमति दर्ज करवाने का हक है। इसलिए वो हमारे पास आए हैं। इस मामले में उन्होने कहा कि कई अधिकारी आपस में एक दूसरे की शिकायत करतें है जो आपसी प्रतिस्पर्धा है। भ्रष्टाचार के खिलाफ राजस्थान में जो भी कार्यवाही होती है वो मुख्यमंत्री और मंत्रियों के कहने पर ही होती है। परिवहन मंत्री ने कहा कि जिस भी विभाग में भ्रष्टाचार हुआ है उस हर विभाग में कार्यवाही हुई। फरवरी-मार्च का महीना रेवेन्यू का महीना होता है।

Vikas Jain Reporting
और पढ़े

राजस्थान पत्रिका लाइव टीवी

हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति और कूकीज नीति से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned