Vijayadashmi 2021 रावण के विशालकाय पुतलों का नहीं होगा दहन

राज्य सरकार की ओर से धार्मिक और सामाजिक आयोजनों में 200 लोगों की छूट मिलने के बाद शहर में रावण के पुतले बनाने वाले जरूर खुश नजर आ रहे है, लेकिन रावण दहन के बड़े आयोजनों के साथ इसबार दशहरा मेलों (Dussehra Fair) का आयोजन नहीं होगा। (Vijayadashmi 2021) दशहरा मेला आयोजन समितियां इस बार भी मेला आयोजित नहीं कर रही।

By: Girraj Sharma

Updated: 13 Oct 2021, 08:53 PM IST

Vijayadashmi 2021 रावण के विशालकाय पुतलों का नहीं होगा दहन
- दशहरा मेला आयोजन समितियों की ओर से नहीं होंगे बड़े आयोजन

जयपुर। राज्य सरकार की ओर से धार्मिक और सामाजिक आयोजनों में 200 लोगों की छूट मिलने के बाद शहर में रावण के पुतले बनाने वाले जरूर खुश नजर आ रहे है, लेकिन रावण दहन के बड़े आयोजनों के साथ इसबार दशहरा मेलों (Dussehra Fair) का आयोजन नहीं होगा। (Vijayadashmi 2021) दशहरा मेला आयोजन समितियां इस बार भी मेला आयोजित नहीं कर रही।

श्री सनातन धर्म सभा आदर्श नगर की ओर से विजयादशमी पर 2 साल पहले तक मेले का आयोजन किया जाता रहा, लेकिन कोविड के चलते पिछले साल भी मेले का आयोजन नहीं हो पाया, इस बार भी मेले का आयोजन नहीं होगा। सभा के उप सचिव राजीव मनचंदा के अनुसार रावण दहन की परंपरा यहां साठ के दशक से चली आ रही है, पहले मंदिर में रावण का पुतला बनाकर गोल चक्कर पर ले जाकर दहन किया जाता था। इसके बाद 1968 से रावण का पुतला बनाने के लिए मथुरा से कारीगर आने लगे। मथुरा से मुस्लिम परिवार यहां आकर रावण का पुतला बनाता रहा है। रावण के पुतले का आकार और लंबाई भी हर साल बढ़ती गई। दो साल पहले 105 फीट के रावण के पुतले का दहन किया गया। इसके साथ ही रावण के पुतले में विशेष लाइटिंग और आतिशबाजी भी की जाने लगी। उन्होंने बताया कि इस बार मेले का आयोजन नहीं होगा। सरकार के दिशा निर्देशों के अनुसार कार्यक्रम किया जाएगा।

न्यू गेट रामलीला मैदान में भी इस बार रावण दहन नहीं होगा। रामलीला महोत्सव समिति और गोलछा चेरिटेबल ट्रस्ट की ओर से यहां रामलीला व रावण दहन का कार्यक्रम होता है, लेकिन कोविड के चलते इस बार भी रावण दहन नहीं होगा। महामंत्री प्रवीण बड़े भैया ने बताया कि इस बार न रामलीला हुई और दशहरा पर न्यू गेट रामलीला मैदान में रावण दहन भी नहीं होगा।

रावण के पुतले सजधर कर तैयार...
राजधानी की रावण मंडी गोपालपुरा बाइपास के अलावा गोविंदमार्ग, टोंक रोड पर लक्ष्मी मंदिर तिराहा, बीटू बाइपास चौराहा, विद्याधरनगर में मंदिर मोड़, अंबाबाड़ी में रावण के पुतले सजधर कर तैयार है। लेकिन पिछले सालों की तुलना में मांग बहुत कम है। इस बार रावण का कद भी कम हो गया। दो साल पहले तक जहां 30 से 50 फीट तक के विशालकाय रावण के पुतले देखने को मिलते थे, वे इस बार नहीं दिख रहे। इस बार यहां दो से लेकर 20 फीट ऊंचाई तक के पुतले ही है। जिन्हें 500 रुपए से लेकर 5000 रुपए तक में बेचा जा रहा है।

Girraj Sharma Desk
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