बार-बार विफलता से भी कमजोर नहीं पड़े इरादे

कॅरियर की शुरुआत में इन्होंने टनल क्लब में बाउंसर के रूप में काम किया।

By: Archana Kumawat

Updated: 22 Aug 2020, 07:04 AM IST

इनका जन्म 1967 में कैलीफोर्निया में हुआ था। जब ये और इनके जुड़वा भाई का जन्म हुआ तो माता-पिता अलग हो गए थे। इसलिए दोनों बच्चों की परवरिश मां के कंधों पर ही थी। मां पेशे से ज्योतिषी थी। तलाक के कुछ समय बाद ही मां ने दूसरा विवाह कर दिया था, इसलिए पिता के रूप में इन्होंने सौतेल पिता को ही देखा, जो फिल्म इंडस्ट्री में काम किया करते थे। पिता के कारण इन्हें बचपन में ही फिल्मों से लगाव हो गया था। कम उम्र में ही ये फिल्म कलाकार बनने का सपना देखने लगे थे। प्रारंभिक शिक्षा के लिए इनका दाखिला विलेज कम्युनिटी स्कूल में करवाया गया। सात साल की उम्र में ही इन्होंने स्कूल में पहला नाटक किया। इस नाटक के बाद एक कलाकार के रूप में अपनी पहचान बनाने का जज्बा और बढ़ गया था। अब ये हर समय फिल्मों में काम करने के बारे में सोचा करते थे। हाई स्कूल की शिक्षा पूरी करने के बाद इन्होंने हंटर कॉलेज में दािखला लिया। इसी दौरान इन्होंने फिल्म थिएटर में काम करना शुरू किया। इस समय पिता ने बहुत साथ दिया। एक कलाकार में क्या खूबियां होनी चाहिए, ये इन्होंने पिता से सीखा।
क्रिएटिव राइटिंग के बारे में सीखा
हालांकि बचपन से ही ये फिल्मों में जाना चाहते थे इसलिए ये इसी दिशा में आगे बढऩे के लिए अपने कौशल को निखारने का काम करते थे। जब कॉलेज में किसी विषय के चुनाव की बात आई तो इन्होंने क्रिएटिव राइटिंग जैसे विषय का चुनाव किया। असल में ये एक कलाकार के साथ ही एक अच्छा लेखक और निर्माता बनना चाहते थे। क्रिएटिव राइटिंग की पढ़ाई करते हुए ये स्क्रीन प्ले रखने के लिए भी प्रेरित हुए। कॅरियर की शुरुआत में इन्होंने टनल क्लब में बाउंसर के रूप में काम किया।
23 साल की उम्र में बनें अभिनेता
छोटी स्क्रीन और थिएटर से तो ये लंबे समय तक जुड़े रहे लेकिन बड़ी स्क्रीन पर अपने हुनर का प्रदर्शन करने का मौका इन्हें 1990 में मिला। हालांकि ड्रामा फिल्म में इन्हें एक छोटा सा ही रोल मिला था। इस फिल्म के बाद इन्हें लोकप्रियता नहीं मिली लेकिन ये निराश नहीं हुए और अपने आत्मविश्वास को कमजोर नहीं पडऩे दिया। इस फिल्म को अकादमी पुरस्कार के लिए नॉमिनेट किया गया। करीब चार साल इन्होंने स्वयं ही एक डॉक्यूमेटरी बनाई। इसके निर्माता, निर्देशक, राइटर और अभिनेता ये स्वयं ही थे। फिल्म को 1995 में कान्स फिल्म फेस्टिवल में स्क्रीनिंग के लिए चुना गया। 1997 में इन्होंने अपनी पहली फीचर फिल्म बनाई। इस फिल्म में भी इन्होंने किरदार की भूमिका को शानदार तरीके से परदे पर उतारा लेकिन फिर भी ये फिल्म ज्यादा कमाई नहीं कर पाई। इन सबसे टूटने के बजाय ये आत्मविश्वास से आगे बढ़ते गए। इसके बाद मशहूर निर्देशक स्टीवन स्पीलबर्ग की फिल्म में काम किया, फिल्म में इनके अभिनय की जमकर तारीफ हुई। फिल्म दूसरे विश्व युद्ध पर आधारित थी, जिसने 5 ऑस्कर मिले। अब ये लगातार हॉलीवुड फिल्मों में अपने अभिनय लोगों को प्रभावित करते रहे। आगे चलकर इन्हें सुपरहिट एक्शन हीरो के रूप में भी पहचान मिली। ये मशहूर अभिनेता कोई और नहीं बल्कि विन डीजल ही है। वर्ष 2017 में विन डीजल को फोब्र्स मैग्जीन ने सबसे ज्यादा कमाई करने वाले अभिनेता के रूप में तीसरा स्थान दिया। विन डीजल को कॅरियर की शुरुआत में कई बार विफलाएं मिली लेकिन इन्होंने हार नहीं मानी और आगे बढ़ते हुए सफलता हासिल की। आज ये हॉलीवुड का बड़ा नाम है।

Archana Kumawat
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