इनके कैरेक्टर ने एनीमेशन की दुनिया में मचाई धूम

मिकी माउस पर बनी पहली मूवी का नाम स्टीव बोट विली था, जो 1928 में रिलीज हुई थी। यह मूवी काफी सफल हुई। मिकी माउस पर वाल्ट डिज्नी ने करीब 200 फिल्म्स बनाई। 1932 में वाल्ट ने पहली रंगीन कार्टून फिल्म लावर्स एंड ट्रीज बनाई।

By: Archana Kumawat

Published: 05 May 2020, 05:14 PM IST

इनका जन्म 1901 में शिकागो में हुआ था। ये पांच भाई-बहिन थे। पिता कंस्ट्रक्शन का काम किया करते थे। परिवार की आर्थिक स्थिति ठीक नहीं थी। पिता का स्वभाव भी सख्त था, वे अपने काम का तनाव अक्सर पत्नी और बच्चों पर ही निकाला करते थे। इस तरह घर में तनाव का माहौल रहता था। इन सबसे दूर रहने के लिए ये अपनी चित्रकारी में डूबे रहते थे। इन्हें कला से बहुत प्यार था। छोटी उम्र में ही इतनी अच्छी चित्रकारी करते कि उसे पड़ौसियों को बेचकर कुछ पैसा भी कमा लेते थे। जब ये पांच वर्ष थे उस समय परिवार मिसौरी के मर्सिलाइन नामक जगह चले गए थे। यहीं से इनकी स्कूल शिक्षा प्रारंभ हुई। पांच साल मर्सिलाइन में रहने के बाद पिता को कंसास सिटी में एक समाचार पत्र की डिलीवरी का ठेका मिला। अब पूरा परिवार केंसास सिटी जाकर बस गया था। पिता ने अखबार की डिलीवरी के काम में बेटों को भी लगा दिया था। अब ये अपने भाई के साथ स्कूल जाने से पहले और स्कूल के लौटने के बाद सडक़ों पर घूम-घूमकर अखबार बांटा करते थे। इसका असर पढ़ाई पर भी पडऩे लगा था और इनकी ग्रेड कम होने लगी थी। इस तरह छह सालों तक इन्होंने अखबार वितरण का काम किया, जो आमदनी होती उसे पिता को दे दें लेकिन पिता कभी पॉकेट मनी भी नहीं देते थे।
चित्रकारी करने से स्वयं को न रोक पाते
स्कूल और अखबार बांटने में उनका पूरा समय चला जाता लेकिन इसके बावजूद भी ये चित्रकारी करना नहीं भूलते थे। छह साल केंसास सिटी रहने के बाद पिता शिकागो की ओ-जेल जेली फैक्ट्री के शेयर होल्डर बन गए थे और वापस शिकागो चले गए। यहां इन्होंने अकादमी ऑफ फाइन आट्र्स के रात्रि स्कूल में दाखिला लिया और ड्राइंग तथा पेंटिंग सीखने लगे। स्नातक की उपाधि पाने के बाद ये सेना में जाना चाहते थे लेकिन कम उम्र की वजह से ये नहीं जा सके। इसके बाद इन्होंने रेडक्रॉस सोसाइटी जॉइन कर ली और फ्रांस भेज दिए गए। यहां एक साल तक एम्बुलेंस चलाने लगे। एम्बुलेंस पर भी इन्होंने अपनी चित्रकारी कर डाली। केंसास सिटी लौटने के बाद ये विज्ञापनों के लिए कार्टून बनाने लगे।
एनीमेशन पर काम करने का मिला मौका
इसी दौरान केंसास सिटी फिल्म एंड कंपनी के डायरेक्टर ने 50 डॉलर प्रति सप्ताह वेतन पर इन्हें अपनी कंपनी में काम करने का प्रस्ताव भेजा। इस आकर्षक प्रस्ताव को पाकर ये बहुत खुश हुए और कंपनी से जुड़ गए। यहां इन्होंने कटआउट एनीमेशन पर आधारित कमर्शियल विज्ञापन बनाएं। इस तरह इन्हें कैमरे और सेल एनीमेशन के बारे में सीखने का मौका भी मिला। इसके बाद इन्होंने अपनी व्यावसायिक कला की एक कंपनी ‘लाफ-ओ-ग्रास’ शुरू की लेकिन जल्द ही कंपनी का दिवाला निकल गया। इतना नुकसान होने पर भी इन्होंने हार नहीं मानी और कुछ नया करने की चाह में एक सुटकेट और 20 डॉलर लेकर फ्रांस से हॉलीवुड की ओर चल दिए।
हॉलीवुड में मिली पहचान
हॉलीवुड पहु्रंचकर इन्होंने ‘एलिस कॉमेडी’ नामक फिल्म बनाई। इस फिल्म के बाद इन्हें हॉलीवुड में पहचान मिली। इसी बीच इनके पास कुछ अन्य फिल्मे बनाने का प्रस्ताव भी आया। इनके लिए यह एक सुनहरा अवसर था लेकिन छोटे से गैराज में एक साथ कई फिल्मों का निर्माण संभव नहीं था। यहीं एक मशहूर कार्टून कैरेक्टर का जन्म हुआ, जिसने पूरी दुनिया को अपना दीवाना बना दिया। ये व्यक्ति कोई और नहीं बल्कि मशहूर अमरीकी निर्माता-निर्देशक, कार्टूनिस्ट, वॉइस आर्टिस्ट, स्क्रिप्ट राइटर और उद्यमी वाल्ट डिज्नी थे। यह कार्टून कैरेक्टर मिकी माउस ही था। मिकी माउस पर बनी पहली मूवी का नाम स्टीव बोट विली था, जो 1928 में रिलीज हुई थी। यह मूवी काफी सफल हुई। मिकी माउस पर वाल्ट डिज्नी ने करीब 200 फिल्म्स बनाई। 1932 में वाल्ट ने पहली रंगीन कार्टून फिल्म लावर्स एंड ट्रीज बनाई। वाल्ट डिज्नी को अपीन फिल्मों के लिए 22 ऑस्कर अवार्ड मिले। 1955 में वाल्ट डिज्नी ने डिज्नीलैंड तैयार किया। 1966 में फेफड़ों के कैंसर के चलते इस महान शख्स ने दुनिया को अलविदा कहा।

Archana Kumawat
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