Water Crisis : देश के 256 जिलों में जल संकट

Water Crisis : केंद्रीय जल शक्ति मंत्री गजेंद्र ङ्क्षसह शेखावत ने सोमवार को राज्यसभा में कहा कि देश में 256 जिलों के 1500 से अधिक प्रखंडों में जल संकट गहराने की आशंका है। इससे निपटने के लिए विशेष अभियान चलाया जा रहा है। शेखावत ने सदन में प्रश्नकाल के दौरान एक पूरक प्रश्न के उत्तर में नीति आयोग की रिपोर्ट 'कंपोजिट वॉटी मैनेजमेंट इंडेक्स' को खारिज कर दिया कि देश के 21 शहरों में वर्ष 2020 तक भू जल समाप्त हो जाएगा।

देश के 256 जिलों में जल संकट
केंद्रीय जल शक्ति मंत्री गजेंद्र ङ्क्षसह शेखावत ने सोमवार को राज्यसभा में कहा कि देश में 256 जिलों के 1500 से अधिक प्रखंडों में जल संकट गहराने की आशंका है। इससे निपटने के लिए विशेष अभियान चलाया जा रहा है।
शेखावत ने सदन में प्रश्नकाल के दौरान एक पूरक प्रश्न के उत्तर में नीति आयोग की रिपोर्ट 'कंपोजिट वॉटी मैनेजमेंट इंडेक्स' को खारिज कर दिया कि देश के 21 शहरों में वर्ष 2020 तक भू जल समाप्त हो जाएगा। उन्होंने कहा कि यह रिपोर्ट भू जल के पुनर्भरण और इसके निष्कासन के अनुमानों पर आधारित है। इसमें गहरे भू जल स्तर को ध्यान में नहीं रखा गया है।
जल शक्ति अभियान
उन्होंने कहा कि सरकार ने जल शक्ति अभियान शुरू किया है, जिसमें उन 256 जिलों के 1500 से अधिक प्रखंडों में भू जल स्तर सुधार के प्रयास किए जाएंगे। इसके लिए प्रत्येक जिले के लिए केंद्र, राज्य तथा स्थानीय अधिकारियों को मिलाकर एक दल का गठन किया गया है।
वर्षा जल पर ध्यान
शेखावत ने कहा कि देश में अनुमानित 3880 अरब घन मीटर वर्षा जल प्रत्येक वर्ष प्राप्त होता है। इसमें से वाष्पीकरण के बाद 1999.20 अरब घन मीटर जल प्राकृतिक रूप से बचता है। इसमें से भी उपयोग योग्य की उपलब्धता 1122 अरब घन मीटर है।
जल भंडारण क्षमता
कुल 690 अरब घन मीटर जल भूतल पर रहता है और 432 अरब घन मीटर जल भूगर्भ में चला जाता है। देश में सक्रिय जल भंडारण क्षमता 257.812 अरब घन मीटर है।

hanuman galwa Desk
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