'जल संकट पीड़ित राज्य अपनाएं बुलढाणा पैटर्न'

सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने पानी की कमी से जूझ रहे राज्यों को 'बुलढाणा पैटर्न' अपनाने की सलाह दी है। उन्होंने कहा है कि इससे न सिर्फ विकास को गति मिलेगी, बल्कि जल संकट दूर होगा और किसानों में खुशहाली आएगी।

By: anant

Updated: 29 Feb 2020, 06:06 PM IST

सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने पानी की कमी से जूझ रहे राज्यों को 'बुलढाणा पैटर्न' अपनाने की सलाह दी है। उन्होंने कहा है कि इससे न सिर्फ ढांचागत विकास को गति मिलेगी, बल्कि जल संकट दूर होगा और किसानों में खुशहाली आएगी। गडकरी ने कहा कि उत्तर प्रदेश के बुंदेलखंड में जल संकट कम करने के लिए उन्होंने राज्य सरकार को इस पैटर्न पर काम करने की सलाह दी है। बुंदेलखंड में जिस एक्सप्रेस-वे का निर्माण राज्य सरकार कर रही है 'बुलढाणा पैटर्न' को उसमें लागू किया जा सकता है।

गडकरी ने राजस्थान, मध्यप्रदेश, कर्नाटक, आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, छत्तीसगढ़ और जल संकट से जूझने वाले अन्य राज्यों से भी यह पैटर्न अपनाने का आग्रह किया है। महाराष्ट्र के बुलढाणा जिले में राष्ट्रीय राजमार्ग निर्माण के लिए अपनाए गए अपने 'बुलढाणा पैटर्न' की जानकारी देते हुए गडकरी ने कहा कि इस क्षेत्र में उन्होंने 491 किलोमीटर लंबी 12 सड़क परियोजनाओं के लिए काम आवंटित किया है। विदर्भ क्षेत्र के बुलढाणा में अन्य इलाकों की अपेक्षा औसतन बहुत कम वर्षा होती है और वहां किसान हमेशा जल संकट से जूझता है।

उन्होंने कहा कि बुलढाणा के कई गांवों में पानी नहीं है और महिलाओं को मीलों पैदल चलकर पानी लाना पड़ता है, जिसके कारण वहां का सामाजिक विकास भी अवरुद्ध होता है। लोग इन गांवों में बेटी का विवाह करना पसंद नहीं करते। पशुओं के लिए पानी नहीं होता इसलिए किसान गर्मी आने से पहले ही अपने पशु को कम दामों में बेचकर नुकसान उठाते हैं। खेत पानी के अभाव में सूखे पड़े रहते हैं, जिससे किसान आत्महत्या की घटनाएं भी वहां सबसे ज्यादा होती है।

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