खुशखबरी सतलज—रावी से राजस्थान को मिला डेढ गुना ज्यादा पानी

सतलज—रावी से राजस्थान को मिला डेढ गुना ज्यादा पानी
कई अंतरराज्यीय जल विवादों के बीच राजस्थान के लिए राहत की खबर
6.268 के मुकाबले मिला 9.050 मिलियन एकड फिट पानी

By: PUNEET SHARMA

Updated: 13 Jul 2020, 08:26 AM IST


जयपुर।
हरियाणा,मध्य प्रदेश समेत कई राज्यों से अपने हिस्से के पानी को लेने के लिए राजस्थान के अंतराराज्यीय जल विवाद चल रहे हैं। लेकिन इन तमाम विवादों के बीच अब राहत की खबर भी सामने आई है। राज्य को वर्ष 2019—20 में सतलज—रावी और व्यास नदियों का पानी तय हिस्सेदारी के मुकाबले डेढ़ गुना ज्यादा मिला है। जिससे हनुगानढ,बीकानेर और जैसलमेर में गांधी नहर से सिचाई के लिए पानी लेने वाले किसानों को काफी फायदा हुआ है।

बोर्ड में लगातार पैरवी का मिला फायदा
जल संसाधन विभाग के अधिकारियों के अनुसार सतलज—रावी और व्यास नदियों के पानी के प्रबंधन के लिए भाखड़ा बेस मैनेजमेंट बोर्ड गठित है। राजस्थान के अधिकारी यहां की परिस्थतियों के हिसाब से बोर्ड में ज्यादा से ज्यादा पानी लेने के लिए पैरवी करते रहे हैं। बीते साल प्रदेश की स्थितियों को देखते हुए बोर्ड में मजबूत पैरवी की गई और अन्य सालों के मुकाबले इंदिरा गांधी नगर के लिए 6.268 के मुकाबले मिला 9.050 मिलियन एकड फिट पानी ज्यादा मिला।

यूं आता है इन नदियों का पानी इंदिरागांधी नहर में
पंजाब में रावी नदी का पानी रणजीत सागर बांध में,व्यास नदी का पानी पोंग बांध में और सतलज का पानी भांखड़ा बांध मे आता है। इन बांधों का पानी अंतिम रूप से हरिके बांध में आता है और यहां से इंदिरा गांधी नहर के जरिए पानी राजस्थान के हनुगानगढ,बीकानेर और जैसलमेर में जाता है।


ऐसे मिलता रहा है बीते पांच सालों में पानी
वर्ष तय हिस्सेदारी पानी मिला
2015—16 6.728 7.837
2016—17 5.630 6.706
2017—18 6.528 7.588
2018—19 6.455 7.608
2019—20 6.268 9.051
पानी की मात्रा मिलियन एकड फिट में

PUNEET SHARMA Reporting
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