पानी बचाने की मुहिम के साथ रुकेगा बिजली का अपव्यय!

पानी बचाने की मुहिम के साथ रुकेगा बिजली का अपव्यय!

Avinash Bakolia | Publish: Jan, 20 2019 04:18:44 PM (IST) | Updated: Jan, 20 2019 04:18:45 PM (IST) Jaipur, Jaipur, Rajasthan, India

जलदाय विभाग ने की तैयारी, बढ़ेगा दायरा
3 करोड़ रुपए सालाना होगी बचत

 

जयपुर. जलदाय विभाग पानी बचाने की मुहिम के साथ-साथ अब बिजली बचत करने और अपव्यय को रोकने का भी काम करेगा। इसके लिए पम्पिंग स्टेशन पर सप्लाई होने वाली बिजली के दौरान पावर फैक्टर को बढ़ाएगा, जिससे न केवल बिजली का अपव्यय रुकेगा, बल्कि बिल में ज्यादा छूट भी मिलेगी। इसके लिए बिजली सप्लाई और इस्तेमाल होने की प्रक्रिया के दौरान अत्याधुनिक उपकरण लगाए जाएंगे। अभी बीसलपुर बांध इलाके में इंटेक पम्पिंग स्टेशन पर इसका उपयोग किया जा रहा है। अब राजधानी के 6 पम्पिंग स्टेशन को भी प्रभावी तरीके से दायरे में लाया जाएगा। इसके तहत पावर फैक्टर 0.95 से ज्यादा होता है तो डिस्कॉम छूट देता है। अभी जलदाय विभाग 1.80 करोड़ रुपए सालाना की छूट ले रहा है। अब 3 करोड़ रुपए से ज्यादा का फायदा लेने की तैयारी में है। इसके लिए पावर फैक्टर 0.99 तक ले जाने पर काम तेज कर दिया है।

ये पम्पिंग स्टेशन दायरे में आएंगे
जवाहर सर्कल, बालावाला, सेंट्रल पार्क, रामनिवास बाग, अमानीशाह नाला के पास, मानसरोवर इलाके में।

खुद नहीं, कंपनी लगाएगी पैसा
यह छूट पाने के लिए पावर फैक्टर को 0.95 से बढ़ाकर 0.99 करना होगा। इसके लिए अत्याधुनिक उपकरण की जरूरत है जिससे अपव्यय हो रही बिजली बचाई जा सके। यह काम अनुबंधित फर्मों के जरिए ही कराया जाएगा। इसके लिए फर्म को छूट राशि में से कुछ हिस्सा दिया जाएगा।

ऐसे रखा जाता है पावर फैक्टर मेंटेन
बिजली इस्तेमाल में लाए जाने से पहले अगर सेंट कैपेसिटर से होकर ना गुजरे तो बिजली का अपव्यय होता है। इस अपव्यय से होने वाले नुकसान की भरपाई के लिए पावर फैक्टर चार्ज उपभोक्ता से वसूला जाता है। पावर फैक्टर ठीक रखने के लिए सेंट कैपेसिटर लगाना जरूरी होता है।

जुर्माने का है प्रावधान
18 किलोवॉट से ज्यादा लोड वाले कनेक्शनधारी उपभोक्ता इसके दायरे में आते हैं। पावर फैक्टर मेंटेन नहीं करने पर जुर्माने का भी प्रावधान है। पावर फैक्टर 0.95 से कम होने पर पेनल्टी वसूली जाती है, क्योंकि इससे ग्रिड पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है।

अधिकतम 4 प्रतिशत की छूट
0.96 तक 1 प्रतिशत
0.97 तक 2 प्रतिशत
0.98 तक 3 प्रतिशत
0.99 तक 4 प्रतिशत
(पावर फैक्टर के तहत अधिकतम चार प्रतिशत तक छूट मिलती है)

बिजली का अपव्यय रोकने के लिए पम्पिंग स्टेशनों पर अधिकतम निर्धारित पावर फैक्टर पर काम कर रहे हैं। इससे सालाना करीब 3 करोड़ रुपए की बचत होगी।
दिनेश गोयल, अधिशासी अभियंता, जलदाय विभाग

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