घर—घर नल कनेक्शन का होगा 'थर्ड पार्टी इंस्पेक्शन'

प्रदेश के गांवों में जल जीवन मिशन (जेजेएम) (Jal Jivan Mission) के तहत 'हर घर नल कनेक्शन' के कार्यों की 'थर्ड पार्टी इंस्पेक्शन' भी कराया जाएगा। इसके साथ ही अधिकारी नियमित मॉनिटरिंग करेंगे। इसके लिए जलदाय विभाग (Water supply department) के अतिरिक्त मुख्य सचिव (एसीएस) सुधांश पंत ने अधिकारियों को निर्देश दिए है। पंत ने W 'हर घर नल कनेक्शन' के कार्यों में गति के साथ गुणवत्ता पर भी पूरा ध्यान देने अधिकारियों को निर्देश दिए।

By: Girraj Sharma

Updated: 09 Jun 2021, 10:41 PM IST

घर—घर नल कनेक्शन का होगा 'थर्ड पार्टी इंस्पेक्शन'
— जल जीवन मिशन की समीक्षा बैठक
— फील्ड में काम कर रहे अधिकारियों की होगी मॉनिटरिंग
— एसीएस ने अधिकारियों को दिए निर्देश

जयपुर। प्रदेश के गांवों में जल जीवन मिशन (जेजेएम) (Jal Jivan Mission) के तहत 'हर घर नल कनेक्शन' के कार्यों की 'थर्ड पार्टी इंस्पेक्शन' भी कराया जाएगा। इसके साथ ही अधिकारी नियमित मॉनिटरिंग करेंगे। इसके लिए जलदाय विभाग (Water supply department) के अतिरिक्त मुख्य सचिव (एसीएस) सुधांश पंत ने अधिकारियों को निर्देश दिए है।

पंत ने बुधवार को सचिवालय में जल जीवन मिशन की राज्य स्तरीय क्रियान्वयन टीम के अधिकारियों की बैठक ली, जिसमें जल जीवन मिशन के तहत 'हर घर नल कनेक्शन' के कार्यों में गति के साथ गुणवत्ता पर भी पूरा ध्यान देने अधिकारियों को निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि कार्यों में गुणवत्ता और पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए सभी स्तरों से सतत मॉनिटरिंग और 'थर्ड पार्टी इंस्पेक्शन' सहित ऐसे सभी तरीके अपनाए जाए, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में लम्बी अवधि तक बिना किसी व्यवधान के पेयजल आपूर्ति हो सके। उन्होंने कहा कि कार्यों की स्वीकृतियां समय पर जारी करने से लेकर लोगों को 'हर घर नल कनेक्शन' का वास्तविक लाभ देने तक सभी निर्धारित नार्म्स की पालना की जाए।

लक्ष्यों पर पूरा फोकस
एसीएस ने कहा कि राज्य स्तरीय क्रियान्वयन टीम के अधिकारी अपने स्तर पर फील्ड में कार्यरत अधिकारियों की प्रगति की मॉनिटरिंग करें। राज्य स्तरीय योजना स्वीकृति समिति (एसएलएसएससी) की बैठकों में जारी स्वीकृतियों की तुलना में तकनीकी स्वीकृतियां और निविदाओं के बकाया कार्य को पूरा कर सभी कार्यादेश शीघ्रता से जारी करे।

वाटर रिजर्वेशन पर लिया फीडबैक
पंत ने बैठक में अधिकारियों के साथ स्वीकृत परियोजनाओं के लिए जल स्रोत की उपलब्धता के बारे में भी चर्चा की। उन्होंने कहा कि जिन परियोजनाओं के लिए स्थाई स्रोत उपलब्ध नहीं है, वहां जेजेएम की गाइडलाइन के अनुसार वैकल्पिक व्यवस्था के सम्बंध में आवश्यक कार्रवाई करें। उन्होंने पेयजल परियोजनाओं के लिए 'वाटर रिजर्वेशन' के लेकर की गई कार्रवाई का भी फीडबैक लिया।

Girraj Sharma Desk
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