पानी की जरूरत का मास्टर प्लान

जल जीवन मिशन (Jal Jivan Mission) के तहत हर गांव में पानी की जरूरत का मास्टर प्लान (water requirement master plan) बनाया जा रहा है। इसके लिए हर गांव का विलेज एक्शन प्लान (वीएपी) यानी ग्राम कार्य योजना तैयार की जा रही है। प्रदेश के 43 हजार 323 गांवों में से अब तक 21 हजार 206 गांवों के विलेज एक्शन प्लान तैयार हो चुके है।

By: Girraj Sharma

Updated: 13 Sep 2021, 09:57 PM IST

पानी की जरूरत का मास्टर प्लान
— जल जीवन मिशन तहत हो रहा काम
— हर गांव का बनेगा विलेज एक्शन प्लान

जयपुर। जल जीवन मिशन (Jal Jivan Mission) के तहत हर गांव में पानी की जरूरत का मास्टर प्लान (water requirement master plan) बनाया जा रहा है। इसके लिए हर गांव का विलेज एक्शन प्लान (वीएपी) यानी ग्राम कार्य योजना तैयार की जा रही है। प्रदेश के 43 हजार 323 गांवों में से अब तक 21 हजार 206 गांवों के विलेज एक्शन प्लान तैयार हो चुके है।

जलदाय (Water supply department) मंत्री डॉ. बी.डी. कल्ला ने बताया कि प्रदेश में जेजेएम के तहत वर्ष 2024 गावों में हर घर को नल कनेक्शन से जोड़ने के लिए काम चल रहा है। गांवों में 'पानी समितियां' (ग्राम जल एवं स्वच्छता समितियां) बनाने के बाद अब सभी गांवों की 'ग्राम कार्य योजना' बनाने का काम भी किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि प्रदेश में गत 15 अगस्त को आयोजित ग्राम सभाओं में बड़ी संख्या में 'वीएपी' का अनुमोदन किया गया। अब 2 अक्टूबर को आयोजित होने वाली ग्राम सभाओं में शेष बचे गांवों की 'ग्राम कार्य योजनाओं' के अनुमोदन के लक्ष्य के साथ कार्य किया जा रहा है।

तीन जिलों में पूरे बने एक्शन प्लान
प्रदेश के तीन जिलों अजमेर, नागौर और जैसलमेर के सभी गांवों के विलेज एक्शन प्लान तैयार किए जा चुके है। सिरोही में 96 प्रतिशत, करौली में 94 प्रतिशत, कोटा में 92 प्रतिशत, हनुमानगढ़ में 88 प्रतिशत, श्रीगंगानगर और सवाई माधोपुर में 85-85 प्रतिशत, चितौड़गढ़ में 83 प्रतिशत तथा डूंगरपुर जिले में 74 प्रतिशत से अधिक गांवों के विलेज एक्शन प्लान तैयार कर लिए गए है। प्रदेश में कुल 21 हजार 206 गांवों के विलेज एक्शन प्लान तैयार हो चुके है।

जल जरूरतों का मास्टर प्लान
यह गांव विशेष की जल जरूरतों का मास्टर प्लान है। इसमें पेयजल की उपलब्धता के इतिहास और मौजूदा परिदृश्य के साथ बारिश के पैटर्न, अकाल या सूखें के स्थितियां, किसी भी समय आई प्राकृतिक आपदा का विवरण, आपात परिस्थिति में टैंकरों या अन्य संसाधनों से जल परिवहन का आंकलन, भू-गर्भ जल और जल स्रोतों की हालत, स्रोतों के सुदृढ़ीकरण या भू-जल रिचार्ज से सम्बंधित कार्य आदि पहलुओं के परिदृश्य को दर्शाया जाता है।

Girraj Sharma Desk
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