शहर और गांवों में जल परिवहन पर खर्च होंगे 6956.95 लाख रुपए

गर्मियों में प्रदेश के शहरों और गांवों में पेयजल प्रबंधन (Drinking water management) और जल परिवहन (water transport) पर 6956.95 लाख रुपए खर्च होंगे। सरकार ने (Water supply department) आगामी गर्मियों के सीजन के लिए प्रदेश के शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में जल परिवहन (टीओडब्ल्यू-ट्रांसपोर्टेशन ऑफ वाटर) की व्यवस्था के लिए अप्रेल से जुलाई तक के लिए 6956.95 लाख रुपए की प्रशासनिक और वित्तीय स्वीकृति जारी की है।

By: Girraj Sharma

Published: 19 Mar 2021, 07:17 PM IST

शहर और गांवों में जल परिवहन पर खर्च होंगे 6956.95 लाख रुपए
— सरकार ने गर्मियों में प्रदेश में पेयजल प्रबंधन दी स्वीकृति
— जल परिवहन के लिए 6956.95 लाख रुपए की प्रशासनिक व वित्तीय स्वीकृति जारी

जयपुर। गर्मियों में प्रदेश के शहरों और गांवों में पेयजल प्रबंधन (Drinking water management) और जल परिवहन (water transport) पर 6956.95 लाख रुपए खर्च होंगे। सरकार ने (Water supply department) आगामी गर्मियों के सीजन के लिए प्रदेश के शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में जल परिवहन (टीओडब्ल्यू-ट्रांसपोर्टेशन ऑफ वाटर) की व्यवस्था के लिए अप्रेल से जुलाई तक के लिए 6956.95 लाख रुपए की प्रशासनिक और वित्तीय स्वीकृति जारी की है। इसमें शहरी क्षेत्र के लिए 2776.70 लाख तथा ग्रामीण क्षेत्रों के लिए 4180.25 लाख रुपए की राशि शामिल है।

जलदाय मंत्री डॉ. बी.डी. कल्ला ने बताया कि शहरी क्षेत्रों में जयपुर के लिए 858.10 लाख रुपए जल परिवहन पर खर्च किए जाएंगे, वहीं जयपुर जिले के ग्रामीण क्षेत्र के लिए 95 लाख रुपए जल परिवहन व्यवस्था के लिए मंजूर किए गए है। कल्ला ने बताया कि जिलों में जहां कहीं भी और आवश्यकता पड़ेगी, वहां अतिरिक्त राशि या जल परिवहन की अवधि बढ़ाने के सम्बंध में विभाग के अधिकारियों की ओर से सम्बंधित जिला कलक्टर के माध्यम से प्रस्ताव जलदाय विभाग को भिजवाए जा सकेंगे। इस सम्बंध में सक्षम स्तर से विचार करते हुए निर्णय लिया जाएगा।

कलक्टर की सहमति पर होगी जल परिवहन व्यवस्था
जलदाय मंत्री ने बताया कि जिलों में जल परिवहन की व्यवस्था सम्बंधित जिला कलक्टर्स की अनुशंषा और सहमति के आधार पर की जाएगी। जिलों में जल परिवहन शुल्क का निर्धारण जिला कलक्टर्स की अध्यक्षता या उनके प्रतिनिधि (जो अतिरिक्त जिला कलक्टर से नीचे के स्तर का नहीं हो) की अध्यक्षता में गठित कमेटी की ओर से किया जाएगा। इस कमेटी में जिले में जलदाय विभाग के अधीक्षण अभियंता या उसके प्रतिनिधि (जो अधिशाषी अभियंता से नीचे के स्तर का नहीं हो), कोषाधिकारी और जिला कलेक्ट्रेट के लेखा सेवा के अधिकारी शामिल रहेंगे। इस कमेटी को एकल टेंडर की स्थिति में भी दर तय करने के पूरे अधिकार होंगे।

स्थान व जलापूर्ति भी तय करेगी समिति
जलदाय मंत्री ने बताया कि जिलों में सभी उपखण्डों पर एसडीएम की अध्यक्षता में सम्बंधित क्षेत्र में जल परिवहन के लिए स्थान तथा कितनी मात्रा में जलापूर्ति की जानी है, यह तय करने के लिए समितियों का गठन होगा। इनमें जलदाय विभाग के सहायक अभियंता इसके सदस्य सचिव होंगे। कमेटी में सम्बंधित क्षेत्र के विकास अधिकारी और तहसीलदार भी सदस्य के रूप में शामिल होंगे।

Girraj Sharma Desk
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