कम पानी, ठेेकेदार की मनमानी, बनी परेशानी

जयपुर। पावटा क्षेत्र व उसके आस पास के इलाके का सबसे पुराना बांध वैसे ही सूख चुका है, उसमें बचा हुआ पानी अब ठेकेदार की मनमानी के चलते कम किया जा रहा है। दरअसल मछली पकडऩे का ठेका लेने वाले अपनी आसानी के लिए बांध के बचे हुए पानी को कम कर रहे हैं, यही लोगों के लिए परेशानी का सबब बना हुआ है।

By: ajay Sharma

Updated: 10 May 2020, 10:28 PM IST

जयपुर। पावटा क्षेत्र व उसके आस पास के इलाके का सबसे पुराना बांध वैसे ही सूख चुका है, उसमें बचा हुआ पानी अब ठेकेदार की मनमानी के चलते कम किया जा रहा है। दरअसल मछली पकडऩे का ठेका लेने वाले अपनी आसानी के लिए बांध के बचे हुए पानी को कम कर रहे हैं, यही लोगों के लिए परेशानी का सबब बना हुआ है।
बांध के पास बसी पुल की ढाणीवासी बलबीर मीणा सहित कई लोगों का कहना है कि इस बांध पूरा पानी सूख चुका है व थोड़े से बचे पानी से बांध के आस-पास बसी करीब एक दर्जन से अधिक ढाणियों के बाशिन्दे अपने मवेशियों की प्यास बुझाते हैं व इस पानी को नहाने कपड़े आदि धोने में भी काम ले लेते हैं। इस क्षेत्र के लोगों को जब ठेकेदारो द्वारा बांध का पानी निकाल कर कम करने की जानकारी मिली तो ढाणीवासियों ने मौके पर जाकर आक्रोश जताते हुए मछलियां पकडऩे के काम को रोक दिया। उल्लेखनीय है कि 34 फुट 3 इंच है लेकिन वर्तमान में इसमें 5 फुट 6 इंच पानी है।
इस संबंध में कोटपूतली उपखण्ड अधिकारी नानू राम सैनी का कहना है कि सिंचाई विभाग के अधिकारियों ने मामले की जानकारी लेकर उचित कार्यवाही की जाएगी।
सहायक अभियन्ता सिंचाई विभाग कोटपूतली यश वीर सिंह चौधरी का कहना है कि ठेकेदार की ओर से बांध में पानी नहीं निकालने की जानकारी मिली है। ठेकेदार बांध के दोनों तरफ पाल बना कर बारिश का पानी बांध में नही आने देनेका काम कर रहे थे।

ajay Sharma Photographer
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