राजस्थान को बनाएंगे इन्वेस्टर फ्रेंडली स्टेट: गहलोत

chandra shekar pareek

Publish: Jun, 12 2019 10:01:24 PM (IST)

Jaipur, Jaipur, Rajasthan, India

मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कहा है कि सरकार राज्य में औद्योगिक निवेश के अनुकूल माहौल तैयार करेगी और इसके लिए मात्र 6 महीने में ही राजस्थान में निवेश को प्रोत्साहन व इन्वेस्टर फ्रेंडली बनाने के कदम उठाए गए हैं। मार्च महीने में लाया गया सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम (फैसिलिटेशन ऑफ एस्टेब्लिशमेंट एंड ऑपरेशन) अध्यादेश, 2019 तथा आज शुरू किया गया एमएसएमई वेब पोर्टल इसी दिशा में क्रांतिकारी कदम हैं। मुख्यमंत्री बुधवार को मुख्यमंत्री कार्यालय के कॉन्फ्रेंस हॉल में एमएसएमई वेबपोर्टल के शुभारंभ समारोह को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि इस पहल से प्रदेश के युवाओं की चिंता दूर होगी और रोजगार के बड़े अवसर उपलब्ध होंगे। इस मौके पर बड़ी संख्या में उपस्थित उद्यमियों को आश्वस्त करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि हमें आपकी परेशानियों का अहसास है। राज्य सरकार उद्यमों की स्थापना में आ रही बाधाएं दूर करने के लिए हमेशा तैयार है।

स्वघोषणा प्रपत्र भरकर शुरू कर सकेंगे उद्यम

राजस्थान देश का पहला ऐसा राज्य है जिसने सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्योग स्थापित करने के लिए ऐसा ऐतिहासिक अध्यादेश लागू किया है। अब राज्य में उद्यम लगाने के लिए एमएसएमई उद्यमियों को तीन साल तक किसी प्रकार की स्वीकृति की आवश्यकता नहीं होगी। इस वेबपोर्टल पर स्वघोषणा प्रपत्र भरकर ही उद्यमी अपना एमएसएमई उद्यम स्थापित कर सकेंगे। उन्हें किसी भी सरकारी दफ्तर के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे। उन्हें हर तरह के सरकारी हस्तक्षेप से मुक्ति मिलेगी और वे निश्चिंत होकर अपना कारोबार कर सकेंगे। आने वाले विधानसभा सत्र में ही इस अध्यादेश को बिल बनाकर एक्ट का रूप देंगे। आएगी नई उद्योग नीति, बनेगी एक्सपोर्ट प्रमोशन काउंसिल
मुख्यमंत्री ने कहा कि एग्रो प्रोसेसिंग यूनिट लगाने के लिए भी प्रदेश में 10 हैक्टेयर तक कृषि भूमि का लैंड यूज चेंज करने की आवश्यकता नहीं है। सरकार जल्द ही नई उद्योग नीति लाएगी। नेशनल एक्सपोर्ट प्रमोशन काउंसिल की तर्ज पर ही प्रदेश में भी एक्सपोर्ट प्रमोशन काउंसिल बनाई जाएगी तथा सिंगल विंडो सिस्टम को भी प्रभावी बनाया जाएगा। राजस्थान इंडस्ट्रियल प्रमोशन स्कीम (रिप्स) को भी और अधिक इन्वेस्टर फ्रेंडली बनाएंगे।

सौलर एवं विंड एनर्जी पॉलिसी में करेंगे सुधार

मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्होंने अपने पहले कार्यकाल में प्रदेश में विंड एनर्जी की संभावनाओं को पहचानते हुए इस दिशा में शुरूआत की थी। आज राजस्थान में करीब 4500 मेगावाट विंड एनर्जी का उत्पादन हो रहा है। सरकार सोलर एवं विंड एनर्जी पॉलिसी को भी बेहतर बनाएगी।

प्राप्ति प्रमाण पत्र दिए
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने वेब पोर्टल पर सेल्फ डिक्लरेशन प्रपत्र भरने वाले उद्यमियों अनिल भाटी, परमजीत कपूर, गौरव राजोरिया, पवन शर्मा तथा चेतन पनिया और विजय पनिया को उनके द्वारा स्थापित की जाने वाली एमएसएमई इकाइयों के लिए 'प्राप्ति का प्रमाण पत्रÓ प्रदान किया।

उद्योग मंत्री श्री परसादीलाल मीणा ने कहा कि इस अध्यादेश से प्रदेश में उद्योगों की स्थापना को गति मिलेगी। निवेश के अनुकूल माहौल बनेगा और रोजगार के अवसर बढ़ेंगे। मुख्य सचिव डीबी गुप्ता ने अध्यादेश एवं वेबपोर्टल के बारे में जानकारी देते हुए बताया कि इस अध्यादेश के प्रभावी होने से उद्यमियों की परेशानियां दूर होंगी।

अतिरिक्त मुख्य सचिव, उद्योग सुबोध अग्रवाल ने एमएसएमई सेक्टर के महत्व तथा वेबपोर्टल के बारे में प्रस्तुतीकरण दिया। इस अवसर पर नगरीय विकास मंत्री शांति धारीवाल, वन एवं पर्यावरण राज्य मंत्री सुखराम विश्नोई, उद्योग राज्यमंत्री अर्जुन बामनिया, मुख्यमंत्री के आर्थिक सलाहकार अरविंद मायाराम एवं सलाहकार (मुख्यमंत्री) गोविंद शर्मा सहित विभिन्न विभागों के उच्चाधिकारी उपस्थित थे।

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