पहले दौर में झमाझम बरसेगा मानसून!

मौसम विभाग ने दिए संकेत प्रदेश में मानसून के पहले चरण में मूसलाधार बारिश होने की उम्मीद
अगले तीन दिन बरसेंगी राहत की बौछारें.....

By: anand yadav

Published: 07 Jun 2018, 11:27 AM IST

जयपुर। दक्षिण पश्चिमी मानसून कर्नाटक से आगे बढ़कर आंध्र प्रदेश के तटीय इलाकों से होकर महाराष्ट्र तक पहुंच गया है और अगले दो तीन दिन में मानसून पूरे महाराष्ट्र में सक्रिय हो जाएगा। वहीं दूसरी तरफ प्रदेश में बीते चौबीस घंटे में बदले मौसम ने आसमान से बरसते अंगारों से बड़ी राहत दिलाई और अब मौसम विभाग ने अगले तीन दिन यानि इस सप्ताह के शेष दिनों में आसमानी आफत से राहत मिलने की संभावना जता दी है। माना जा रहा है कि अगले तीन दिन प्रदेश के पूर्वोत्तर इलाकों में हल्की तो कहीं मध्यम बारिश होने की उम्मीद है। हालांकि मौसम वैज्ञानिक राजधानी समेत कई इलाकों में जून के दूसरे पखवाड़े तक ही मानसून पूर्व बारिश का दौर शुरू होने की संभावना जता रहे हैं ।

 

 

हवा में नमी घटने से सुस्त हुआ प्री मानसून बारिश का दौर
मौसम विभाग के सूत्रों की मानें तो प्रदेश में इस बार भीषण गर्मी का दौर लंबा खिंचने के कारण हवा में नमी घट गई है जिसके कारण से दस जून के आस पास शुरू होने वाला मानसून पूर्व बारिश का दौर इस बार कमजोर रहने का अंदेशा है। माना जा रहा है कि इस बार जून के तीसरे सप्ताह में ही पूरे प्रदेश में मानसून पूर्व वर्षा तंत्र सक्रिय हो पाएगा।

 

 

जुलाई के दूसरे सप्ताह में पूरे प्रदेश में शुरू होगी झमाझम बारिश
मौसम विशेषज्ञों के अनुसार प्रदेश में कोटा,बांसवाड़ा उदयपुर के रास्ते दक्षिण पश्चिमी मानसून जून के अंतिम सप्ताह में प्रवेश करता है और अगले सप्ताहभर में पूरे प्रदेशभर में मानसूनी बादलों का डेरा जम जाता है। वहीं इस बार जून के आखिरी सप्ताह बजाय मानसून जुलाई के पहले सप्ताह की शुरूआत में मानसून प्रदेश में एंट्री कर सकता है और जुलाई के दूसरे सप्ताह में प्रदेशभर में मानसूनी बारिश का दौर शुरू होने की उम्मीद है।
पहले दौर में तेज बारिश की उम्मीद
प्रदेश में इस बार रहे भीषण गर्मी के दौर को देखते हुए मौसम वैज्ञानिकों ने इस बार दक्षिण पश्चिमी मानसून की एंट्री के बाद शुरू होने वाले मानसूनी बारिश के पहले दौर में प्रदेश के कई इलाकों में मूसलाधार बारिश होने के संकेत दिए हैं। मूसलाधार बारिश किन जिलों में हो सकती है फिलहाल इसकी स्थिति तो मानसून के गुजरात पहुंचने के बाद ही स्पष्ट होने के संकेत मौसम वैज्ञानिकों ने दिए हैं।

 

 


बादलों ने डाला डेरा, धूप की तपिश से मिली राहत

प्रदेश में बीते चौबीस घंटे में चली धूलभरी हवाएं और मेघगर्जन के साथ हुई बारिश से मौसम ने पलटा खाया। श्रीगंगानगर, जयपुर और पिलानी में दिन का तापमान पहली बार सीजन में 40 डिग्री से कम दर्ज हुआ। मौसम वैज्ञानिकों की मानें तो अगले दो तीन दिन प्रदेश में पश्चिम के कुछ हिस्सों को छोड़कर शेष भागों में गर्मी के तेवर नर्म रहने वाले हैं। पंजाब,हरियाणा,चंडीगढ़,दिल्ली और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में बने चक्रवाती तंत्र के असर से अगले दो तीन दिन प्रदेश के अधिकांश इलाकों में धूलभरी हवाएं चलने और बारिश होने के पूर्वानुमान मौसम केंद्र ने जारी किए हैं।
राजधानी में आज सुबह भी बादलों की आवाजाही रही जिसके चलते सुबह से धूप की आंखमिचौनी जारी रही। बादलों के कारण धूप की तपन गायब रही लेकिन बीती रात से लेकर आज सुबह तक हवा में नमी कम रहने से उमस से लोग बेहाल रहे। शहर में बीती रात तापमान में आंशिक बढ़ोतरी हुई और आज न्यूनतम तापमान 30.3 डिग्री रहा वहीं आज सुबह नौ बजे दिन का पारा 32 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड हुआ है। स्थानीय मौसम केंद्र के अनुसार शहर में आज बादल छाए रहने व धूलभरी हवा के साथ मेघगर्जन और छितराई बौछारें गिरने की संभावना है।

anand yadav Desk
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