आखिर ऐसा क्या हुआ कि एसएमएस अस्पताल हो गया पानी-पानी, जानिए वजह

सवाई मानसिंह अस्पताल में आग से निपटने के इंतजाम में मंगलवार को बड़ी खामी देखने को मिली।

जयपुर। सवाई मानसिंह अस्पताल में आग से निपटने के इंतजाम में मंगलवार को बड़ी खामी देखने को मिली। प्रशासन की लापरवाही का खामियाजा अस्पताल के सैंकड़ों मरीजों को उठाना पड़ा। आग के इंतजाम के लिए करीब एक करोड़ दस लाख रुपए की लागत से लगाए गए फायर फाइटिंग सिस्टम की ट्रायल के दौरान ही पोल खुल गई। सार्वजनिक निर्माण विभाग (इलेक्ट्रिक) विभाग की ओर से दोपहर 12.30 बजे अस्पताल में लगी हाइड्रेंट की लाइन की टेस्टिंग की गई। टेस्टिंग के दौरान 16 नंबर एक्स-रे रूम के बाहर लगी लाइन में लीकेज हो गया, जिससे भूतल पर हर जगह पानी भर गया। इसके तुरंत बाद ही साउथ विंग की तरफ जाने वाले रास्ते में भी हाइड्रेंट लाइन में लीकेज होना शुरू हो गया। अचानक हुए लीकेज से चारों तरफ अफरा-तफरी का माहौल हो गया। सूचना पर विभाग के कर्मचारी पहुंचे और उन्होंने तुरंत सप्लाई बंद कर लीकेज को ठीक किया।

लीकेज के दौरान पानी का प्रेशर इतनी तेजी से आया कि कुछ ही देर में रेडियो डायग्नोसिस विभाग में पानी भर गया। जिससे एक घंटे तक काम ठप हो गया। एक्स-रे और सोनोग्राफी नहीं हो सकी। पानी भरने से मरीजों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। कप्यूटर ऑपरेटर मुकेश ने बताया कि खिड़की के पास ही हाइड्रेंट की लाइन है। अचानक लीकेज हुआ तो पानी तेजी से खिड़की पर आने लगा। घबराकर सारे कप्यूटर बंद कर दिए और सभी बाहर निकल गए। वहीं भूतल पर लाइफ लाइन स्टोर और आस-पास के कमरों में भी पानी भर गया। कर्मचारियों को पानी निकालने में करीब एक घंटे का समय लगा।

अभिषेक व्यास
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