एबीवीपी का यह कैसा राष्ट्रवाद!मंच से गाते रहे राष्ट्रगान, लाठियां लेकर लड़ते रहे पदाधिकारी,कार्यकर्ता

एबीवीपी का यह कैसा राष्ट्रवाद!मंच से गाते रहे राष्ट्रगान, लाठियां लेकर लड़ते रहे पदाधिकारी,कार्यकर्ता
What kind of nationalism of ABVP

HIMANSHU SHARMA | Updated: 14 Aug 2019, 12:12:54 PM (IST) Jaipur, Rajasthan, India


तिरंगा रैली में मंच से चार बार गाया राष्ट्रगान,लेकिन इस दौरान पदाधिकारी,कार्यकर्ता आपस में उलझते रहे


जयपुर
राजस्थान विश्वविद्यालय में युवाओं में राष्ट्रवाद की अलख जगाने के लिए निकाली गई एबीवीपी की रैली में संगठन के कार्यकर्ता और उसके पदाधिकारी खुद राष्ट्रवाद भूल गए। मंगलवार को एबीवीपी ने हाथों में तिरंगा लिए कैंपस में शक्ति प्रदर्शन किया और तिरंगा रैली निकाली। लेकिन इस रैली में एबीवीपी के पदाधिकारियों कार्यकर्ताओं और छात्रनेताओं के समर्थकों ने राष्ट्रगान का जमकर अपपान किया। विश्वविद्यालय के लॉ कॉलेज ग्राउंड में रैली की सभा के दौरान विद्यार्थी परिषद कें प्रांत संगठन मंत्री मंच से राष्ट्रगान जन गन मन का गाते रहे लेकिन इस दौरान एबीवीपी के पदाधिकारी,कार्यकर्ता आपस में उलझते रहे। राष्ट्रवाद का पाठ पढ़ाने वाले संगठन के कार्यकर्ताओं ने इस तरह से राष्ट्रगान का अपमान किया कि मंच से राष्ट्रगान होता रहा और कार्यकर्ताओं में हाथापाई होती रही। इस दौरान जमकर भगदड़ मची। मामला यही नहीं रुका। मंच से बार बार चार बार राष्ट्रगान गाया गया और चारों बार एबीवीपी के कार्यकर्ताओं और नेताओं के समर्थक एक दूसरे से उलझते रहे। हाथों में लाठियां लिए भागते रहे और आपस में मारपीट करते रहे। एबीवीपी की रैली में राष्ट्र प्रेम जगाने के लिए शामिल हुए लोग खुद ही राष्ट्रवाद भूल गए और राष्ट्रगान का चार बार अपमान किया। आपको बता दे कि एबीवीपी ने राष्ट्रीय मुदृदें राष्ट्रवाद के नाम जम्मू-कश्मीर से धारा 370 हटाने के केंद्र सरकार के फैसले के बाद युवाओं में राष्ट्रवाद की अलख जगाने के लिए यह रैली निकाली थी। इस रैली में आए कार्यकर्ता आपस में ही उलझ गए और लड़ने लगे। इस लड़ाई को रोकने के लिए मंच से पदाधिकारियों ने चार बार राष्ट्रगान गाया जिससे कि वहां पर सब सावधान हो जाए और लड़ाई रूक जाए। लेकिन इसका उन पर कोई असर नहीं दिखा और वह आपस लाठियां लेकर ऐसे ही लड़ते रहे। मौके पर मौजूद पुलिस ने मामले को संभाला।

 

राजस्थान पत्रिका लाइव टीवी

खबरें और लेख पढ़ने का आपका अनुभव बेहतर हो और आप तक आपकी पसंद का कंटेंट पहुंचे , यह सुनिश्चित करने के लिए हम अपनी वेबसाइट में कूकीज (Cookies) का इस्तेमाल करते हैं। हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति (Privacy Policy ) और कूकीज नीति (Cookies Policy ) से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned