जब कृषि विषय में बीएड होती ही नहीं तो भर्ती के लिए जरुरी क्यों ?-हाईकोर्ट जयपुर

(Rajasthan Highcourt) हाईकोर्ट ने प्रमुख शिक्षा सचिव, प्रमुख कार्मिक सचिव, माध्यमिक शिक्षा निदेशक और आरपीएससी सहित अन्य को नोटिस जारी कर पूछा है कि जब प्रदेश में (agriculture) कृषि विषय से (Bed course) बीएड कोर्स ही नहीं होता है तो (agriculture lecturer) कृषि व्याख्याता भर्ती के लिए इस विषय में बीएड को (mandatory) अनिवार्य शर्त क्यों बनाया गया ?

By: Mukesh Sharma

Published: 03 Jan 2020, 07:55 PM IST

जयपुर

(Rajasthan Highcourt) हाईकोर्ट ने प्रमुख शिक्षा सचिव, प्रमुख कार्मिक सचिव, माध्यमिक शिक्षा निदेशक और आरपीएससी सहित अन्य को नोटिस जारी कर पूछा है कि जब प्रदेश में (agriculture) कृषि विषय से (Bed course) बीएड कोर्स ही नहीं होता है तो (agriculture lecturer) कृषि व्याख्याता भर्ती के लिए इस विषय में बीएड को (mandatory) अनिवार्य शर्त क्यों बनाया गया ? जस्टिस संगीत राज लोढ़ा और जस्टिस महेन्द्र कुमार गोयल की बैंच ने यह आदेश दीपक कुमार व अन्य की याचिका पर दिए।
याचिकाकर्ताओं का कहना था कि आरपीएससी ने 13 अप्रैल 2018 को कृषि व्याख्याता के 370 पदों के लिए भर्ती का विज्ञापन जारी किया। इसके लिए एम.ए.के साथ बीएड होने की पात्रता तय की। जबकि राजस्थान में कृषि संकाय में बीएड ही नहीं होती। इस कारण याचिकाकर्ता भर्ती प्रक्रिया से बाहर हो रहे हैं। साथ ही यह भी बताया गया कि गृह विज्ञान और चित्रकला में भी बीएड नहीं होती है और इन दोनों ही विषयों के व्याख्याता पद के लिए बीएड होना जरुरी नहीं है। इसलिए कृषि व्याख्याता पद के लिए भी बीएड होना जरुरी नहीं होना चाहिए।

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