कहां गए पंचायतों के 18 सौ करोड़ रुपए

केन्द्र में भाजपा BJP और राज्य में कांग्रेस सरकारCongress government का असर अब प्रदेश के विकास पर दिखना शुरू हो गया है। राजनीतिक दलों Political parties में इस पर सियासत भी शुरू कर दी है। मामला है पंचायत मद के 18 हजार सौ करोड़ रुपए का। ये पैसा केन्द्र सरकार ने गांवों के विकास के लिए राज्य सरकार को भेजा था। इस पैसे को पंचायतों के जरिए गांवों के विकास पर खर्च किया जाना था। लेकिन राज्य सरकार ने इसे अन्यत्र खर्च के लिए पीडी अकाउंट PD account में डाल दिया है।

जयपुर
केन्द्र में भाजपा BJP और राज्य में कांग्रेस सरकार Congress government का असर अब प्रदेश के विकास पर दिखना शुरू हो गया है। राजनीतिक दलों Political parties में इस पर सियासत भी शुरू कर दी है। मामला है पंचायत मद के 18 हजार सौ करोड़ रुपए का। ये पैसा केन्द्र सरकार ने गांवों के विकास के लिए राज्य सरकार को भेजा था। इस पैसे को पंचायतों के जरिए गांवों के विकास पर खर्च किया जाना था। लेकिन राज्य सरकार ने इसे अन्यत्र खर्च के लिए पीडी अकाउंट PD account में डाल दिया है।

सरपंच संघ ने खोला मोर्चा
पंचायत खाते के 18 सौ करोड़ रुपए को पीडी अकाउंट में डालने के साथ ही गांवों में जनप्रतिनिधियों ने सरकार के इस निर्णय के खिलाफ आवाज उठानी शुरू कर दी। अब सभी सरपंचों ने संरपच संघ के बैनर तले इस मामले में राज्य सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। वे इस मामले में मुख्यमंत्री अशोक गहलोत को ज्ञापन सौंपकर विरोध जता चुके हैं। संघ के पदाधिकाधिकारियों ने अब पूर्व केन्द्रीय मंत्री एवं सांसद राज्यवर्धन सिंह राठौड़ और केन्द्रीय पंचायतराज मंत्री नरेन्द्र तोमर Union Panchayat Raj Minister Narendra Tomar को ज्ञापन सौंपकर एफएफसी की वर्ष 2019—20 की 1800 सौ करोड़ की किश्त की राशि पंचायत के खाते में डलवाने की मांग की है। वे चाहते हैं कि केन्द्र सरकार राज्य सरकार से बातचीत करके किसी भी तरह पंचायत का पैसा उसके खाते में डलवाएं, जिससे गांवों में पंचायतों के जरिए विकास के कार्य करवाए जा सकें।

राज्यवर्धन ने पायलट से की दखल की मांग
राजस्थान सरपंच संघ Sarpanch sangh के प्रदेशाध्यक्ष भंवरलाल जानू Bhanwarlal Janu के अनुसार 25 अक्टूबर को केन्द्र ने पंचायत के मद में 18 सौ करोड़ रुपए राज्य सरकार को दिए थे, लेकिन राज्य सरकार ने 15 नवंबर को यह राशि पंचायत खाते में ट्रांसफर करने के बजाय पीडी अकाउंट में डाल दी। इसके चलते प्रदेश की सभी पंचायतों में विकास कार्य हुए ठप पड़ें है। दूसरी तरफ पूर्व केन्द्रीय मंत्री राज्यवर्धनसिंह राठौड़ ने इस मामले को लेकर राज्य सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने उपमुख्यमंत्री और पंचायतराज मंत्री सचिन पायलट से इस मामले में दखल देने की मांग की है। साथ ही सरपंच संघ को विश्वास दिलाया है कि वे इस मामले में उनके साथ हैं।

पंचायत चुनाव से पहले मुद्दे को तूल देने की तैयारी
फिलहाल निकाय चुनाव चल रहे हैं, इनके बाद प्रदेश में पंचायत चुनाव होंगे, इससे पहले ही भाजपा इस मामले को तूल देने में जुट गई है। भाजपा किसान मोर्चा के कार्यकर्ता जहां इस मुदृदे को जोर शोर से उठाने की तैयारी कर रहे हैं, वहीं भारतीय किसान संघ के कार्यकर्ता भी राज्य सरकार के इस निर्णय को गलत बता रहे हैं। उनका कहना है कि भारत की आत्मा गांवों में बसती है, गांवों का विकास ही भारत के विकास का असली प्रतिबिम्ब है। सरकार चाहे गांवों के विकास के लाख दावें करें, लेकिन जब तक सरकार पंचायत के फंड का उपयोग पूरा गांवों के विकास में नहीं करेगी तब तक गांवों के विकास का सपना अधूरा रहेगा।

Prakash Kumawat
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