कौन सा नगर निगम नहीं चला पाया जेट मशीन, इसलिए ठेके पर देना पड़ा पूरे शहर का सीवरेज सिस्टम

— नाकामी की आड़ में मुफ्त में ठेकेदारों को सौंपी जाएंगी करोड़ों की जेट मशीनें

 

By: Pawan kumar

Published: 16 May 2018, 11:18 AM IST

जयपुर। क्या आप इस बात पर यकीन करेंगे कि जयपुर नगर निगम का लम्बा चौड़ा अमला जेट मशीनों का संचालन नहीं कर पाया, इसलिए पूरे शहर के सीवरेज सिस्टम को ठेके पर दिया जा रहा है। नगर निगम प्रशासन की मानें तो ऐसा ही हुआ है। निगम ने जेट मशीनों के संचालन के लिए कुशल लोग लेने की बजाय ना सिर्फ सीवरेज सिस्टम को ठेके पर देने की योजना बना ली, बल्कि 6 करोड़ कीमत की जेट मशीनें मुफ्त में ठेकेदार को देने की गली निकाल ली।

ये है नगर निगम की दलील
नगर निगम प्रशासन का कहना है कि जयपुर के चारदीवारी इलाके की सीवरेज लाइन बहुत पुरानी हो चुकी हैं। कुछ सीवरेज लाइंस की स्थिति खराब है। आए दिन सीवर लाइन ओवरफ्लो होने और जाम होने जैसी शिकायतें आती रहती है। निगम के पास सीवरेज लाइन की सफाई करने के लिए जेट मशीनें हैं। लेकिन निगम के पास इन मशीनों का कुशलता से संचालन करने वाले लोग नहीं है। इसके कारण जेट मशीनों का उपयोग नहीं हो पाता था। इसे देखते हुए निगम ने सभी 91 वार्डों की सीवरेज सफाई और रखरखाव ठेके पर देने की योजना बनाई है। निगम ने सभी 8 जोन के लिए टेंडर कर दिए हैं। इनमें से 4 जोन के लिए फर्म का चयन कर लिया गया है। जल्द ही वर्क आॅर्डर जारी कर दिया जाएगा।


ये है निगम का फ्री फ्लो प्लान
नगर निगम ने शहर के 8 जोन के सीवरेज सिस्टम को 9 भागों में बांटा है। विद्याधर नगर को 2 भागों में बांटा गया है। निगम ने सीवरेज सिस्टम के संचालन और रखरखाव के लिए टेंडर जारी किए हैं। टेंडर लेने वाली फर्म को 3 साल की अवधि तक सीवरेज सिस्टम का फ्री फ्लो संचालन सुनिश्चित करना होगा। निगम ठेकेदार फर्म को 6 करोड़ कीमत वाली 24 जेट मशीनों सहित अन्य संसाधन मुफ्त में उपलब्ध करवाएगा। एक जेट मशीन की कीमत 25 लाख है, इस लिहाज से 24 जेट मशीनों की कीमत 6 करोड़ रूपए बनती है। यानी निगम ठेकेदार फर्म को साढ़े 19 करोड़ रूपए भुगतान करने के साथ—साथ 6 करोड़ की जेट मशीनें, जेसीबी और अन्य संसाधन फ्री में मुहैया करवाएगा।

24 घंटे में करना होगा शिकायत समाधान
निगम प्रशासन का कहना है कि सीवरेज सिस्टम की सफाई और रखरखाव ठेकेदार फर्म करेगी, लेकिन काम की मॉनिटरिंग निगम करेगा। सीवरेज संबंधी शिकायतों का समाधान 24 घंटे के भीतर करना होगा। यदि ठेकेदार फर्म 24 घंटे में शिकायतों का समाधान नहीं करेगी, तो उस पर जुर्माना लगाया जाएगा। ठेकेदार फर्म सीवरेज का मेंटिनेंस बेहतर ढंग से करें, इसके लिए जोन उपायुक्त कार्यालयों को जिम्मा सौंपा जाएगा।

क्या बोले जिम्मेदार —
नगर निगम के आयुक्त रवि जैन का कहना है कि निगम जेट मशीनों को सही ढंग से आॅपरेट नहीं कर पा रहा था। इसलिए सीवरेज सिस्टम का रखरखाव निजी फर्म से करवाने की योजना बनाई है। निगम की जेट मशीनों सहित अन्य संसाधन ठेकेदार फर्म को दिए जाएंगे, ताकि वो बेहतर ढंग से काम कर पाएं।

नगर निगम किस जोन के सीवरेज सिस्टम को फ्री फ्लो बनाने पर कितना पैसा खर्च करेगा, ये भी आपको बताते हैं।

जोनवार इतना पैसा होगा खर्च

सिविल लाइंस जोन— 281.25 लाख

मानसरोवर जोन — 209.70 लाख

हवामहल पूर्व जोन — 252.78 लाख

हवामहल पश्चिम — 176.43 लाख

मोतीडूंगरी जोन — 176.25 लाख

विद्याधर नगर—1 जोन — 290.76 लाख

विद्याधर नगर—2 जोन — 185.94 लाख

आमेर जोन — 133.35 लाख

सांगानेर जोन — 243.30 लाख

कुल खर्च होगा — 1949.76 लाख

Pawan kumar Desk
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