साफ छवि वाले नेताजी से क्यों रुष्ट है उनकी पत्नी, देखिये ये कार्टून

साफ छवि वाले नेताजी से क्यों रुष्ट है उनकी पत्नी, देखिये ये कार्टून

By: Sudhakar

Published: 20 Jul 2020, 01:08 AM IST

हर आदमी की यह तमन्ना होती है कि उसे अपनी जिंदगी में नाम- यश मिले . बदनामी से हर व्यक्ति बचना चाहता है .लेकिन राजनीति की बात करें तो वहां मामला कुछ अलग है वहां 'बदनाम हुए तो क्या, नाम तो हुआ' का सिद्धांत चलता है .वर्तमान दौर में राजनीति में स्वच्छ छवि शुचिता और सिद्धांतों का कुछ खास महत्व नहीं रह गया है .इस दौर में वही नेता ऊंचे मुकाम पर जाता है जो चर्चित हो. कई साफ छवि वाले नेता इसलिए गुमनामी के अंधेरे में खो कर रह जाते हैं क्योंकि उन्हें चर्चा में रहना नही आता. कई बार तो उनसे जुड़े हुए लोग भी उनके गुणों की पहचान नही कर पाते.इसलिए जब नेताओं पर किसी भी तरह के आरोप लगते हैं तो वे उनसे खास विचलित नहीं होते, क्योंकि वे जानते हैं कि जनता उनके घोटाले और भ्रष्टाचार कुछ समय बाद भूल जाएगी और उन्हें फिर से चुन लेगी.ये ही हमारे देश की विडंबना है कि बाहरी दिखावे और आडम्बर की चमक में गुणों की चमक फीकी पड़ती जा रही है. देखिए इस मुद्दे पर कार्टून सुधाकर का यह कार्टून

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