लॉकडाउन में जनप्रतिनिधियों की ओर से दी जा रही मदद जरुरतमंदों तक क्यों नहीं पहुंच रही, देखिए कार्टूनिस्ट लोकेन्द्र की नजर से

लॉकडाउन में जनप्रतिनिधियों की ओर से दी जा रही मदद जरुरतमंदों तक क्यों नहीं पहुंच रही, देखिए कार्टूनिस्ट लोकेन्द्र की नजर से

By: lokendra singh

Published: 07 Apr 2020, 11:32 PM IST


कोरोना वायरस से बचाव के लिए लॉकडाउन में जिला प्रशासन के साथ भामाशाह व स्थानीय जनप्रतिनिधि जरूरतमंदो की मदद के लिए आगे तो आ रहे हैं, लेकिन वे सिर्फ अपने मतदाताओं तक ही पहुंच रहे हैं।
जहाँ पर मतदाता है, उनको तो सुबह के नाश्ते से लेकर दोपहर की चाय और शाम के भोजन भी व्यवस्था करवा रहे हैं। और जिला प्रशासन को ही ऐसे जरूरतमंदों की जानकारी दे रहे है। वहीं जिला प्रशासन भी ऐसे लोगों को को लेकर मुंह मोड़े हैं। हम बात कर रहे हैं सीकर रोड हरमाड़ा के पास स्थित गांव सेवापुरा की। यहाँ धमाल माता बंजारा बस्ती में 50 से अधिक परिवार के 100 से अधिक लोग झुग्गी झोपड़ियों में निवास कर रहे हैं। इन परिवारों की ओर से उपखंड अधिकारी तक भी राशन के लिए अपनी मांग पहुंचा दी गई। इसके बावजूद अभी तक उन्होंने तो सूखा राशन प्राप्त हुआ है और ना ही फूड पैकेट।
यह स्थिति तब है जबकि राजस्थान के मुख्यमंत्री ने लॉक डाउन के दौरान किसी को भूखा नहीं सोने देने की जनता व भामाशाहों से अपील की थी।
यहां पर निवासरत लोगों ने बताया कि पहले दिहाड़ी मजदूरी कर कर पेट भरते थे, लेकिन अब सूखा राशन भी नहीं बचा है, ऐसे में भूखे मरने जैसी स्थिति हो गई है।

lokendra singh Desk
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