विधानसभा सत्र बुलाकर करेंगे कृषि कानूनों पर विचार : गहलोत

मुख्यमंत्री ( Chief Minister ) अशोक गहलोत ( Ashok Gehlot ) ने कहा है कि राज्य में विधानसभा सत्र बुलाकर ( Will Call Assembly Session ) इन कानूनों पर संविधान के तहत विचार कर ( Consider Agricultural Laws) किसानों के हित में पूरे प्रयास किए जाएंगे। ( Jaipur News )

By: sanjay kaushik

Updated: 11 Oct 2020, 01:33 AM IST

कहा, किसानों में भ्रम फैलाने के लिए केंद्र लाया नए कृषि कानून

-कांग्रेस के किसान सम्मेलन में मोदी सरकार पर गरजे मुख्यमंत्री

जयपुर। मुख्यमंत्री ( Chief Minister ) अशोक गहलोत ( Ashok Gehlot ) ने केंद्र सरकार पर नए कृषि कानूनों के जरिए किसानों में भ्रम पैदा करने का आरोप लगाते हुए कहा है कि राज्य में विधानसभा सत्र बुलाकर ( Will Call Assembly ) इन कानूनों पर संविधान के तहत विचार कर ( Consider Agricultural Laws) किसानों के हित में पूरे प्रयास किए जाएंगे। ( Jaipur News ) सीएम गहलोत ने शनिवार को यहां प्रदेश कांग्रेस के राज्य स्तरीय किसान सम्मेलन में मुख्य अतिथि के रूप में बोल रहे थे। उन्होंने कहा कि परीक्षण कराकर किस तरह संविधान के तहत राज्य को जो अधिकार दिये गए हैं, उसका क्या तरीका हो सकता हैं, उस पर विचार किया जाएगा। विधानसभा बुलाकर किसानों के हित में जो भी होगा उसमें कोई कमी नहीं आने दी जाएगी। राज्य की कांग्रेस सरकार हमेशा किसानों के साथ खड़ी मिलेगी।

-अर्थव्यवस्था ध्वस्त...सभी लोग तकलीफ में

मुख्यमंत्री ने कहा कि वैश्विक महामारी कोरोना के चलते अर्थव्यवस्था ध्वस्त हो गई हैं और इससे किसान, व्यापारी, ठेले वाले सहित सभी लोग तकलीफ में हैं। इस समय केंद्र सरकार को इस पर ध्यान देना चाहिए। कोरोना के चलते राज्य सरकारों की आय 40 प्रतिशत पर आ गई हैं।

-विपक्षी दलों के दखल के नाम पर केंद्र झाड़ेगा पल्ला

केंद्र सरकार किसानों की आय दोगुनी करने का वादा तो करती है, लेकिन वह यह वादा निभा नहीं पाएगी, क्योंकि उसकी नीयत में खोट हैं। केंद्र सरकार ने किसानों को भ्रमित करने के लिए विवादित कानून बना दिया और बाद में कह दिया जाएगा कि वह किसानों को दोगुनी आय और उसके हित में पूरे कदम उठाए, लेकिन लोग सड़कों पर आ गए और कांग्रेस एवं अन्य विपक्षी दलों ने इसमें दखल डाल दिया। उन्होंने कहा कि भ्रम पैदा करने के लिए यह सब किया जा रहा है।

-तीन काले कानून...क्या आपातकाल

उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार को नया कानून बनाकर किसानों को भ्रमित करने की बजाय उसे मंडियों और किसानों के हित में जो कमियां हैं उनमें सुधार करना चाहिए था। उन्होंने कहा कि कोरोना ने विश्व को हिलाकर रख दिया हैं ऐसे समय में तीन काले कानून लाने की क्या जरूरत थी और क्या आपातकाल था कि इस वक्त ये कानून लाए गए। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को मालूम हैं कि कोरोना लम्बा चलने वाला है। ऐसे वक्त में बिना राष्ट्रीय बहस तथा कानून से संबंधित मंडियों एवं राज्य सरकार से बिना पूछे कानून लाए गए।

-जब सीएम थे करते थे विरोध

सीएम गहलोत ने कहा कि मोदी जब मुख्यमंत्री थे तब उन्होंने केंद्र सरकार से न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) का कानून में प्रावधान करने की मांग की, जबकि अब वह खुद केंद्र की सत्ता में हैं तब नए कानूनों में इसका कोई जिक्र नहीं किया गया है। उन्होंने कहा कि इन कानूनों से किसानों का खेती करना मुश्किल हो जाएगा। इन कानूनों के खिलाफ पंजाब एवं हरियाणा के किसान सड़कों पर उतर आए और पूरे देश में किसानों के आग लगी हुई हैं।

-चीन सीमा में घुस आया

उन्होंने कहा कि चीन हमारी सीमा में घुस गया, हालात चुनौतियों की तरफ हैं, उस पर ध्यान नहीं हैं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस पहले से किसानों की हतैषी रही हैं और पहले कभी ऐसे कानून नहीं बने थे।

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