बाहरी नहीं, जयपुर के कलाकारों के साथ ही होंगे बड़े नाटक

-वरिष्ठ लेखक-निर्देशक रंजीत कपूर ने ली क्लास

By: Surya Pratap Singh Rajawat

Published: 21 May 2019, 08:52 PM IST

जयपुर. जयपुर के थिएटर कलाकारों के टैलेंट को प्लेटफॉर्म देने के उद्देश्य से सोमवार को झालाना स्थित ऑफिसर्स इंस्टीट्यूट में जयरंगम थिएटर लैब की स्थापना के साथ सात दिवसीय थिएटर एक्टिंग वर्कशॉप की शुरुआत हुई। वर्कशॉप के पहले दिन थिएटर की दुनिया के वरिष्ठ लेखक और निर्देशक रंजीत कपूर ने कार्यक्रम के दौरान, जयपुर से अपने रिश्ते को लेकर कहा कि इस शहर से मेरा नाता दो-चार सालों से नहीं, बल्कि बरसों से हैं। कूपर ने बताया कि जब मैं पांच साल का था, तब पिता के साथ जयपुर आया था, आज भी मेरे जहन में पहली बार जयपुर आने की धुंधली सी यादें मौजूद हैं। जयपुर से मेरा रिश्ता उसी दिन जुड़ गया था, जो आज भी कायम है। सच कहूं तो जयपुर मेरा सैकंड होम है। जयपुर के थिएटर को लेकर कपूर का कहना है कि यहां टैलेंट की कमी नहीं है, बस जरूरत है उसे सही दिशा और प्लेटफॉर्म देने की।
रंजीत कपूर ने बताया कि मुझे जयपुर का थिएटर कल्चर बदलना है। मैंने जयरंगम के ऑर्गेनाजइर को बिना फीस के यहां आने की हामी भर दी थी, मैंने तो ये भी कहा था कि मुझे आप सिर्फ दो वक्त का खाना और मेरे पसंदीदा पान खिला देना, बस ये ही मेरे लिए काफी है, क्योंकि मैं जयपुर से जुड़ा रहना चाहता हूं। उन्होंने कहा कि साल 2012 से मैं जयरंगम रेगुलर आ रहा हूं, बस पिछले साल किसी कारणवश नहीं आ पाया था।
जयपुर के कलाकारों के साथ करना है प्ले
रंजीत का कहना था कि जब जयपुर में ही अच्छे कलाकार हैं, तो बाहर के कलाकारों से यहां प्ले क्यों करवाया जाए? मुझे इसी परिपाटी को बदलना है, जिसके लिए मैं आगामी दिनों में करीब डेढ महीने के लिए जयपुर रहूंगा और वर्कशॉप व क्लासेज के जरिए यहां के टैलेंट को तलाशुंगा। हालांकि कौनसा प्ले करूंगा, ये फिलहाल फाइनल नहीं है, लेकिन जयपुर के कलाकारों के साथ नाटक का मंचन करना है, ये सौ फीसदी फाइनल है। उन्होंने कहा कि वैसे तो मेरे दिमाग में हजारों प्ले हैं, लेकिन वर्कशॉप के बाद कलाकारों की काबिलियत के बाद ही नाटक का चुनाव कर सकूंगा।

Surya Pratap Singh Rajawat
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