लॉकडाउन में छूट के बाद शुरू हो गया काम, अब तक नहीं मिला अनाज

- 26 श्रेणियों में जरुरतमंदों का सर्वे कर ग्रामीण क्षेत्रों से 20 मई तक भेजी जानी थी रिपोर्ट

 

By: Ankit

Updated: 23 May 2020, 06:57 PM IST


जयपुर। लॉकडाउन 4.0 में छूट मिलने के बाद एक बार फिर से जिंदगी पटरी पर लौटने लगी है, लेकिन खाद्य विभाग अब तक लॉकडाउन के कारण आर्थिक व भोजन की कमी झेलने वाले परिवारों को राशन उपलब्ध नहीं करवा पाया है। विभाग ने करीब एक सप्ताह पहले विभिन्न 26 श्रेणियों में जरुरतमंद परिवारों का सर्वे करने के आदेश जारी किए गए। जिसके अनुसार ग्रामीण क्षेत्रों से 20 मई व शहरी क्षेत्रों से 25 मई तक सर्वे कर रिपोर्ट दी जानी थी। ग्रामीण क्षेत्रों की समय सीमा समाप्त हो जाने के बाद अभी तक किसी भी जिले से सर्वे रिपोर्ट नहीं आई है। इतना ही नहीं, अब खाद्य विभाग का कहना है कि मोबाइल एप या ई-मित्र कियोस्क के माध्यम से सर्वे किया जाएगा।

दरअसल, लॉकडाउन के 55 दिनों में दैनिक मजदूरी करने वालों के साथ-साथ निम्न मध्यम वर्ग के पास भी भोजन की कमी आने लगी। इसे देखते हुए 15 मई को मुख्य सचिव ने आदेश जारी कर क्षौरकार, चर्मकार आदि जरुरतमंदों का 26 श्रेणियां बनाकर सर्वे के निर्देश दिए थे। अब लॉकडाउन में छूट मिलने के बाद क्षौरकार-चर्मकारों की दुकानें शुरू हुई हैं। धीरे-धीरे कमाई भी हो रही है।

इधर, हाल ही में खाद्य मंत्री रमेश मीना ने बताया था कि प्रदेश में विशेष श्रेणी के परिवारों एवं प्रवासियों का सर्वे केवल मोबाइल एप या ई-मित्र कियोस्क के माध्यम से ही किया जाएगा। उन्होनें बताया कि अन्य राज्यों के प्रवासी जो प्रदेश में उद्योग धन्धों में कार्यरत रहे है ऐसे प्रवासियों का जन आधार नहीं होने के कारण कोई भी आकड़े उपलब्ध नहीं है ऐसे प्रवासियों की सूचना सर्वे के दौरान आधार नम्बर के आधार पर मोबाईल एप में दर्ज कर प्राप्त की जाएगी। प्रवासियों को गेहूं का वितरण उचित मूल्य की दुकान से होगा।

Ankit Desk
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