वर्कप्लेस के व्यवधान को ऐसे करें मैनेज

अपने टारगेट को समय पर अचीव करने के लिए आपको अपने आसपास कुछ बाउंडरीज बनानी होंगी

By: Archana Kumawat

Published: 19 Mar 2020, 12:49 PM IST

काम के समय प्रयोग में न लें स्मार्टफोन
इसमें कोई आश्चर्य की बात नहीं है कि हर व्यक्ति एक दिन में औसतन ५२ बार फोन को देखता है। इसमें ईमेल, सोशल मीडिया नोटिफिकेशन, फोन कॉल्स आदि शामिल हैं लेकिन काम के दौरान फोन चेक करना कार्य में सबसे बड़ा व्यवधान है। फिर से काम में लौटने पर एकाग्रता में कमी आती है। इसलिए कुछ बाउंडरीज बनाएं कि आप काम के दौरान आवश्यकता होने पर ही स्मार्टफोन का प्रयोग करेंगे।

बार-बार ईमेल देखना
दिन में आपके पास बहुत तरह की ईमेल आती होंगी लेकिन उसमें काम की ईमेल कुछ ही होती है। इसलिए हर बार ईमेल का नोटिफिकेशन मिलने पर फोन चेक न करें। इसके लिए एक निश्चित समय रखें। यदि आपका वर्क ईमेल से संबंधित है तो भी कुछ समय के अंतराल में ईमेल चेक करने का समय निर्धारित करें।

आसपास का शोर-शराबा
ऑफिस में लोगों के बोलने से, मशीनों का शोर, फोन की बार-बार रिंग बजना, गेट का खुलना/बंद होना जैसे शोर हर समय बने ही रहते हैं। इसलिए अपने आसपास के शोर की वजह से काम में किसी तरह का व्यवधान न आने दें। यदि आपका काम ऐसा है, जिसमें बहुत अधिक एकाग्रता की आवश्यकता है तो आप मैनेजमेंट से बात करके समय को जल्दी सेट करने के लिए कह सकते हैं।

मल्टी-टास्किंग भी कई बार सही नहीं
मल्टी-टास्किंग से आप अपने काम को कम समय में कर सकते हैं लेकिन कई बार मल्टी-टास्किंग तनाव भी बढ़ा देती है। एक समय में कई कामों को करने से आप सभी पर ठीक तरह से फोकस नहीं कर पाते हैं। इससे काम की गुणवत्ता पर भी नकारात्मक प्रभाव पड़ता है। देखा जाए तो मल्टी-टास्किंग भी काम में व्यवधान बढ़ाती है।

माइक्रो-मैनेजमेंट
एक टीम लीडर या एंटरप्रेन्योर के रूप में यदि आप हर समय टीम की एक्टिविटी को नोट करते रहते हैं तो यह वर्कप्लेस पर तनाव और हताशा को बढ़ाता है। इस तरह आपको टारगेट अचीव करने में भी परेशानी होगी। इसलिए टीम की कुशलता के अनुसार मैम्बर्स को अधिकार भी दें कि वे स्वयं से भी वर्क संबंधी कोई निर्णय ले सकें।

ऑफिस मीटिंग में व्यस्तता
दिन में चार-पांच बार मीटिंग में शामिल होना जहां आपका समय को खराब करती है वहीं प्रोडक्टिविटी पर भी नकारात्मक प्रभाव पड़ता है। इसलिए आप उन्हीं मीटिंग में शामिल हों, जिनमें शामिल होना जरूरी हो। साथ ही मीटिंग के अनुसार ही अपना वर्क शेड्यूल बनाएं। यदि आप टीम लीडर हैं तो वर्क डेज में एक दिन ऐसा रखें, जिस दिन कोई भी मीटिंग न हो। इस दिन का उपयोग आप अन्य जरूरी कामों के लिए कर सकते हैं।

निर्णय लेने से बचना
आप कितनी गहराई से चीजों का विश्लेषण करते हैं, यह इतना महत्त्वपूर्ण नहीं, जितना कि आपका समय पर निर्णय लेना है। कई बार निर्णय न ले पाने से भी लक्ष्यों के प्रति केंद्रित होने में समस्या होती है। इसके लिए आपको चीजों का एनालिसिस करना होगा इसलिए समय पर निर्णय लेने की क्षमता से भी वर्क संबंधी डिस्ट्रेक्शन को कम कर सकते हैं।

Archana Kumawat
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