जयपुर से पेरिस तक गूंजी संगीत की स्वरलहरियां

इंटरनेशनल म्यूजिक डे और योगा डे के मौके पर रविवार को जयपुर से पेरिस तक संगीत की स्वरलहरियां गूंज उठी। मौका रहा, इंटरनेशनल म्यूजिक डे सेलिब्रेशन का। इस दौरान एक तरफ जहां राजस्थान के मशहूर धोद बैंड के कलाकारों ने इंडियन एम्बेसी पेरिस के लिए लाइव परफॉर्मेंस दीं, वहीं प्रदेश भर के कलाकारों ने सोशल मीडिया के माध्यम से म्यूजिक डे सेलिब्रेट किया।

By: imran sheikh

Published: 22 Jun 2020, 03:19 PM IST

इमरान शेख

इंटरनेशनल म्यूजिक डे और योगा डे के मौके पर रविवार को जयपुर से पेरिस तक संगीत की स्वरलहरियां गूंज उठी। मौका रहा, इंटरनेशनल म्यूजिक डे सेलिब्रेशन का। इस दौरान एक तरफ जहां राजस्थान के मशहूर धोद बैंड के कलाकारों ने इंडियन एम्बेसी पेरिस के लिए लाइव परफॉर्मेंस दीं, वहीं प्रदेश भर के कलाकारों ने सोशल मीडिया के माध्यम से म्यूजिक डे सेलिब्रेट किया। इस दौरान युवा व वरिष्ठ कलाकारों ने भी अपनी संगीत की यात्रा पर चर्चा की और अपनी कम्पोजिशंस के जरिए श्रोताओं को आनंदित किया। बात अगर जयपुर की करें तो यहां पर सभी युवा व वरिष्ठ कलाकारों ने सोशल मीडिया के जरिए फेसबुक पेज पर लाइव परफॉर्मेंस के माध्यम से अपने गीत—संगीत को पेश किया। वहीं, धोद बैंड के कलाकारों ने पेरिस की सरजमीं पर राजस्थान की लोकधुनों को प्रस्तुत कर राजस्थान की संस्कृति को दर्शाया।

बैंड के संस्थापक एवं फाउंडर रईस भारती ने बताया कि 2015 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सम्मान में पेरिस में आयोजित कार्यक्रम में प्रस्तुति दी थी। इस वजह से भारतीय दूतावास ने जयपुर के धोद बैंड को इंटरनेशनल म्यूजिक डे पर मौका दिया। जिसके तहत शनिवार दोपहर 12.15 से 1 बजे तक भारतीय दूतावास के लिए बैंड के कलाकारों की ओर से ऑफिशियल परफॉर्मेंस दी गई। इसके अलावा इसी दिन बैंड के कलाकारों ने फ्रांस के टॉप सिंगर एम के साथ उनके स्टूडियो में फ्यूजन परफॉर्मेंस के जरिए श्रोताओं का दिल जीता। इस मौके पर राजस्थान के 9 कलाकारों ने एम के साथ मिलकर केसरिया बालम, बैगा आजा थारी याद सतावे सहित कई राजस्थानी गीतों को पेश किया। इस बीच बैंड के प्रमुख रईस भारती, संजय खान, मंजू सपेरा, अमृत हुसैन, टीपू खान, मोहम्मद जफर सहित कई कलाकारों ने राजस्थानी गीत—संगीत से सभी का दिल जीता।

इन कलाकारों ने भी पेश किए कार्यक्रम

इंटरनेशनल म्यूजिक डे पर प्रदेश के कलाकारों ने कई ऑनलाइन परफॉर्मेंस दीं। जिसमें जहां एक तरफ वरिष्ठ कलाकार अनवर हुसैन नीलू ने संतूर वादन किया। वहीं युवा कलाकार रहमान हरफनमौला ने भी गिटार के तार छेड़कर अपने सुरों को साधा। इसके अलावा तबला वादक दिनेश खिंची ने अपना तबला वादन किया।

डागर बंधुओं ने ध्रुवपद गायिकी से किया नाद योग का वर्णन

इस मौके पर डागर घराने के कलाकार उस्ताद नफीसउददीन व उस्ताद अनीसउददीन डागर ने कहा कि भारत में नाद को संगीत की बुनियाद और आत्म ऊर्जा के आधार के रूप में देखा जाता है। उन्होंने कहा कि जब हम योग और संगीत के माध्यम से अपनी आंतरिक ऊर्जा का नियंत्रित करते हैं तो यह नाद अपने स्वरोत्कर्ष या ब्रह्मनाद की स्थिति में पहुंच जाती है। यही वजह कि संगीत और योग दोनों में ध्यान और प्रेरणा देने की शक्ति है, दोनों ही ऊर्जा के बड़े स्रोत हैं। उनका कहना था कि संगीत न सिर्फ आनंद का स्रोत है बल्कि वह सेवा का एक माध्यम और तपस्या का एक रूप है।

imran sheikh Desk
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