World No Tobacco Day : सिगरेट की धुआं राजस्थान में 2.75 करोड लोगों को बनाती हैं सैकंड हैंड स्मोक का शिकार

World No Tobacco Day : सिगरेट की धुआं राजस्थान में 2.75 करोड लोगों को बनाती हैं सैकंड हैंड स्मोक का शिकार

Deepshikha | Updated: 31 May 2019, 08:15:00 AM (IST) Jaipur, Jaipur, Rajasthan, India

विश्व तंबाकू निषेध दिवस



विकास जैन / जयपुर. तंबाकू ( tobacco ) के धूम्रपान के कारण विश्व स्तर पर फेफड़ों के कैंसर ( cancer ) से दो-तिहाई मौतें होती हैं। यहां तक कि दूसरों की ओर से धूम्रपान करने से पैदा हुए धुएं के संपर्क में आने से भी फेफड़ों के कैंसर का खतरा बढ़ जाता है। धूम्रपान छोडऩे से फेफड़ों के कैंसर का खतरा कम हो सकता है। धूम्रपान छोडऩे के 10 वर्षों बाद, धूम्रपान करने वाले व्यक्ति के फेफड़ों के कैंसर का खतरा लगभग आधा हो जाता है। राजस्थान में वर्तमान में 13.2 प्रतिशत लोग धूम्रपान के रुप में तंबाकू का सेवन करते है, जिसमें 22 प्रतिशत पुरुष, 3.7 प्रतिशत महिलांए शामिल है। यंहा पर 14.1 प्रतिशत लेाग चबाने वाले तंबाकू उत्पादों का प्रयोग करते हैं, जिसमें 22 प्रतिशत पुरुष व 5.8 प्रतिशत महिलाए हैं।

 

ग्लोबल टीबी रिपोर्ट ( Global TB Report ) के अनुसार राजस्थान में 38.8 प्रतिशत लोग यानि करीब 2.75 करोड लोग घरों में सेकंड हैंड स्मोक (दूसरों के धूम्रपान) का शिकार हेाते है, जिसमें 37.1 प्रतिशत पुरुष, 40.5 प्रतिशत महिलांए, कार्यस्थल पर 25.3 प्रतिशत लोग, जिसमें 30.6 प्रतिशत पुरुष, 10.3 प्रतिशत महिलाएं, सरकारी कार्यालय व परिसर में में 6.3 प्रतिशत शामिल है।

 

इस साल फेफडों का स्वास्थ्य थीम

वायॅस ऑफ टोबेको विक्टिमस ( VOTV ) के स्टेट पैट्रेन एंव सवाई मानसिंह अस्पताल के कैंसर सर्जन डॉ. पवन सिंघल के अनुसार इस साल विश्व तंबाकू निषेध दिवस ( World No Tobacco Day ) (डब्ल्यूएनटीडी) का फोकस तंबाकू और फेफड़ों का स्वास्थ्य है। हर साल, विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) और वैश्विक भागीदार 31 मई को डब्ल्यूएनटीडी का निरीक्षण करते हैं और लोगों को तंबाकू के दुष्प्रभावों के बारे में जागरूक करते हैं। इस दौरान लोगों को किसी भी तरह के तंबाकू का उपयोग करने से हतोत्साहित किया जाता है। विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार, इस वर्ष यह अभियान तंबाकू से फेफड़े पर कैंसर से लेकर श्वसन संबंधी बीमारियों (सीओपीडी) के प्रभाव पर केंद्रित होगा।

 

कई बीमारियों का ग्रहण

एसएमएस मेडिकल कॉलेज के श्वांस रोग विभाग के डॉ नरेन्द्र खिप्पल के अनुसार तंबाकू में पाए जाने वाले रसायन तंबाकू में शरीर को नुकसान पहुंचाने वाले रसायन जिसमें टार, मार्श गैस, अमोनिया, कोलोडान, पापरीडिन, फॉस्फोरल प्रोटिक अम्ल, परफैरोल, ऐजालिन सायनोजोन, कोर्बोलिक ऐसिड, बेनजीन इत्यादि शामिल किए जाते हैं। उन्होंने बताया कि तंबाकू से कैंसर, फेफड़ों और मुंह का कैंसर होना, फेफड़ों का खराब होना, दिल की बीमारी, आंखों से कम दिखना मुंह से दुर्गंध आने जैसी समस्याएं होती है।

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