शनि पुष्य नक्षत्र पर भगवान गणपति का हुआ पंचामृत अभिषेक

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By: Harshit Jain

Published: 07 Mar 2020, 03:13 PM IST


जयपुर. फाल्गुन शुक्ल पक्ष द्धादशी शनिवार को शनि पुष्य नक्षत्र के मौके पर प्रथम पूज्य के मंदिरों में भगवान गणेश का पंचामृताभिषेक हुआ। इस दौरान गणेश मंदिरों में सुबह से ही भक्तों की भीड़ नजर आई। भक्तों को रक्षा सूत्र बांधकर प्रसाद स्वरूप हल्दी की गाठ वितरित की गई। मोती डूंगरी गणेशजी मंदिर में महंत कैलश शर्मा के सान्निध्य में सुबह प्रथम पूज्य का अभिषेक किया गया। सर्वप्रथम केवड़ा जल, गुलाब जल, इत्र से अभिषेक किया गया। इसके बाद पंचामृत से अभिषेक कर गंगाजल से स्नान कराया गया। गणपति सहस्त्रनाम के साथ गजानंन को 1001 मोदक अर्पित किए गए। इस दौरान मंदिर परिसर मेंगणपति के जयकारे गूंजते रहे। महंत कैलाश शर्मा ने भक्तों से घर में धूप और कपूर जलाने का आहृवान किया। शाम को गणपति को नवीन पोशाक धारण कराकर फूल बंगले में विराजमान किया गया। चांदपोल स्थित परकोटे वाले गणेश मंदिर में महंत कैलाश चन्द शर्मा के सान्निध्य में गणेशजी महाराज का सुबह मंत्रोच्चारण के साथ विधिवत अभिषेक पूजा की गई। इसके बाद गणपति को नवीन पोशाक धारण करवाई गई। भक्तों ने गणपति स्त्रोत अष्टोत्तरशतनाम के पाठ कर सुख समृद्धि की कामना की।


ब्रह्मपुरी स्थित नहर के गणेशजी के महंत जय शर्मा के सान्निध्य में गणपति का अभिषेक कर नवीन पोशाक धारण करवाई गई व मोदकों का भोग अर्पण किया गया। चौड़ा रास्ता के काले गणेशजी, दिल्ली बाईपास रोड स्थित आत्माराम गणेश मंदिर में भी अभिषेक हुए। गलता तीर्थ की ओर से चांदपोल बाजार के खेजड़ों का रास्ता के गणेश मंदिर में गणेश जी का गुलाब, केवड़ा जल से अभिषेक किया गया। गलता गेट स्थित गीता गायत्री गणेश मंदिर में पंडित राजकुमार चतुर्वेदी के सान्निध्य में गणेश जी का विशेष श्रृंगार किया गया। गणपति अथर्वशीर्ष के पाठ महिला मंडल की ओर से किए गए। सूरजपोल बाजार स्थित श्वेत सिद्धि विनायक मंदिर में महंत मोहनलाल शर्मा के सान्निध्य में गणेशजी का पंचामृत अभिषेक कर नवीन पोशाक धारण करवाई गई।

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