कोरोना वायरस से एहतियात बरतने के लिए शहर आराध्य सहित अन्य मंदिर 31 मार्च तक बंद

—घर से आनलाइन दर्शन की सलाह, पल—पल की मिलेगी जानकारी

By: Harshit Jain

Published: 19 Mar 2020, 06:21 PM IST



जयपुर. जनमानस के स्वास्थ की सुरक्षा के मद्देनजर कोरोना वायरस से बचाव के लिए शहर के बड़े
मंदिर शुक्रवार से 31 मार्च तक बंद रहेंगे। ताकि भक्तों की भीड़ यहां नहीं हो सके। वहीं आगामी दिनों में होने वाली शोभायात्राएं, चैत्र नवरात्रों के कार्यक्रमों को भी रद्द किया है। धर्मगुरुओं ने आमजन से घर पर आनलाइन ई दर्शन, कीर्तन को देखने का आहवान किया है। सभी मंदिरों ने गुरुवार को अपने फेसबुक पेज और मंदिर की वेबसाइट को अपडेट किया, ताकि श्रद्धालुओं को पल—पल की जानकारी मिल सके। आराध्य देव गोविंद देव जी, गलता जी, अक्षयपात्र, इस्कॉन, अक्षरधाम सहित अन्य मंदिरों की वेबसाइट पर भक्त घर बैठे दर्शन, आरती देख सकते हैं। बड़ी संख्या में भक्तों ने फेसबुक और वेबसाइट से दर्शन किए।

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शोभायात्राएं स्थगित


रामकृष्ण जयंती महोत्सव समिति ट्रस्ट की ओर से दो अप्रैल को रामनवमी के मौके पर निकलने वाली शोभायात्रा स्थगित की है। महंत अलबेली माधुरी शरण की अध्यक्षता में यह निर्णय लिया गया है। वहीं 25 मार्च से पानों का दरीबा स्थित सरस निकुंज में होने वाले नवसंवत और दीक्षामहोत्सव को भी स्थगित किया है। खोले के हनुमान जी मंदिर में चैत्र नवरात्र में आयोजित होने वाले सभी उत्सव, हनुमान जयंती पर शोभायात्रा, नव संवतसर की कलश यात्रा व रामनवमी उत्सव को स्थगित किया है। वहीं भक्तों को काढ़ा पिलाया जा रहा है। काले हनुमान जी मंदिर में भी लोगों को जागरुक किया। इसके साथ आने वाले भक्तों को सेनेटाइजर दिए।


शहर आराध्य गोविंद देव जी मंदिर में 31 मार्च तक मंदिर में दर्शनार्थियों का प्रवेश बंद होगा। मंदिर में भगवान की सेवा पूजा निरंतर की जाएगी। मंदिर प्रबंधक मानस गोस्वामी ने यह जानकारी दी। मोतीडूंगरी गणेश जी मंदिर के महंत कैलाश शर्मा ने बताया कि 31 मार्च तक मंदिर दर्शनार्थियों के लिए बंद रहेगा। एलइडी स्क्रीन के जरिए दर्शन होंगे। बिड़ला मंदिर के लक्ष्मीनारायण मंदिर में दर्शनार्थियों का प्रवेश पूर्णतया बंद रहेगा। वहीं भगवान की सेवा पूजा यथावत रहेगी। राधा दामोदर जी मंदिर भी बंद रहेगा। संस्कृति युवा संस्था की ओर से 21 से 25 मार्च तक नवसंवत्सर महोत्सव कार्यक्रम नहीं होगे। संस्था के अध्यक्ष पं.सुरेश मिश्रा ने बताया कि आठ दिशाओं में श्वते अश्व नहीं छोड़े जाएंगे। सोशल मीडिया से नववर्ष का प्रसार प्रचार करेंगे।

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लंगर नहीं लगाने की अपील


राजस्थान सिख समाज के अध्यक्ष अजयपाल सिंह ने कहा कि सिख संस्थाओं और दानवीरों से लंगर न लगाने, लंगर में पैकेट बंद दाल, चावल का उपयोग करने, सभी को अच्छे से हाथ धोने, गुरुद्धारों में रैलिंग, कुसियां बार—बार कीटाणु रहित करने और स्त्री सत्संग के कार्यक्रम सहित अन्य प्रबंधन कमेटियों को जागरूक रहने के निर्देश दिए। वैशालीनगर स्थित गुरुद्धारे में हर रविवार को होने वाले कीर्तन दीवान कार्यक्रम और लंगर को 31 मार्च तक रद्द किया है। भारतवर्षीय दिगम्बर जैन तीर्थक्षेत्र कमेटी के कार्याध्यक्ष राजेन्द्र के. गोधा ने बताया कि जैन मंदिरों में सफाई के अलावा कई कदम उठाए गए हैं। विशेष संकट के समय भाव पूजा से ही अपना दायित्व का निर्वहन करें। जामा मस्जिद के सदर नईमुद्दीन कुरैशी ने बताया कि समाजबंधुओं से सुन्नत और नफिल की नमाज घर से अदा करने का आहवान किया जा रहा है। ताकि नमाजियों को मस्जिद में कम से कम समय रहना पड़े। मस्जिद में सिर्फ फर्ज नमाज अदा करें और बाकी नमाज भी घर जाकर ही पढ़ें। वुजू घर से करने की अपील के साथ सिर्फ नमाज जमींदों के बजाय फर्श पर अदा करवाई जा रही है। गलता तीर्थ के महंत स्वामी अवधेशाचार्य ने सभी से तीर्थ में एक साथ एकत्र नहीं होने का आग्रह किया। यहां के सभी मंदिरों में सेनेटराईज कराकर व्यवस्थाओं को अमलीजामा पहनाया गया है। जगतपुरा स्थित कृष्ण बलराम मंदिर सेमिनार हुई। मंदिर अध्यक्ष चंचलापति दास ने बताया कि शनिवार व रविवार को होने वाला पालकी महोत्सव को स्थगित किया। हाथ साबुन से धोने और शरीर का तापमान जांच कर प्रवेश दिया जाएगा। देवस्थान विभाग की ओर से भी जयपुर और दौसा जिले के राजकीय प्रत्यक्ष प्रभार, राजकीय आत्मनिर्भर और सुपुर्दगी श्रेणी के सभी मंदिर 31 मार्च तक बंद रहेंगे। सहायतक आयुक्त जयपुर प्रथम आकाश रंजन ने बताया कि मंदिरों में पुजारी आरती करेंगे।

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नहीं होगी प्रार्थनाएं


चांदपोल स्थित सेंट एंड्रयूज चर्च के सचिव संजय रिचर्ड ने बताया कि बुधवार और रविवार को होने वाली विशेष आराधना को अगले आदेश तक निरस्त किया है। वहीं ईस्टर मनाने से पहले 40 दिन उपवास कालीन प्रार्थनाएं जो घर—घर चल रही थी उनको भी बंद किया गया है। हालांकि चर्च रोजाना सुबह 9 से दोपहर 2 बजे तक खुलेेगा।

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493 साल में बाद पहली बार मंदिर बंद

आमेर स्थित शिला माता मंदिर 31 मार्च तक दर्शनार्थियों के लिए बंद रहेगा। वहीं चैत्र मेला भी स्थगित किया है। पूजन पाठ सहित अन्य अनुष्ठान होंगे। सन 1527 में मंदिर स्थापना के बाद पहली बार मंदिर दर्शनों के लिए बंद होगा। जमवाय माता मंदिर को भी 31 मार्च तक मंदिर दर्शनार्थियों के लिए बंद किया है। दुर्गापुरा स्थित दुर्गामाता माता मंदिर में भक्त प्रसाद आदि नहीं चढ़ा सकेंगे। दूर से दर्शन कर सकेंगे। महंत महेन्द्र भट्टाचार्य ने यह जानकारी दी। इस्कॉन मंदिर 31 मार्च तक बंद होने से दर्शन नहीें होंगे। अध्यक्ष पंचरत्ना दास ने बताया कि सभी श्रद्धालुओं से घर में रहकर भगवान का हरिनाम जप कीर्तन करने की अपील की। अक्षरधाम मंदिर में मंदिर के बड़े गेट को बंद कर दिया गया है। वहीं बुजुर्गों से संपर्क करके मंदिर नहीं आने के लिए कहा जा रहा है।

Harshit Jain
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