घर—घर में गूंजे गणगौर माता के गीत, नहीं निकली शाही सवारी

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By: Harshit Jain

Published: 27 Mar 2020, 03:05 PM IST


—जरूरी एहतियात के साथ की महिलाओं ने पूजा अर्चना
जयपुर. शहर की लोक संस्कृति में रचा बसा गणगौर पर्व शुक्रवार को लॉकडाउन के बीच मनाया गया। हर गली चौराहे पर गूंजने वाले गणगौर के गीत केवल घरों में ही सुनाई दिए। कोरोना वायरस संक्रमण के कारण सज धज कर महिलाओं ने अपने सुहाग की रक्षा के लिए शिव स्वरूप ईसर और पार्वती स्वरूपा गौरी का पूजन किया। वहीं कन्याओं ने अच्छे घर वर की कामना के साथ पूजा अर्चना की। शहर में सामूहिक आयोजन की जगह घर— घर में गणगौर पूजन हुआ। कहीं 5 से 7 महिलाओं ने पूजन किया लेकिन पूरी सावधानी बरती। सैनिटाइजर से हाथ साफ कर मुंह पर मास्क बांधकर तथा एक मीटर की दूरी रखकर गणगौर माता का विधिवत पूजन किया। हाथों में दूब लेकर महिलाओं ने परंपरागत लोक गीत गाए। वहीं फोटो क्लिक कर सोशल मीडिया पर शेयर भी किया। मिठाई की दुकानें बंद होने से घरों में ही बनाए पकवान का गणगौर माता को भोग लगाया गया। जो महिलाएं केवल आखिरी दिन गणगौर का पूजन करती है उन्होंने मिट्टी की गणगौर बनाकर या शिव पार्वती का चित्र सामने रख कर पूजन किया। शाम को गणगौर का विसर्जन भी घर या आसपास खाली प्लाट में गड्ढा खोदकर उसमें पानी भर कर उसमें गणगौर का विसर्जन किया जाएगा। शनिवार को बूढ़ी गणगौर का पर्व मनाया जाएगा।

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सिटी प्लेस में हुई पूजा अर्चना
कोरोना वायरस संक्रमण और लॉकडाउन के चलते इस बार गणगौर पर्व रद्द कर दिया गया है। इसके चलते शहर वासियों को रंगारंग संस्कृति के दर्शन नहीं हो सकें। गणगौर पर्व के दौरान दो दिनों तक सिटी पैलेस से निकलने वाली विश्वविख्यात शाही गणगौर माता की परंपरागत सवारी नहीं निकली। सिटी पैलेस के अधीक्षक पं. दिलीप शर्मा ने बताया कि राजपरिवार की ओर से शाम को गणगौर माता की पूजा अर्चना कर सुख समृद्धि और शांति की कामना की गई। यह पहला मौका जब जयपुर स्थापना के बाद से यहीं गणगौर माता की सवारी पहली बार नहीं निकली।

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Harshit Jain
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