हज के पाक सफर पर कोरोना का साया, स्थगित हो सकती है इस बार यात्रा

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By: Harshit Jain

Published: 10 May 2020, 06:34 PM IST


— केंद्रीय हज कमेटी ने नहीं किए कोई दिशानिर्देश जारी
जयपुर. हज यात्रा 2020 के मुकद्दस सफर पर कोरोना का साया हावी होता हुआ नजर आ रहा है। ऐसे में बीते कई साल से काबा शरीफ में जियारत और उमराह करने के लिए प्रतीक्षा कर रहे यात्री थोड़ा मायूस हैं। हालांकि सफर के तहत जून के बीच में उड़ानों के जाने का सिलसिला शुरू होना था, इसके लिए यात्रियों के चिकित्सा शिविर लगाए जा चुके थे। वहीं अब टीकाकरण होना था, इसके अलावा हज ट्रेनर्स का प्रशिक्षण मार्च के बाद होना था, यह भी नहीं हो पाया। फिलहाल भारत से लेकर मक्का-मदीना में होने वाली तैयारियां जीरो लेवल पर हैं। तैयारियों के नाम पर अभी तक सिर्फ हज यात्रियों का कोटा जारी किया। रिहाइश के लिए अभी बिल्डिंग भी नहीं देखी और न ही ट्रांसपोर्ट का भी एग्रीमेंट हुआ। जयपुर से जाने वाले यात्रियों की संख्या सबसे ज्यादा 700 के करीब थी।

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8241 आवेदन हुए थे प्राप्त
राज्य हज कमेटी के मुताबिक इस साल प्रदेशभर से यात्रा के लिए हज कमेटी को 8241 ऑनलाइन आवेदन प्राप्त हुए थे। जिसमें जिसमें 7631 आवेदकों को जनरल कोटे के तहत हज लॉटरी में शामिल किया गया। कुर्रा के दौरान 4749 आवेदकों का नंबर लॉटरी के जरिए, 610 रिजर्व श्रेणी के लोग भी हज यात्रा पर जाने थे। इनमें से 580 आवेदक वें हैं जो 70 साल या इससे ज्यादा उम्र के हैं जिन्हें बिना लॉटरी में शामिल किए ही हज के लिए पात्र माना गया। इसके 45 साल से ऊपर की बिना मेहराम महिलाएं 30 को को भी रिजर्व श्रेणी में रखा गया।

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5359 है राजस्थान का हज कोटा
दरअसल सेंट्रल हज कमेटी की ओर से इस बार राजस्थान को 5359 हज सीटों का कोटा ही आवंटित किया गया था। इसके तहत 4749 हज कुर्रा और 610 रिजर्व कैटेगिरी को जाने का मौका मिलता। बाकी बचे 2,882 लोगों को भी दूसरे राज्यों के कोटे से हज पर भेजा जाना था। लेकिन अब इस पर पूरी तरह से पानी फिरता हुआ नजर आ रहा है। राजस्थान हज वेलफेयर सोसायटी के सचिव हाजी निजामुद्दीन ने कहा कि हज के लिए कई तैयारियों के लिए जुटना होता है परंतु कोरोना के लॉकडाउन के कारण इस बार यात्रा 90 प्रतिशत स्थगित मानी जा रही है। यदि इस साल हज नहीं होता है तो इस साल जिन यात्रियों का चयन हुआ है उन्हें अगली साल यात्रा के लिए जाने का मौका मिले। उन्हें फिर से फॉर्म न भरवाएं जाए। इन्हें की प्राथमिकता दी जाए। इसके लिए सोसायटी केंद्रीय हज कमेटी और केंद्रीय अल्पसंख्यक मामलात विभाग मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी को भी पत्र लिखा जाएगा। 2019 में लगभग 6700 यात्री हज पर गए थे।

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कई साल में मिलता है मौका
हाजी निजामुद्दीन ने कहा कि कई यात्रियों ने पहली कि दूसरी किश्त भी जमा करवा दी है। सारी कार्रवाई लगभग हो चुकी है। ग्रीन श्रेणी के लिए लगभग तीन लाख रुपए और अजीजिया श्रेणी के लिए 2.5 लाख रुपए का खर्च आता है । कोरोना से पूर्णतया मुक्ति मिले, इसके बाद सफर शुरू करना ज्यादा बेहतर होगा। ज्यादा देरी करना गलत है। इसके लिए केंद्रीय हज कमेटी जल्द निर्देश जारी करे।


रमजान के महीने के बाद दिशानिर्देश आने की उम्मीद है। हालांकि अंतिम निर्णय सउदी अरब सरकार ने कोई निर्णय नहीं लिया है। कोरोना के प्रकोप के कारण लगभग यात्रा अब मुश्किल में ज्यादा दिख रही है। कई मुद्दों पर निर्णय लिया जाना है। हज के लिए इस बार मुश्किल हालात हैं।
—डॉ.महमूद अली खान, अधिशासी अधिकारी, राजस्थान राज्य हज कमेटी

Harshit Jain Reporting
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