video-चोरी गया मोबाइल मिलते ही चेहरा खुशी से खिल उठें

जयपुर. दो से तीन साल पहले चोरी हुए मोबाइल जब लोगों को मिलना शुरू हुआ तो ( Your face should blossom as soon as the stolen mobile is found) उनके चेहरे खुशी से खिल उठे। पुलिस की तारीफ करते भी नहीं थक रहे हैं।

By: vinod sharma

Published: 26 Jun 2020, 11:09 AM IST

जयपुर. दो से तीन साल पहले चोरी हुए मोबाइल जब लोगों को मिलना शुरू हुआ तो ( Your face should blossom as soon as the stolen mobile is found) उनके चेहरे खुशी से खिल उठे। पुलिस की तारीफ करते भी नहीं थक रहे हैं। मोबाइल के साथ डेटा भी लगभग सुरक्षित मिला है। जिससे खुशी दोगुनी हो गई। उल्लेखनीय है कि अपना मोबाइल अपना हाथ जयपुर कमिश्नरेट के साथ की कार्य योजना से पुलिस ने 1432 मोबाइलों को विभिन्न स्थानों से बरामद किया तथा उन्हें मालिकों को देना शुरू किया। पुलिस आयुक्त के आदेश पर बरामद मोबाइलों को संबंधित थानों में भेज दिया गया है। थानों में दर्ज मोबाइल गुमशुदा की एफआईआर के आधार पर बीट कांस्टेबल उनके मालिकों की तलाश कर रहे हैं। फिर फोनकर मोबाइल के मालिकों को थाने बुलाकर मोबाइलों को सौंप रहे हैं। जो लोग थाने नहीं आ सकते उनका मोबाइल बीट कांस्टेबल घर पहुंचा रहे हैं। पुलिस की विभन्न टीम गुमशुदा की प्राथमिकी को तलाशने में जुट गई है। क्योंकि प्राथमिकी में जिस व्यक्ति ने प्राथमिकी लिखाई उसका नम्बर भी लिखा होता है। प्राथमिकी में दर्ज नम्बर के आधार पर उसे फोन कर बुलाया जा रहा है।


तीन साल में चोरी हुए मोबाइल ट्रेस
पुलिस की तकनीकी शाखा की टीम ने गत तीन साल के अवधि के मिसिंग मोबाइलों का रिकॉर्ड संकलित किया। मोबाइल अॉपरेटर कंपनियों के आईएमआई नंबर के आधार पर चोरी के मोबाइल ट्रेस किया, जिससे यह पता लगाया जा सका कि गुमशुदा मोबाइल अब किस स्थान पर काम कर रहा है। टीम को मोबाइल की लोकेशन मिली। जानकारी सामने आई कि गुमशुदा मोबाइलों का जयपुर,करौली, धौलपुर, भरतपुर, सीकर तथा अन्य स्थानों पर उपयोग किया जा रहा है। इसके बाद पुलिस टीम ने उनसे सम्पर्क किया गया कि यह चोरी का मोबाइल है, इसे पुलिस को लौटा दिया जाए। कुछ लोगों ने पुलिस को आग से मोबाइल को लौटा दिया । शेष से संबंधित थानों की टीम का सहयोग लेकर मोबाइल जब्त किए गए।

दो साल बाद मिला मोबाइल
दो साल पहले वह बाजार जा रहा था, रास्ते में मोटरसाइकिल सवार बदमाश मोबाइल छीनकर ले गए। मोबाइल में घर तथा रिश्तेदारों के फोटो व वीडियों थे। मोबाइल गुम होने का बच्चों को भी दुख हुआ। इसकी प्राथमिकी मुरलीपुरा थाने में दर्ज कराई गई, लेकिन पुलिस से अच्छा रेंसपोंस नहीं मिला। अब दो साल बाद पुलिस ने मोबाइल ढूंढकर दिया है। पुलिस ने काबिले तारीफ काम किया है।
विकास निवासी मुरलीपुरा

प्रशंसा जैसा काम किया है
तीन माह पहले मोबाइल चोरी हो गया था, जिसकी प्राथमिकी बनीपार्क में दर्ज कराई गई। उम्मीद नहीं थी कि पुलिस मोबाइल को बरामद कर लेगी। लेकिन तीन माह बाद जयपुर पुलिस आयुक्त की टीम ने मोबाइल को बरामद कर लिया है। प्रशंसा लायक काम किया है पुलिस ने।
संजीव योगी बनीपार्क

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