23 साल के युवक की दोनों किडनी हुई खराब, उपचार में आड़ेे आ रही आर्थिक तंगी

- आमजन के साथ सरकार से लगाई सहायता की गुहार

By: Deepak Vyas

Published: 14 Jul 2020, 10:16 AM IST

पोकरण. होनहार युवा, उम्र मात्र 23 वर्ष, कपड़े सीलने का अच्छा कारीगर। कुदरत ने हंसते चेहरे के साथ ऐसा खेल खेला कि उसका स्वास्थ्य बिगड़ गया। गत दो वर्षों से उपचार के लिए भटकते युवक व उसके परिवारजन अब कर्ज के बोझ तले दबे जा रहे है। यह बात हो रही है क्षेत्र के लूणाकल्लां निवासी मेताराम पुत्र माणकाराम दर्जी की। जिसकी दोनों किडनियां दो वर्ष पूर्व खराब हो गई और वह उपचार के लिए दर-दर भटक रहा है। अब जरुरत है आर्थिक मदद की तथा परिवार सरकार व आमजन से सहायता की गुहार लगा रहा है। गौरतलब है कि मेताराम दर्जी लूणाकल्लां गांव का निवासी है। उसके पिता माणकाराम व तीन बड़े भाई कपड़े सिलाई का कार्य कर परिवार का गुजर-बसर करते है। दो वर्ष पूर्व मेताराम का स्वास्थ्य बिगड़ा। जिस पर जोधपुर व बाद में अहमदाबाद में उपचार करवाया गया। इस दौरान जांच में पता चला कि मेताराम की दोनों किडनियां खराब हो चुकी है। यह सुनकर परिवार पर मानो दु:खों का पहाड़ टूट पड़ा हो। इसके बाद से हजारों रुपए उसके उपचार पर खर्च कर दिए गए, लेकिन अभी तक कोई सुधार नहीं हुआ है।
10 लाख में होगा ट्रांसप्लांट
मेताराम की दोनों किडनियां खराब हो चुकी है। उसकी ओर से पूर्व में जोधपुर व अहमदाबाद में उपचार करवाया गया। चिकित्सकों ने किडनी प्रत्यारोपण के लिए 10 लाख रुपए का खर्च बताया है। जिससे परिवार की चिंता बढ़ चुकी है। दो वर्षों से चल रहे उपचार के दौरान माणकाराम जमीन व सोने चांदी के आभुषण बेच चुके है। तीन भाई व पिता सिलाई का काम कर जैसे-तैसे घर का खर्चा चला रहे है। अब एक साथ 10 लाख रुपए का इंतजाम करना परिवार के लिए पहाड़ पर चढऩे की मुश्किल से कम नहीं है।
आर्थिक तंगी आ रही आड़े
परिवार के सदस्यों ने बताया कि फिलहाल प्रत्येक सप्ताह में दो बार डायलिसिस करवाने के लिए मेताराम को जोधपुर लेकर जाना पड़ता है। सिलाई के व्यवसाय से पूंजी खर्च होने के बाद पहले नौ बीघा जमीन बेची तथा उसके बाद घर में रखे सोने चांदी के आभुषण भी बेच दिए। किडनी प्रत्यारोपण के लिए कमला नेहरु नगर अस्पताल जोधपुर में जांच भी करवाई गई, लेकिन आर्थिक तंगी आड़े आ रही है। उन्होंने बताया कि गत दो वर्षों से चल रहे उपचार में परिवार कर्ज के बोझ तले दब चुका है। सिलाई के कार्य से मात्र घर का खर्च ही चल पाता है।
सरकार से लगाई गुहार
परिवार के सदस्यों ने बताया कि उनके लिए 10 लाख रुपए की व्यवस्था करना मुश्किल हो रहा है। जिससे मेताराम का किडनी प्रत्यारोपण नहीं हो रहा है। परिवार ने सरकार से मदद की गुहार लगाई है। यदि सरकार परिवार को मदद करती है, तो किडनी का प्रत्यारोपण किया जा सकता है।
आमजन भी कर सकते है मदद
परिवार को यदि कोई आमजन भी मदद करना चाहता है, तो उनके बैंक खाते में राशि जमा करवा सकता है।
- राजस्थान मरुधरा ग्रामीण बैंक, शाखा सांकड़ा (पोकरण)
- खाता नंबर - 83065161386
- आईएफएससी कोड - आरएमजीबी0000289
- मोबाइल नंबर - 6376824227

Deepak Vyas Bureau Incharge
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