पोकरण में लॉक डाउन के हालात में 24 घंटे सामान पहुंचाना नहीं आसान

अब क्राइसिस मैनेजमेंट की चुनौती
-कोरोना संक्रमितों के मिलने के साथ कड़ा सुरक्षा पहरा

By: Deepak Vyas

Published: 18 Apr 2020, 08:44 PM IST

पोकरण. देश-दुनिया में फैले कोरोना वायरस संक्रमण के कारण देश भर में लॉकडाउन किया गया है। पोकरण में कोरोना वायरस के पॉजिटिव मरीज मिलने के बाद यहां कफ्र्यू के हालात हो गए है। ऐसे में स्थिति और भी विकट हो चुकी है। इन हालातों के बीच आमजन को 24 घंटे सामान उपलब्ध करवाने और क्राइसिस मैनेजमेंट की व्यवस्था को लेकर प्रशासन की ओर से पुख्ता प्रबंध किए गए है, ताकि किसी व्यक्ति को परेशानी नहीं हो। यहां कोरोना वायरस संक्रमण के 30 मरीज मिल चुके है। ऐसे में पोकरण में चारों तरफ पुलिस की कड़ी नाकाबंदी की गई है। इसके अलावा यहां के व्यक्ति को बाहर जाने व बाहर से व्यक्ति और वाहन को अंदर आने पर पूरी तरह से रोक है। इन हालातों में क्राइसिस मैनेजमेंट की व्यवस्था करना किसी चुनौती से कम नहीं। उपखंड अधिकारी अजय अमरावत ने बताया कि देश भर में लॉकडाउन के हालातों के चलते क्राइसिस मैनेजमेंट करना एक चुनौती की तरह था। प्रशासन व पुलिस के अधिकारियों की ओर से स्थानीय व्यापारियों के सहयोग से इस चुनौती से निपटने की कवायद की जा रही है। मौजूदा हालात के बीच भी प्रतिदिन व्यक्ति को घर बैठे सामान मुहैया हो रहा है। प्रशासन की ओर से आवश्यक सामान की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए पुख्ता प्रबंध किए गए है।
यूं की गई व्यवस्था
-व्यापारियों की बैठक में होलसेल के व्यवसाइयों को शामिल किया गया और लोगों की जरुरत के अनुसार सामान उपलब्ध करवानेे की योजना बनाई गई।
-मेडिकल के अंतर्गत स्टॉकिस्ट से संपर्क कर जयपुरए जोधपुर व अहमदाबाद से पूर्व में ही पर्याप्त दवाइयां मंगवाने की व्यवस्था की गई।
-सबसे बड़ी समस्या थी अलग-अलग जगहों से किराणे का सामान स्टॉक करना। जयपुर, जोधपुर सहित अन्य जगहों से गेहूं की खरीद कर आटे की पर्याप्त व्यवस्था की गई।
-दो आटा मीलों को चालू करवाकर प्रतिदिन 150 टन आटे की उपलब्धता सुनिश्चित की गई। इसके बाद मसाले की एक फैैक्ट्री पोकरण में शुरू करवाई गई।
-गुजरात मंडी सहित अन्य जगहों से दाल व अन्य किराणे का सामान पर्याप्त मात्रा में मंगवाया गया।
-गुजरात व बाड़मेर से तेल की गाडिय़ां मंगवाकर उनका स्टॉक किया गया, ताकि किसी व्यक्ति को किराणे के सामान की समस्या नहीं हो।
-20 स्थानीय दूध डेयरी संचालकों के साथ अन्य जगहों से आने वाले दूध मंगवाने की व्यवस्था की गई।

Deepak Vyas Bureau Incharge
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