जैसलमेर जिले में आए 28 पॉजिटिव, नाक बचाने को दिखा रहे आंख

नाक बचाने को दिखा रहे आंख

By: Deepak Vyas

Published: 16 Apr 2021, 12:44 PM IST

शहर के कोने.कोने में पहुंच रही संयुक्त टोली-पत्रिका की मुहिम के बाद जगे जिम्मेदारजैसलमेर. कोरोना की दूसरी लहर राजस्थान के विभिन्न जिलों से होते हुए अब अंतिम छोर पर बसे सीमावर्ती जिले को डराने लगी है। लगातार दहाई संख्या में संक्रमितों के सामने आने के बाद लोग अब सहमे नजर आ रहे हैं। उस पर राज्य सरकार ने शुक्रवार से सायं 6 से प्रात: 6 बजे तक का 12 घंटे के कफ्र्यू का ऐलान कर दिया है। लोगों की लापरवाही और सरकारी तंत्र की सुस्ती पर राजस्थान पत्रिका की ओर से लगातार खबरों का प्रकाशन किए जाने के बाद जिले में सरकारी विभागों की संयुक्त टोली अब बाजारों से लेकर प्रमुख आवासीय क्षेत्रों तक दौरे करने में जुटी हैं। कोविड गाइडलाइन की पालना नहीं किए जाने पर चालान किए जा रहे हैं और प्रतिष्ठानों तक को सीज करने की कार्रवाई गत दिनों में की गई। दूसरी ओर बाजारों में भौपू प्रचार कर लोगों को सावचेत करने का प्रयास भी किया जा रहा है। ढीला रुख रखे जाने के बाद प्रशासनिक तंत्र अब आंख दिखा रहा है ताकि कोरोना प्रसार के मामले में राजस्थान में सबसे कम पॉजिटिव केसेज वाले जिलों में जैसलमेर का स्थान बना रहे।बाजारों में मुनादी, वसूल रहे जुर्मानासर्दियों में लगभग नहीं के बराबर पॉजिटिव आने के बाद सीमांत जिलावासी लापरवाही बरतने लगे थे। प्रशासन व पुलिस विभाग ने भी गाइडलाइन की पालना नहीं करने वालों पर कार्रवाई करने से परहेज रखा। ऐसे में अप्रेल माह का पहला सप्ताह बीतने के साथ ही हालात बदलने शुरू हो गए हैं। अब प्रतिदिन 10.12 से 19 और 28 तक पॉजिटिव केसेज आ रहे हैं। टेस्टिंग में प्रति सौ में पॉजिटिव का आंकड़ा भी लगातार बढ़ रहा है। ऐसे में जिला प्रशासन तथा नगरपरिषद ने टैक्सी के जरिए गाइडलाइन की पालना करने की अपील लोगों से करनी शुरू कर दी। वहीं प्रशासनए पुलिस व नगरपरिषद की संयुक्त टीम की तरफ से दर्जनों लोगों के मास्क नहीं होने पर उन पर जुर्माना लगाया गया। गत दिनों के दौरान जो दुकानदार सोशल डिस्टेंस व मास्क लगाने व लगवाने की पालना नहीं कर रहे, उनके प्रतिष्ठान दो दिन तक बंद तक करवाए जा रहे हैं। इस सब कवायद से जिला मुख्यालय पर माहौल बनता नजर आ रहा है।कोरोना पहले मचा चुका तांडवछितरी आबादी और अंतिम छोर पर बसे जैसलमेर में कोरोना का प्रसार देरी से होता रहा है। गत वर्ष भी यही हुआ था। इस बार भी यहां मामले बढऩे अब शुरू हुए हैं जबकि राजस्थान के ही अन्य जिलों में मार्च के आखिर व अप्रेल के आगाज में ही हालात बेकाबू होना शुरू हो गए। यह याद रखने वाली बात है कि जैसलमेर में पिछले साल अगस्त.सितम्बर और अक्टूबर ने जमकर कोहराम मचाया था। करीब 80 जनों ने तब जैसलमेर व बाहरी शहरों में उपचार के दौरान जान गंवाई और 2200 से ज्यादा संक्रमित हो गए।

Deepak Vyas Bureau Incharge
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