JAISALMER NEWS- राजस्थान के जैसलमेर में 75 फीसदी किसान कर्ज में दबे, शेष पर सरकार ने लगाया मरहम

अन्य बैंकों के कर्जदार किसानों का क्या कसूर?- सरकार के कर्ज माफी आदेश में विसंगति

By: jitendra changani

Published: 25 Mar 2018, 01:42 PM IST

जैसलमेर . राजस्थान सरकार ने पिछले दिनों किसानों के हित में कर्ज माफी की जो घोषणा की, उसमें व्याप्त विसंगति के चलते घोषणा का सभी किसानों को लाभ मिलना मुमकिन नहीं लग रहा। सरकार ने आदेश में सेंट्रल को-ऑपरेटिव बैंक के ऋणियों को ही राहत देते हुए कर्ज माफी के आदेश जारी किए हैं जबकि सहकारी बैंक के अलावा अन्य राष्ट्रीयकृत व निजी बैंकों से भी बड़ी तादाद में किसानों ने कर्ज लिया हुआ है।ऐसे किसानों को सरकार की उक्त दरियादिली का लाभ मिलता नजर नहीं आ रहा।
अस्पष्ट है आदेश
जानकारी के अनुसार किसानों के 50 हजार रुपए तक के कर्ज को माफ करने संबंधी राज्य सरकार की घोषणा के बाद जो गाइड लाइन जारी हुई है, उससे बड़ी संख्या में किसानों को निराशा हाथ लगी है।इस गाइड लाइन से यह साफ हुआ कि कर्ज माफी की यह सौगात केवल सहकारी बैंक से ऋण लेने वाले किसानों को ही मिलेगी।जबकि अन्य बैंकों के कर्जदार किसानों के बारे में खुलासा नहीं किया गया।इससे उनमें भ्रम की स्थिति बन गई।इसी तरह से अल्पकालीन फसल योजना (केसीसी) के संबंध में बकाया राशि जमा करवाने के आदेश मार्च माह में दिए जा रहे हैं। जबकि किसानों के लिए खरीफ और रबी की फसलों की कटाई के बाद क्रमश: दिसम्बर और जून माह में ही ऋणराशि चुकाना संभव हो पाता है।
किसानों की ज्वलंत समस्या
&सरकार को कर्ज माफी आदेश में संशोधन के लिए हमने लिखा है।जिले के सभी बैंकों के कर्जदार किसानों को कर्ज माफी आदेश का लाभ दिलाना चाहिए।इसके लिए संशोधित आदेश जारी करते हुए जमीन की मात्रा की सीमा को भी रद्द किया जाए।यह एक ज्वलंत समस्या है।
-प्रेमसिंह परिहार, मुख्य संयोजक, जिला किसान संघर्ष समिति, जैसलमेर

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कर्ज माफी में 40 हजार किसानों को फायदा, अन्य दरकिनार!
- सरकार के कर्ज माफी आदेश में विसंगति
- दो गुणा से अधिक किसानों को नहीं मिलेगा कर्ज माफी का लाभ
फैक्ट फाइल
04 लाख के करीब किसान है जिले में
40 हजार किसानों का 50 हजार तक कर्ज होगा माफ
1.5 लाख के करीब जिले के किसान हैं कर्जदार

जैसलमेर . बजट में कर्ज माफी की घोषणा को लेकर राज्य सरकार ने किसानों के लिए दोहरी नीति अपनाई है। इसके तहत सहकारी बैंकों से ऋण लेने वालों के तो 50 हजार रुपए तक का कर्जा माफ होगा, लेकिन अन्य किसानों को कोई लाभ नहीं मिलने वाला। ऐसे में जिले भर के करीब 40 किसानों को लाभ मिलेगा, लेकिन इसके दो गुणा से अधिक किसान वंचित रह जाएंगे।
पहले लघु सीमांत का चक्कर
बजट में कर्जमाफी की घोषणा के दौरान सरकार ने लघु व सीमांत किसानों को ही इसमें शामिल किया था। इसके बाद किसानों के विरोध पर सरकार ने इस अनिवार्यता को तो खत्म कर दिया, लेकिन ज्यादातर किसान फिर भी लाभ से वंचित ही रह गए।
सहकारी बैंकों से मांगी सूचनाएं
किसानों के 50 हजार तक का कर्जा माफ करने के लिए सरकार ने सहकारी बैंकों से सूचनाएं मांगी है। इसके आधार पर दी जैसलमेर के्रडिट को-ऑपरेटिव बैंक की विभिन्न शाखाओं में करीब 40 हजार किसान इसके दायरे में आ रहे हैं।
किसानों ने विभिन्न बैंकों से ले रखा है कर्ज
जिले के अधिकतर किसानों ने विभिन्न बैंकों से कर्जा ले रखा है। बैंकों से किसान क्रेडिट कार्ड बनाने के बाद सहकारी बैंकों से ऋण नहीं लिया जा सकता। ऐसे में ऋण माफी के लिए सहकारी बैंक की अनिवार्यता किसानों के लिए बाधा साबित होगी।
मार्च में भुगतान मुश्किल
विभिन्न बैंकों से केसीसी लेने वाले किसानों को मार्च माह में भुगतान के निर्देश दिए गए हैं। जबकि किसानों का कहना है कि खरीफ और रबी फसलों की कटाई के बाद दिसम्बर और जून माह में ही ऋण चुकाना संभव हो पाता है।

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jitendra changani Desk/Reporting
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