97 लाख से तैयार 43 किलोमीटर लंबा पदमार्ग हो रहा जमींदोज !

-दो बार तैयार हुआ प्रोजेक्ट, सरकार बदलते ही अधरझूल में

-हादसों को रोकने के लिए पोकरण

-रामदेवरा को जोड़ा जाना था सड़क मार्ग से -पांच वर्षों में सुस्त चाल से हांफ रहा कार्य

By: Deepak Vyas

Published: 07 Jul 2020, 11:06 AM IST

पोकरण (जैसलमेर). धार्मिक नगरी के तौर पर विश्व विख्यात रामदेवरा से जुड़े रास्ते में सड़क हादसों को रोकने के लिए करीब 97 लाख की लागत से तैयार पदमार्ग जमींदोज हो रहा है। दो बार तैयार हुए इस प्रोजेक्ट की स्थिति फिलहाल अधरझूल में है और सरकार बदलते ही इसको लेकर बरती जा रही जिम्मेदारों की गंभीरता बदलने से यह निराशाजनक स्थिति बनी हुई है। गौरतलब है कि पूर्व सरकार में रामदेवरा आने वाले श्रद्धालुओं के लिए पदमार्ग का निर्माण करवाने के लिए प्रस्ताव लिए गए। सत्तासीन भाजपा सरकार में दो बार के कार्यकाल के दौरान करोड़ों रुपए की धनराशि खर्च कर दी गई, लेकिन आज भी कार्य अधूरा व बंद पड़ा है। अब तक खर्च की गई धनराशि से निर्मित अधूरा पदमार्ग जमींदोज होता जा रहा है। ***** मेले के दौरान एक पखवाड़े की अवधि में 30 लाख से अधिक श्रद्धालु यहां आकर बाबा रामदेव की समाधि के दर्शन करते है। इनमें से अधिकांश श्रद्धालु पदयात्रा कर यहां आते है। ऐसे में सड़क मार्गों पर प्रतिवर्ष हो रही दुर्घटनाओं को रोकने के लिए इस प्रोजेक्ट को महत्वपूर्ण माना जा रहा था, लेकिन ऐसा हुआ नहीं। पदमार्ग: यह हुआ अब तक -वर्ष 2003 में पदमार्ग बनाने के लिए बजट में घोषणा की गई तथा पोकरण से लवां व फलसूण्ड मार्ग पर कुछ जगहों पर मनरेगा से ग्रेवल सड़क का निर्माण हुआ। -लवां मार्ग सड़क को चौड़ा करने के दौरान खत्म हो गया तथा फलसूण्ड सड़क किनारे स्थित ग्रेवल मार्ग पोकरण-फलसूण्ड पेयजल लिफ्ट परियोजना की बड़ी पाइपलाइन लगाने के दौरान नष्ट कर दिया गया। -दो वर्ष बाद 2008 में सरकार बदलते ही पदमार्ग का कार्य बंद हो गया। वर्ष 2013 में नई सरकर आते ही पदमार्ग की फाइलों को पुन: खंगाला गया।-सरकार की ओर से इसके लिए धनराशि भी आवंटित की गई और वर्ष 2015-2016 में कार्य भी शुरू हो गया।ऐसा है पदमार्गसड़क को समतल कर चार-पांच फीट चौड़े मार्ग का निर्माण किया गया। जिसके दोनों तरफ सीमेंट के ब्लॉक लगाए गए और बीच में रेत भरी गई, ताकि श्रद्धालु इस मार्ग पर चल सके और दुर्घटना से बचा जा सके। यह है हकीकत -पोकरण उपखंड क्षेत्र में तीन मार्गों पर इन पदमार्गों का निर्माण कार्य शुरू किया गया।-पोकरण से बाड़मेर जाने वाले मार्ग पर भीखोड़ाई व फलसूण्ड तक अधूरे मार्ग का निर्माण किया गया।-पोकरण से जोधपुर जाने वाले मार्ग पर सड़क किनारे पदमार्ग का अधूरा निर्माण हुआ।-रामदेवरा से बीकानेर वाया शेखासर जाने वाले मार्ग पर कुछ किमी तक पदमार्ग बना, वह भी अब अधूरा पड़ा है।-अधूरे मार्गों में दोनों तरफ ब्लॉक लगाए और बीच में रेत भरी गई।मिट रहे पदमार्ग के निशानतीन सड़कों पर अधूरे पदमार्गों के निशान अब मिटते नजर आ रहे है। बीते तीन वर्षों से इन पदमार्गों की सारसंभाल को लेकर किसी ने ध्यान तक नहीं दिया। यहां रेत बिखर चुकी है तथा कई जगहों पर सीमेंट के ब्लॉक टूटकर गायब हो चुके है। भरी गई रेत में झाडिय़ां लग चुकी है। फलसूण्ड जाने वाले मार्ग भी बदहाल है।

फैक्ट फाइल -

30 लाख से अधिक श्रद्धालु ***** मेले में दर्शनार्थ पहुंचते है रामदेवरा-

43 किलोमीटर लंबा पद्मार्ग की सुविधा दी जानी थी दर्शनार्थियों के लिए

-97 लाख के करीब राशि अब तक हो चुकी है खर्च

-3 मुख्य मार्गों से होकर तैयार किया जाना था पद्मार्ग

-892 श्रमिकों को नियोजित किया गया था पदमार्ग निर्माण में

Deepak Vyas Bureau Incharge
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