JAISALMER NEWS- राजस्थान में सरहद के महाविद्यालयों में सरकार की उच्च शिक्षा नीति पर लगा रहा बड़ा प्रश्नचिन्ह

ऐसे तो कैसे मिलेगा उच्च शिक्षा को बढावा, महाविद्यालय में सीटों की कमी से हो रही परेशानी

By: jitendra changani

Published: 03 May 2018, 11:29 AM IST

सीटों की अपेक्षा आवेदनकर्ता छह गुणा
पोकरण(जैसलमेर). सरकार की ओर से उच्च शिक्षा को बढावा देने के लिए तरह-तरह के प्रयास किए जा रहे है। कई तरह की योजनाएं भी संचालित की जा रही है तथा प्रत्येक उपखण्ड मुख्यालय पर महाविद्यालय खोले जा रहे है, लेकिन इसके लिए सीटों की पर्याप्त व्यवस्थाएं नहीं किए जाने के कारण सरकार के प्रयास नाकाफी सिद्ध हो रहे है और विद्यार्थियों को इसका कोई लाभ नहीं मिल रहा है। ग्रामीण क्षेत्रों के विद्यार्थियों को आज भी उच्च शिक्षा के लिए जोधपुर अथवा जैसलमेर जाना पड़ रहा है। जिससे उन्हें परेशानी हो रही है। बावजूद इसके सरकार की ओर से कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है।
नहीं मिल रहा उच्च शिक्षा को बढावा
सरकार की ओर से युवाओं को उच्च शिक्षा दिलाने के लिए महाविद्यालय खोले गए है, लेकिन इनमें सीटों की पर्याप्त संख्या नहीं होने के कारण विद्यार्थियों को महाविद्यालयों का कोई लाभ नहीं मिल रहा है। पोकरण में वर्ष 2006 में सरकार की ओर से महाविद्यालय स्थापित किया गया था। तब से लेकर आज तक यहां केवल 80 सीटें ही स्वीकृत है। बीए व बीकॉम प्रथम वर्ष में मात्र 80-80 सीटें ही उपलब्ध होने के कारण क्षेत्र के सभी विद्यार्थियों को प्रवेश नहीं मिल पाता है। प्रतिवर्ष सैंकड़ों की संख्या में विद्यार्थी 12वीं कक्षा उत्तीर्ण करते है। ऐसे में सीटों की कमी के चलते एक अनार सौ बीमार वाली कहावत चरितार्थ हो जाती है।
ऊंट के मुंह में जीरा
स्थानीय राजकीय महाविद्यालय में मात्र 80 सीटों पर प्रवेश के लिए प्रतिवर्ष 500 से अधिक विद्यार्थियों की ओर से आवेदन किया जाता है। जिस पर वरियता सूची जारी होती है तथा वरियता के क्रम में मात्र 80 विद्यार्थियों को प्रवेश मिल पाता है। प्रतिवर्ष विद्यार्थियों की ओर से आंदोलन कर ज्ञापन सुपुर्द किए जाते है। जिस पर सरकार की ओर से प्रदेशभर के प्रत्येक महाविद्यालय में 20-20 सीटें अस्थायी तौर पर बढाई जाती है। ऐसे में स्थानीय राजकीय महाविद्यालय में भी 100 विद्यार्थियों को प्रवेश मिल जाता है, लेकिन 500 आवेदनों के बीच 20 सीटें बढाना ऊंट के मुंह में जीरे के समान होता है तथा बड़ी संख्या में विद्यार्थी स्वयंपाठी के रूप में आवेदन करते है, तो कई विद्यार्थी जोधपुर, फलोदी, जैसलमेर का रुख करते नजर आते है। पोकरण कस्बे में सरकारी व निजी सहित चार उच्च माध्यमिक विद्यालय तथा ग्रामीण क्षेत्र में करीब 60 ग्राम पंचायत मुख्यालयों पर 70 से अधिक उच्च माध्यमिक विद्यालय स्थित है। इन सभी विद्यालयों से 12वीं कक्षा उत्तीर्ण करने के बाद उच्च शिक्षा के लिए मात्र पोकरण ही एक केन्द्र है। जहां राजकीय महाविद्यालय है, लेकिन यहां सीटों की कमी के चलते विद्यार्थियों को प्रवेश नहीं मिल पाता है।

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कन्या महाविद्यालय में दो वर्ग, लेकिन नहीं मिल आवेदन
सरकार की ओर से गत वर्ष घोषणा कर पोकरण में कन्या महाविद्यालय स्थापित किया गया। जिसमें दो वर्ग खोले गए तथा 160 सीटें स्वीकृत की गई, लेकिन इनमें प्रवेश के लिए पर्याप्त आवेदन नहीं मिल पा रहे है। गत वर्ष यहां करीब 100 छात्राओं ने ही प्रवेश लिया तथा शेष सीटें खाली ही पड़ी रही।
1500 विद्यार्थी, 60 सीटें
-पोकरण विधानसभा क्षेत्र में पोकरण व भणियाणा दो उपखण्ड स्थित है।
-राज्य सरकार की की ओर से प्रत्येक उपखण्ड मुख्यालय पर महाविद्यालय खोले जाने की घोषणा भी की गई है, लेकिन भणियाणा में कोई महाविद्यालय नहीं है।
-जबकि पोकरण में राजकीय महाविद्यालय व राजकीय कन्या महाविद्यालय स्थित है।
-दोनों उपखण्ड क्षेत्रों में कक्षा 12वीं के करीब 12 परीक्षा केन्द्र स्थित है।
-वर्ष 2017-18 के दौरान इन परीक्षा केन्द्रों पर करीब 1500 विद्यार्थियों की ओर से कक्षा 12वीं की परीक्षा दी गई।

..इसलिए होगी परेशानी
अधिकांश विद्यार्थी पोकरण राजकीय महाविद्यालय में प्रवेश के लिए आवेदन करेंगे, लेकिन स्थानीय राजकीय महाविद्यालय में सीटें मात्र 80 ही होने के कारण शेष विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा को लेकर परेशानी होगी तथा उन्हें मजबूरन जोधपुर जाकर पढाई करनी होगी अथवा स्वयंपाठी विद्यार्थी के रूप में आवेदन करना पड़ेगा। बावजूद इसके सरकार की ओर से यहां सीटें बढाने को लेकर कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है।

करेंगे प्रयास
सरकार की ओर से पोकरण में कन्या महाविद्यालय स्वीकृत किया गया है, जिससे छात्राओं के आवेदन कन्या महाविद्यालय में होंगे। ऐसे में राजकीय महाविद्यालय में उन सीटों पर छात्रों को प्रवेश मिलेगा। महाविद्यालय में सीटें व सैक्शन बढाने को लेकर मुख्यमंत्री व उच्च शिक्षामंत्री से मिलकर प्रयास किए जाएंगे।
-शैतानसिंह राठौड़, विधायक पोकरण।

फैक्ट फाइल:-
- 12 वर्ष पूर्व हुई थी महाविद्यालय की स्थापना
- 1 कन्या महाविद्यालय गत वर्ष हुआ है प्रारंभ
- 362 के करीब विद्यार्थी कर रहे हैं अध्ययन
- 2 संकाय चलते है महाविद्यालय में
- 80 सीटें है एक संकाय में
- 1500 विद्यार्थियों ने दी बारहवीं की परीक्षा
- 2 उपखण्ड के बीच स्थित है महाविद्यालय
- 20 सीटें बढ़ाई जाती है प्रतिवर्ष
- 100 विद्यार्थियों को मिलता है प्रवेश

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jitendra changani Desk/Reporting
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