एकमुश्त समझौता योजना में ऋण जमा नहीं कराने पर होगी कार्रवाई

किसानों पर 22 करोड़ से अधिक बकाया
-अवधि पार ऋण के दायरे में आने वाले 728 से ज्यादा किसानों को दिए प्रपत्र

By: Deepak Vyas

Updated: 17 Oct 2020, 02:55 PM IST

जैसलमेर. भूमि विकास बैंक से कर्ज लेकर लम्बे समय से किश्त अदा नहीं करने वालों की संख्या बढ़ गई है। भूमि विकास बैंक का जिले के ऐसे किसानों पर 22 करोड़ 15 लाख का बकाया लंबे समय से चल रहा है। यह सभी ऋणी अवधिपार के दायरे में आ चुके है। अब इनको बैंक की ओर से ऋणियों को ऋण जमा करने के लिए प्रपत्र पकड़ा दिया गया है। इसके साथ ही यह भी कहा गया है कि ऋणियों की परेशानी को देखते हुए एकमुश्त समझौता योजना के तहत अवधिपार ब्याज व वसूली खर्च में 50 प्रतिशत की राहत मिल सकेगी। ऐसे ऋणी 30 नवम्बर तक बकाया राशि जमा नहीं करते हैं तो फिर उनको कार्यवाही का सामना करना पड़ेगा। भूमि विकास बैंक प्रषासन के अनुसार अवधिपार ऋणियों की ओर से समय पर किश्त आदि जमा नहीं करने के चलते बैंक की करोड़ों की राशि केवल बकाया के तौर पर बढ़ चुकी है। जिले के ऐसे अवधिपार खाता धारकों को बैंक की ओर से इस बार काफी सहूलियत दिए जाने के लिये हर संभव कदम उठाए गए हैं।
यह है एकमुश्त समझौता योजना
-बैंक की ओर से इसके लिए गत 2 सितम्बर को एकमुष्त समझौता योजना 2020-21 लागू कर दी गई है।
-योजना के तहत एक जुलाई 2019 तक के कृषि, अकृषि ऋणधारक इसके पात्र माने गए हैं। इन्हें ब्याज में 50 प्रतिशत तक की राहत दी गई है। इसके अलावा 15 वर्ष से अधिक समय के अवधिपार वाले ऋणियों का ब्याज मूलधन से अधिक होने की स्थिति में भी ब्याज की वसूली केवल मूलधन के बराबर की होगी। मूलधन से अधिक ब्याज होने पर जमा करने की स्थिति में अतिरिक्त ब्याज से राहत प्रदान की जाएगी। ब्याज मूलधन राशि के बराबर की वसूली ही पात्र मानी गई है। बैंक प्रशासन की ओर से यह फैसला योजना के तहत किसानों की समस्याओं को देखते हुए लिया गया है। शेष बकाया में वसूली खर्च में योजनानुसार छूट दी जाएगी। बैंक अधिकारियों का कहना है कि मृतक मामलों में अवधिपार ऋणी के खाते में बकाया मूलधन के अतिरिक्त समस्त प्रकार के ब्याज, चालू ब्याज एवं वसूली व्यय की छूट दी जाएगी, लेकिन इसके लिए जरूरी होगा कि मृतक के परिजन की ओर से समस्त मूलधन में अवधिपार व चालू को एकमुश्त जमा कराकर खाता बंद कराना होगा। योजना के तहत बैंक की ओर से अब तक ऐसे 26 ऋणियों को 14 अक्टूबर तक 83 लाख 92 हजार की छूट दी जा चुकी है।
जिलास्तरीय विशेष दल गठित
बैंक प्रशासन के अनुसार जिले में योजनान्तर्गत आने वाले किसानों से सम्पर्क कर और उनको समझाने के लिए जिला स्तरीय विषेष दल गठित किया गया है। यह दल काश्तकारों से व्यक्तिगत तौर पर मिलकर कर योजना की बारीकियों को समझाने के साथ बैंक का बकाया जमा करने के फायदे समझाने में लगा हुआ है। बैंक अधिकारियों का कहना है कि किसान बकाया राशि जमा करते है तो उनको क्रेडिट स्कोर न केवल बेहतर बनेगा, बल्कि वह चुकारा करने की स्थिति में बैंक से और भी ऋण सहजता से ले सकेंगे।

बताए जा रहे योजना के फायदे
बकाया जमा करने के लिए अब तक ऋणियों को 83 लाख 93 हजार से ज्यादा के राशि की छूट दी जा चुकी है। योजना के तहत आने वाले 995 से ज्यादा किसानों को बैंक का बकाया जमा करने के लिये कहा जा चुका है। योजना के फायदे में इनको अलग से बताए जा रहे है।
-जगदीश कुमार सुथार, सचिव भूमि विकास बैंक लि., जैसलमेर

Deepak Vyas Bureau Incharge
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