56 घंटे बाद 5 आरोपी दस्तयाब, समाप्त हुआ धरना

- जिला कलक्टर व एसपी ने की समझाइश, मांगों पर उचित कार्रवाई का दिया भरोसा
- एक सहयोगी को भी किया दस्तयाब

By: Deepak Vyas

Published: 13 Oct 2021, 07:49 PM IST


पोकरण. क्षेत्र के गोमट गांव के पास रविवार को सुबह नौ बजे सेना के एक वाहन की टक्कर से हुई बाइक सवार पिता-पुत्र की मौत का गर्माया माहौल 56 घंटे बाद आरोपियों की दस्तयाबी पर शांत हुआ। साथ ही तीन दिनों से चल रहा धरना भी समाप्त किया गया। शवों को पोस्टमार्टम के बाद परिजनोंं को सुपुर्द किया जाएगा। गौरतलब है कि रविवार को सुबह कस्बे के वार्ड संख्या एक निवासी मजदूर रहमतुल्ला पुत्र नसीरखां व उसका पुत्र फिरोज मोटरसाइकिल से गोमट की तरफ जा रहे थे। इस दौरान गोमट गांव के तालाब के पास सामने से आ रहे एक सेना के वाहन ने उन्हें टक्कर मार दी। हादसे के बाद पिता-पुत्र को सेना के वाहन से उतरे चार सैनिकों ने उन्हें गाड़ी में डाल दिया तथा अपने साथ ले गए। मौके पर खड़े लोगों ने हादसे व उन्हें गाड़ी में डालकर ले जाने की घटना देखी, लेकिन उन्होंने सोचा कि सेना के जवान घायलों को अस्पताल लेकर जाएंगे। प्रत्यक्षदर्शियों की सूचना पर बड़ी संख्या में ग्रामीण व परिजन अस्पताल पहुंच गए, लेकिन काफी देर इंतजार के बाद भी कोई अस्पताल नहीं पहुंचा। जिस पर उन्हें शक हुआ तथा उन्होंने इसकी सूचना पुलिस को दी। पुलिस ने चार घंटे की मशक्कत कर पिता-पुत्र के शवों को चाचा से ओढ़ाणिया जाने वाले मार्ग पर झाडिय़ों में बरामद किया, लेकिन सेना का वाहन व सैनिक नहीं मिले।
तीसरे दिन जारी रहा धरना
शवों के बरामद होने के बाद बड़ी संख्या में लोग मौके पर एकत्रित हो गए। उन्होंने चाचा से ओढ़ाणिया जाने वाले मार्ग पर ही धरना शुरू कर दिया, जो मंगलवार को लगातार तीसरे दिन भी जारी रहा। बड़ी संख्या में लोगों ने धरनास्थल पर उपस्थित रहकर विरोध जताया। इसके अलावा उपखंड अधिकारी राजेश विश्रोई व पुलिस उपाधीक्षक मोटाराम गोदारा भी धरनास्थल पर दिनभर उपस्थित रहे। साथ ही थानाधिकारी प्रेमदान रतनू जैसलमेर कोतवाली, अचलाराम ढाका लाठी, आदेशकुमार यादव सांकड़ा, विशनसिंह रामदेवरा भी पुलिस बल के साथ उपस्थित रहे।
पुलिस ने चलाया सर्च ऑपरेशन
जिला पुलिस अधीक्षक डॉ.अजयसिंह के निर्देशन में मंगलवार को भी दिनभर सर्च ऑपरेशन जारी रहा। पुलिस उपाधीक्षक मोटाराम गोदारा व पोकरण थानाधिकारी महेन्द्रसिंह खींची के नेतृत्व में पुलिस बल ने जिलेभर में अलग-अलग पुलिस थानों के कार्मिकों की ओर से दबिशें देकर तलाश की गई।
56 घंटे बाद आरोपी दस्तयाब
जैसलमेर के जिला पुलिस अधीक्षक डॉ.अजयसिंह के निर्देशन में पोकरण थानाधिकारी महेन्द्रसिंह खींची के नेतृत्व में गठित पुलिस बल की ओर से मंगलवार शाम करीब पांच बजे लाठी थानांतर्गत केरालिया गांव के पास से घटना के पांच आरोपियों, उन्हें सहयोग देने वाले एक आरोपी को दस्तयाब कर हादसे में प्रयुक्त सेना के वाहन को जब्त किया गया। आरोपियों से पुलिस पूछताछ कर रही है।
जिला कलक्टर व एसपी ने की वार्ता
आरोपियों को दस्तयाब करने के बाद जिला कलक्टर आशीष मोदी, जिला पुलिस अधीक्षक डॉ.अजयसिंह धरनास्थल पर पहुंचे। यहां उन्होंने धरनार्थियों से मुलाकात कर वार्ता की तथा आरोपियों के दस्तयाब होने के समाचार दिए। धरनार्थियों ने परिवारजनों को 50 लाख रुपए की सहायता राशि दिलाने, आश्रित को सरकारी नौकरी दिलाने, पोस्टमार्टम के बाद अनुसंधान में हत्या की धारा जोडऩे की मांग की। जिस पर जिला कलक्टर मोदी ने पोस्टमार्टम के बाद अन्य मांगों पर उचित कार्रवाई का भरोसा दिलाया। जिसके बाद धरनार्थियों ने धरना समाप्त करने की घोषणा की।
मंत्री ने की मुलाकात, सहायता राशि की घोषणा
राजस्थान सरकार के अल्पसंख्यक मामलात, वक्फ एवं जन अभियोग निराकरण विभाग के मंत्री व पोकरण विधायक शाले मोहम्मद लगातार दूसरे दिन सोमवार की रात नौ बजे धरनास्थल पर पहुंचे। उन्होंने धरनार्थियों से मुलाकात कर बताया कि इस संबंध में मुख्यमंत्री अशोक गहलोत को अवगत करवाया गया है तथा मामले में शीघ्र कार्रवाई कर पीडि़त परिवार को न्याय दिलाने और सहायता राशि के लिए मांग की गई है। उन्होंने उचित कार्रवाई का भरोसा दिलाते हुए बताया कि पीडि़त परिवार को विधायक मद से पांच-पांच लाख रुपए तथा अपनी ओर से 50-50 हजार रुपए देने की घोषणा की।
ये रहे उपस्थित
चाचा से ओढ़ाणिया जाने वाले मार्ग पर चल रहे धरने पर मंगलवार को सुबह भाजपा नेता सांगसिंह भाटी, नगरपालिका अध्यक्ष मनीष पुरोहित, पंचायत समिति सांकड़ा के प्रधान भगवतसिंह तंवर, जुगलकिशोर व्यास, मदन देवासी पहुंचे तथा समर्थन दिया। इसी प्रकार कारी मोहम्मद अमीन, मौलवी रहमतुल्ला कासमी, मौलवी मोहम्मद इस्माइल, मौलाना अरशद, उपप्रधान मंजूरदीन मेहर, सरपंच गजेन्द्र रतनू ओढ़ाणिया, फजलदीन माड़वा, उमरदीन तेलीवाड़ा, एडवोकेट अब्दुल रहमानखां मेहर, फिरोजखां मेहर, सरवरखां मेहर, अब्दुल गफारखां मेहर, कांग्रेस नेता शाबिर मोहम्मद लोहारकी, यार मोहम्मद गोमट, हाजी रशीद मोहम्मद, रालोपा के अल्पसंख्यक प्रकोष्ठ के प्रदेशाध्यक्ष रऊफखां मेहर, हजूरखां ऊजला, दीन मोहम्मद ओढ़ाणिया, नाथूराम विश्रोई, शिवप्रताप विश्रोई, बशीर अहमद बड़ली, छगनाराम ओढ़ाणिया सहित बड़ी संख्या में लोग उपस्थित रहे।
सेना ने यह दिया बयान
इस मामले को लेकर सेना की ओर से एक बयान सामने आया है, जिसमें बताया गया है कि घटना की सच्चाई का पता लगाने के लिए सेना ने राजस्थान पुलिस और स्थानीय लोगों को पूरा समर्थन दिया। परिणामस्वरूप दुर्घटना में शामिल कर्मियों की पहचान की गई और उन्हें आगे की कार्रवाई के लिए पुलिस के सामने लाया गया। इस दुर्भाग्यपूर्ण घटना पर फोर्स को खेद है और शोक संतृप्त परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त की गई है।

Deepak Vyas Bureau Incharge
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