पॉजिटिव के नेगेटिव होने के बाद पत्रिका से खास बातचीत में बयां किए अनुभव: 10 दिन बाद पहुंचा पोकरण

खुदा को याद किया, अब दूसरों के लिए मांग रहे दुआ
- नेगेटिव रिपोर्ट के तीन घंटे बाद आया था पॉजिटिव

 

By: Deepak Vyas

Published: 23 Apr 2020, 08:04 AM IST

पोकरण(जैसलमेर). जीवन में सब कुछ सामान्य ढंग से चल रहा था। गत 2 अप्रेल को चिकित्सा विभाग की टीम उसके पास आई और कोविड-१९ के सेम्पल लेने के लिए उसे साथ लेकर गई। पोकरण के राजकीय सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र में भर्ती किया और रक्त व लार के नमूने लिए। पांच अप्रेल का दिन, समय दोपहर के दो बजे रिपोर्ट आई कि वह नेगेटिव है। उसने अल्लाह का शुक्रिया किया और नमाज पढऩे के लिए चला गया। इसकेे बाद वह अपने कार्य (डिस्कॉम जीएसएस लाइनमेन) पर भी चला गया। शाम पांच बजे पुन: फोन आया और अस्पताल बुलाया। उसने नमाज के बाद आने की गुजारिश की, तो दबाव बनाकर जल्दी बुलाया। वह अस्पताल पहुंचा, तो उसे रिपोर्ट पॉजिटिव आने की जानकारी हुई। जिससे उसके पैरों तले एकबारगी तो जमीन खिसक गई और वह खुदा को याद करने लगा। कुछ इस तरह से अपनी यादों को ताजा किया, भारत-पाक सीमा से सटे सरहदी जिले जैसलमेर की परमाणु नगरी पोकरण के पहले पॉजिटिव, जो अब नेगेटिव होकर पोकरण आ चुके मरीज इस्लामदीन ने। उन्होंने बुधवार को सुबह पत्रिका से विशेष बातचीत करते हुए बताया कि जब उसकी रिपोर्ट पॉजिटिव आने की सूचना मिली, तो एक बार चिंता बढ़ गई। दिल की धड़कन भी बढ़ चुकी थी। इस बीमारी के बारे में बहुत कुछ भ्रांतियां सुनी थी, लेकिन चिकित्सकों के उपचार के बाद अब वह बिल्कुल ठीक है।
कहीं भाग न जाए मरीज
पॉजिटिव से नेगेटिव होकर पोकरण आए इस्लामदीन ने पत्रिका को बताया कि पांच अप्रेल शाम पांच बजे बाद उसकी रिपोर्ट पॉजिटिव आने की जानकारी हुई। इसके बाद प्रशासन, पुलिस व चिकित्सा विभाग की ओर से उसे निगरानी में लेते हुए जोधपुर ले जाने की तैयारी शुरू की। उसने बताया कि पुलिस की ओर से उसके साथ जाब्ता लगाया गया, ताकि वह कहीं भाग न जाए। जब पत्रिका ने उससे पूछा कि उनके मन में भागने और कहीं जाने की सूझी, तो उसने बताया कि पॉजिटिव रिपोर्ट केे बाद वह केवल अल्लाह को याद कर रहा था और अपने हक में दुआ कर रहा था। पुलिस की ओर से फोर्स के साथ उसे रात दो बजे जोधपुर ले जाया गया।
इस तरह हुआ उपचार
पोकरण के वार्ड संख्या एक निवासी इस्लामदीन ने बताया कि उसे छह अप्रेल को अलसुबह चार बजे जोधपुर के मथुरादास माथुर अस्पताल में भर्ती करवाया गया और उसका उपचार शुरू हुआ। उसे दवा व इंजेक्शन की बजाय मात्र टेबलेट्स ही दी गई, जिनमें मल्टी विटामिन, जुकाम, खांसी की टेबलेट शामिल थी। उसकी रिपोर्ट नेगेटिव आने के बाद कुछ दिनों तक चिकित्सकों की निगरानी में रखा गया। 15 अप्रेल को उसे कमला नेहरु नगर स्थित टीबी अस्पताल में ले जाया गया। यहां भी विभिन्न तरह की जांचें की गई, लेकिन सभी जांचें नेगेटिव थी। तीन दिन तक यहां रखने के बाद उसे छुट्टी देकर पोकरण लाया गया।

Deepak Vyas Bureau Incharge
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