बाबा के पट बंद, जैसलमेर का पर्यटन मंद

- शहर के दर्शनीय स्थलों पर छाने लगी वीरानी
- पूर्व में अच्छी तादाद में आने लगे थे सैलानी

By: Deepak Vyas

Published: 13 Sep 2021, 07:15 PM IST


जैसलमेर. कोरोना महामारी के मद्देनजर जगप्रसिद्ध बाबा रामदेव का दस दिवसीय ***** मेला पर प्रशासन ने रोक क्या लगाई, जैसलमेर का पर्यटन मंदा पड़ गया। गत दिनों से शहर के तमाम दर्शनीय स्थलों पर एक बार फिर मई-जून जैसा सन्नाटा छाया नजर आने लगा है। सम के रेतीले धोरों पर भी गिनती के सैलानी ही नजर आते हैं। पर्यटकों के आगमन में अचानक कमी आ जाने से पर्यटन व्यवसायी मायूस नजर आ रहे हैं। हालत यह है कि शनिवार-रविवार को वीकेंड होने के बावजूद सोनार दुर्ग, पटवा हवेली और गड़ीसर जैसे दर्शनीय स्थलों पर वीरानी छाई नजर आ रही है।
बाबा के जातरु बने थे पर्यटक
कोरोना की दूसरी लहर से जैसलमेर के पर्यटन को उबारने में अहम भूमिका बाबा रामदेव के मंदिर ने निभाई। जब कई महीनों बाद बाबा का समाधि स्थल दर्शनार्थियों के लिए खुला तो राजस्थान के विभिन्न जिलों के साथ गुजरात, महाराष्ट्र आदि राज्यों से भक्तों के यहां पहुंचने का सिलसिला शुरू हो गया। बाबा के ये भक्त रामदेवरा पहुंचने के बाद घूमने के लिए जैसलमेर पहुंचना भी शुरू हो गए। कई जने सीमावर्ती तनोटराय देवी के मंदिर पहुंचे। उससे भी पर्यटन को सहारा मिला। बाबा का सालाना मेला पिछली सात सितंबर से शुरू होना था। इससे पहले कोरोना की आशंका को देखते हुए प्रशासन ने मेले पर रोक लगा दी और बाबा के मंदिर के पट भी बंद करवा दिए गए। जिसके चलते रामदेवरा के साथ जैसलमेर तक सूनसान नजर आने लगे हैं।
अब आगे क्या
रामदेवरा मंदिर के द्वार श्रद्धालुओं के लिए अब १७ सितंबर के बाद खोले जाएंगे। उसके चंद दिन बाद श्राद्ध पक्ष शुरू हो जाएगा। जैसलमेर पर्यटन के लिए श्राद्ध के १५ दिन हमेशा ही कमजोर रहते हैं। यानी उस समय भी सैलानियों के आगमन में कमी ही रहेगी। पर्यटन क्षेत्र से जुड़े लोग यह मान रहे हैं कि सीजन अब नवरात्रा स्थापना के साथ जोर पकड़ेगा। तब तक पर्यटकों के छिटपुट समूहों से ही व्यवसाय आगे बढ़ेगा। जबकि जुलाई माह में १० से १२ हजार और अगस्त में तो करीब २५ हजार तक पर्यटक जैसलमेर घूम गए थे। यह दौर जारी रहता तो कोरोना से कराह रहे पर्यटन क्षेत्र के ज मों पर काफी हद तक मरहम लग जाता। अब सबकी उ मीदें नवरात्रि से दिवाली सीजन से जुड़ गई हैं।

धार्मिक पर्यटन से मिला था सहारा
जैसलमेर में ठप पड़े पर्यटन को गत महीनों के दौरान रामदेवरा और तनोटराय देवी के मंदिरों में दर्शनार्थ पहुंचे लोगों से सहारा मिला। इस बार लगातार दूसरे साल रामदेवरा मेला कोरोना की वजह से निरस्त किया गया है तो इसका खामियाजा जैसलमेर पर्यटन को भी भुगतना पड़ रहा है।
- पुष्पेंद्र व्यास, रिसोर्ट संचालक

भविष्य से अच्छी उम्मीद
जैसलमेर के पर्यटन को इस बार अच्छे सीजन की उम्मीद है। कोरोना की वजह से सबसे ज्यादा प्रभावित यही क्षेत्र रहा था। फिलहाल रामदेवरा मंदिर बंद किए जाने से पर्यटकों का आगमन प्रभावित हो रखा है।
- मेघराज परिहार, होटल संचालक

Deepak Vyas Bureau Incharge
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