JAISALMER NEWS- राजस्थान के इस जिले का बड़ा नटरवलाल गिरफ्तार, इतने करोड़ की ठग

जैसलमेर में बड़ी ठगी करने का आरोपित आखिर गिरफ्तार, ऐसे की थी 1.87 करोड़ की ठगी

By: jitendra changani

Published: 24 Mar 2018, 10:05 PM IST

बिना बनाए ही ट्रेक्टर्स को कर दिया फाइनेंस
जैसलमेर . 1.87 करोड़ की ठगी करने का आरोपित पुलिस के हत्थे चढ़ गया है। आरोप है कि उसने बिना निर्मित हुए ही ट्रेक्टर्स को फाइनेंस कर दिया। इस संबंध में गत 3 जनवरी को फाइनेंस कम्पनी के शाखा प्रबंधक हनुमानराम ने रिपोर्ट पेश की कि मैसर्स बीएस ट्रैक्टर जिसके पास स्वराज ट्रैक्टर की डीलरशिप है, उसके साझेदार बबलू शर्मा पुत्र श्रीकान्त शर्मा और प्रिया शर्मा पत्नी बबलू शर्मा है। मैसर्स बीएस ट्रैक्टर ने श्रीराम ट्रांसपोर्ट फाइनेंस कम्पनी लिमिटेड से सम्पर्क कर कम्पनी के साथ गत 20 मई 2015 को अनुबंध किया। मैसर्स बीएस टैक्टर के माध्यम से श्रीराम ट्रांसपोर्ट फाइनेंस कम्पनी लिमिटेड की ओर से 49 वाहनों के संबंध में कुल 1,87,55,000 रुपए का ऋण दिया गया, जिसकी किश्तें समय पर नहीं आने पर कम्पनी ने पता किया गया तो ग्राहकों ने अवगत कराया कि उन्होंने ट्रेक्टर फाइनेंस नहीं करवाया है। इस पर पुलिस थाना कोतवाली मेें ठगी व जालसाजी का प्रकरण दर्ज कर उच्चाधिकारियों को सूचित किया गया।

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विशेष टीम का गठन
मामले की गम्भीरता से लेते हुए पुलिस अधीक्षक गौरव यादव के निर्देश पर अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक जयनारायण मीना और जैसलमेर वृत्ताधिकारी मांगीलाल राठौड़ के निर्देशन में शहर कोतवाल देरावरसिंह की अगुवाई में उप निरीक्षक अशोक कुमार के नेतृत्व में एक विशेष टीम गठित की गई। टीम में एएसआई खुशालचंद, हेड कांस्टेबल माधोसिंह, भगाराम एवं कांस्टेबल दिनेश चारण एवं कंवराजसिंह व हेड कांस्टेबल मुकेश बीरा को शामिल किया गया। विशेष टीम ने आरोपित बबलू शर्मा की दिल्ली, उत्तर प्रदेश एवं हरियाणा में तलाश की। इस दौरान मुखबिर से इत्तला मिली कि वह दिल्ली के आसपास के इलाके में कही रह रहा है, जिस पर टीम ने तुरंत पहुंचकर दिल्ली एनसीआर से बबलू शर्मा पुत्र श्रीकान्त को दस्तायाब किया।
पूछताछ में कबूला- हड़प लिए रुपए
बबलू शर्मा से हुई पूछताछ से खुलास हुआ कि उसने अन्य आरोपितों के साथ मिलकर फर्जी फाइनेंस की फाइलें तैयार कर ऐसे ट्रेक्टरों पर फाइनेंस कम्पनी से 1 करोड़ 87 लाख रुपए उठाकर हडप कर लिए, जो ट्रेक्टर स्वराज कम्पनी ने कभी बनाए ही नहीं। उसने इन ट्रेक्टरों का आरटीओ. से बिना वाहन के ही रजिस्ट्रेशन भी करा लिया। समूचे फर्जीवाड़े में शामिल अन्य आरोपितों के बारे में पुलिस जांच कर रही है।

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jitendra changani Desk/Reporting
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