Video: थार में काले गेहूं का उत्पादन हुआ, किसान तैयार किया गेहूं का बीज

देषी विदेषी फलों का उत्पादन बढ़ा, 13 एमजीडी में खेत में उगाए काले गेहूं

By: Deepak Vyas

Published: 03 Apr 2021, 09:17 PM IST

मोहनगढ इंदिरा गांधी नहर के आने के बाद से राजस्थान का पष्चिमी इलाका हरा भरा नजर आने लगा है। 1984 से पूर्व जैसलमे जिले में रेत ही रेत नजर आ रही थी। रेतीले धेरों में कोई भी आने को तैयार नहीं था। अब इस क्षेत्र में रेगिस्तान की जगह नखलिस्तान नजर आने लगा है। इस क्षेत्र में आए खेतों में आधुनिक तकनीक से खेती की जा रही है। तिलहन, दलहन से लेकर फलों तक का उत्पादन होने लगा है। मोहनगढ क्षेत्र में गेहूं, चणा, सरसों, ईसब, पीली सरसों, जीरा, तारामीरा के साथ साथ फलों का उत्पादन भी होने लगा है। जिसमें अनार, किन्नु, संतरे, आम, एप्पल बेर, पपीता, नीम्बू सहित अन्य फल शामिल है। गेहूं की नई नई प्रजाति की खेती की जा रही है।
13 एमजीडी में काले गेहूं की खेती:-
नहरी क्षेत्र में इन दिनों खेतों हर प्रकार की फसलों की बीजाई की जाकर फसलें ली जा रही है। इन दिनों 13 एमजीडी में गहलोत कृषि फाॅर्म में दिलीप सिंह गहलोत द्वारा काले गेहूं की खेती की जा रही है। काले गेहूं में प्रोटीन व मिनरल्स की भरपूर मात्रा बताई जा रही है। इसके अलावा दिलीप सिंह गहलोत द्वारा गेहूं के तैयार किए गए बीज का राजस्थान सरकार से डीजी 11 के नाम से पंजीकरण भी करवाया गया है। नई तकनीक से गेहूं की नई प्रजाति तैयार की गई। इसको लेकर राजस्थान सरकार द्वारा 2015-16 में किसान दिलीप सिंह गहलोत का सम्मानित किया गया। वहीं भारतीय कृषि अनुसंधान नई दिल्ली की पूसा संस्थान द्वारा 2016-17 में सम्मानित किया गया। इन दिनों काले गेहूं व डीजी 11 का उत्पादन किया जा रहा है। इनके उत्पादन के लिए किसानों को बीज भी दिया जा रहा है।
इस संबंध में किसान दिलीप सिंह गहलोत का कहना था कि 13 एमजीडी स्थित मेरे स्वयं के फार्म हाउस पर लगभग चार साल पहले गेहूं की नई प्रजाति का उत्पादन किया था। जिसकी सिट्टे की लम्बाई 9 से 11 इंच तक की है। गेहूं की नई प्रजाति का राजस्थान सरकार से पंजीकरण करवाया गया। पंजीकरण करवाने के बाद इस राजस्थान के विभिन्न जिलों के अलावा पंजाब, हरियाणा, गुड़गांव आदि में गेहूं के बीज की आपूर्ति दी गई। जैसलमेर में गेहूं के बीज डीजी 11 तैयार करके किसानों को आपूर्ति की जा रही है। इसका उत्पादन प्रति बीघा 12 से 15 क्विंटल तक उत्पाद भी हो रहा है। चने की सीड तैयार करके राज सीड्स को आपूर्ति भी मेरे द्वारा की जाती है। इसके साथ ही मैंने अपने फार्म हाउस पर थाई लेमन, आम, कानपुरी संतरे, खजूर, एप्पल बेर, अनार, बेलपत्र, बांस आदि के पौधे लगाकर उनका उत्पादन भी किया जा रहा है। फार्म हाउस में अनार के 1000 पौधे लगाए गए है। जिसमें हर साल अनार का उत्पादन हो रहा है।

Deepak Vyas Bureau Incharge
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