पत्रिका अभियान- बोझ नहीं, कवच है हेलमेट- कुछ ने हेलमेट का महत्व समझा, अनेक अब भी अनजान

- पुलिस के प्रयासों से हेलमेट लगाने वाले चालकों की संख्या में 10 प्रतिशत का इजाफा

By: jitendra changani

Published: 22 Aug 2017, 03:53 PM IST

जैसलमेर. जैसलमेर में दुपहिया वाहन चालकों के लिए हेलमेट की अनिवार्यता को लागू किए जाने के लिए पुलिस की तरफ से बरती जा रही सख्ती के चलते एक अनुमान के अनुसार 10 प्रतिशत वाहन चालकों ने हेलमेट लगाना शुरू कर दिया है जबकि करीब इतने ही चालक पूर्व से भी हेलमेट लगा रहे थे। इनके अलावा करीब 80 प्रतिशत चालक अब भी बेधडक़ बिना हेलमेट लगाए वाहन दौड़ाते हुए शहर के भीतरी व बाहरी भागों में दिखाई दे जाते हैं। यही कारण है कि सडक़ हादसों में गंभीर रूप से घायल अथवा मृत्यु तक हो जाने की घटनाएं बढ़ रही हैं। बीती रात जैसलमेर के पास सडक़ हादसे में जान गंवाने वाले बाइक सवार के भी हेलमेट नहीं लगे होने की बात सामने आई है।
हेलमेट रखते हैं, लगाते नहीं
जैसलमेर में ऐसे वाहन चालकों की भी अब कमी नहीं, जो मोटरसाइकिल अथवा स्कूटर चलाते हुए हेलमेट साथ में रखते हैं लेकिन सिर पर लगाते नहीं। पूछने पर बताते हैं कि, पुलिस दिख जाए तो लगा लेते हैं वरना जरूरत तो है नहीं। ऐसे चालकों से समझाइश किए जाने की ही अब आवश्यकता है कि, वे नियमित तौर पर हेलमेट पहनकर वाहन चलाएं। हेलमेट साथ रखना तो वे सीख ही चुके हैं।
सैन्यकर्मियों से लेना चाहिए सबक
सीमावर्ती जैसलमेर में सेना, एयरफोर्स, बीएसएफ के जवान बड़ी संख्या में कार्यरत हैं। वे किसी भी कार्यवश बाजार आते हैं तो न केवल चालक बल्कि पीछे बैठने वाला व्यक्ति भी हेलमेट लगाकर ही रखता है। सैन्य बलों में दुपहिया वाहन चलाते समय हेलमेट लगाना प्रारम्भ से अनिवार्य है। इसी का यह नतीजा है कि, हेलमेट लगाना उनके आदत में शुमार हो चुका है। जबकि जैसलमेर शहर से ग्रामीण अंचलों तक नौकरी के सिलसिले में प्रतिदिन दुपहिया पर आवाजाही करने वाले कई लोग बिना हेलमेट लगाए ही सफर तय करते हैं।
प्रशासन कर सकता है बड़ी पहल
जिस तरह से एयरफोर्स स्टेशन अथवा बीएसएफ परिसर आदि में दुपहिया वाहन लेकर जाने वाले के लिए हेलमेट लगा होना अनिवार्य है, वैसे ही अगर जिला कलेक्ट्रेट और पुलिस अधीक्षक कार्यालय परिसर के लिए गार्ड लगाकर अनिवार्यता लागू कर दी जाए तो एक बड़ा बदलाव नजर आ सकता है। वर्तमान में कलेक्ट्रेट ही नहीं पुलिस के जिलास्तरीय मुख्यालय तक में आवाजाही पर हेलमेट की किसी तरह की बाध्यता लागू नहीं है। यह रियायत पुलिस की ओर से हेलमेट की अनिवार्यता में शिथिलता की ओर इशारा करती है।

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jitendra changani Desk/Reporting
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