नहर के मुहाने, फिर भी प्यासे है कंठ, यहां पीना तो दूर नहाने लायक भी नहीं पानी

- नहरी क्षेत्र में बसे लोगों की पीड़ा
-कहीं डिग्गियां खाली तो कहीं काई जमा

By: Deepak Vyas

Published: 21 Sep 2020, 12:26 PM IST

जैसलमेर/नाचना. जिले के नाचना नहरी क्षेत्र में पेयजल की स्थिति निराशाजनक बनी हुई है। जलदाय विभाग की ओर से विभिन्न गांवों अथवा चकों व ढाणियों में जल संग्रह के लिए निर्माण की हुई डिग्गियां कहीं लंबे समय से खाली पड़ी है तो कहीं जल से भरी डिग्गियों में काई जमा होने से यहां पानी दूषित हो रहा है। ऐसा पानी पेयजल के रूप में काम लेना लोगों की मजबूरी बनी हुई है। जिम्मेदारों की अनदेखी के चलते यह निराशाजनक स्थिति बनी हुई है। क्षेत्रवासियों का आरोप है कि यहां मोहल्लों में 7 से 10 दिनों के अंतराल में नलों में पानी छोड़ा जाता है, वह भी मटमैला व दुर्गन्धयुक्त। नलों में पानी के आने के दौरान देखा जाए तो यह पानी पीने के लायक तो दूर की बात है, नहाने के भी लायक नहीं होता है। सक्षम लोग तो महंगे दामों में टैंकर से पानी मंगवा कर अपनी आवश्यकता की पूर्ति कर लेते हैं, लेकिन गरीब तबके के लोगों के लिए महंगे दाम खर्च कर पीने का पानी मंगवाना उनके सामथ्र्य से बाहर का कार्य बना हुआ है। उन्हें अपनी प्यास इसी दूषित पानी से बुझानी पड़ती है, भले ही वे इस पानी से बीमारी को न्योता दे रहे हो। गौरतलब है कि नाचना गांव की पेयजल की आपूर्ति 5 किलोमीटर दूर साकडिय़ा गांव से होती है वहां जलदाय विभाग की ओर से पानी संग्रह के लिए डिग्गीया व फिल्टर तथा पम्प हाउस निर्मित है। इन डिग्गियों को नहर के पानी से भरा जाता है। पिछले कई महीनों से साकडिय़ा में निर्मित फिल्टर सिस्टम खराब होने के कारण यह नाकारा साबित हो रहा है, ऐसे में नहर से जैसा गंदा पानी आता है वैसा ही नाचने के नलों में छोड़ा जा रहा है।
समस्याएं यह भी
डिग्गियां पानी से लबालब भरी होने के बावजूद गांव के मोहल्लों में 7 से 10 दिन के अंतराल में आपूर्ति करने का मुख्य कारण बिजली की आंख मिचौली व स्टाफ की कमी बनी हुई है। इतने बड़े कस्बे में जलदाय विभाग का केवल एक स्थाई कर्मचारी ही नियुक्त है, साथ ही प्रति दिन बिजली की बार-बार आंख मिचोनी से पानी आपूर्ति में बाधा बनी हुई है। यही हाल नाचना के अवाय सड़क मार्ग पर विभाग की बनी हुई डिग्गी का है। इसी डिग्गी से गांव के उत्तरी भाग में जलापूर्ति की जाती है, लेकिन यहां पर भी फिल्टर हाउस काई से चौक हो चुका है। ऐसे में डिग्गी से भी दूषित पानी की आपूर्ति की जाती है। इसी प्रकार कस्बे के पश्चिम दिशा मेंबाहला सड़क मार्ग पर लगभग 5 किलोमीटर दूर स्थित सेखो वाला गांव जो पूर्व में पांचे का तला ग्राम पंचायत में आता था, लेकिन वर्तमान में यह गांव नवसृजित ग्राम पंचायत है। यहां लगभग सौ घरों की बस्ती है, जिसमें 400 से 500 की जनसंख्या है। गांव में जलदाय विभाग की ओर से निर्मित डिग्गी गत 4 माह से क्षतिग्रस्त अवस्था में है और बिन पानी सूखी हालत में है।
यहां भी स्थिति नहीं जुदा
क्षेत्र के अन्य स्थान चक 10 एसकेडी, 17 एसकेडी व क्षेत्र के अन्य स्थानों में जलदाय विभाग की ओर से निर्मित डिग्गियों के हैं, जहां कहीं बिन पानी डिग्गिया सूखी पड़ी है तो कहीं आपूर्ति में अनियमिता। सरकार व प्रशासन की अनदेखी के चलते तथा विभाग की लापरवाही का दश आम लोगों को भुगतना पड़ रहा है।

Deepak Vyas Bureau Incharge
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