पाकिस्तान से पहली बार जैसलमेर पहुंचा कोलार्ड पक्षी,पर्यावरणप्रेमियों में खुशी

पाकिस्तान से पहली बार जैसलमेर पहुंचा कोलार्ड पक्षी,पर्यावरणप्रेमियों में खुशी
पाकिस्तान से पहली बार जैसलमेर पहुंचा कोलार्ड पक्षी,पर्यावरणप्रेमियों में खुशी

Deepak Vyas | Publish: Sep, 16 2019 11:59:50 AM (IST) Jaisalmer, Jaisalmer, Rajasthan, India

दुर्लभ प्रजाति के प्रवासी पक्षी कोलार्ड प्रतीनकॉल के जैसलमेर में दिखाई दिए है। गौरतलब है कि प्रतीनकॉल पक्षी पाकिस्तान में अधिक संख्या में पाए जाते है। ये पक्षी सर्दियों के मौसम में भारत का रुख करते है। इस बार सर्दी के मौसम से पूर्व ही इनकी आवक शुरू हो गई है।

जैसलमेर/पोकरण. भारत और पाकिस्तान के संबंध ठीक नहीं है। दोनों देशों के अंतरराष्ट्रीय बोर्डर पर तनाव के हालात है। दूसरी ओर खुले आसमान में अपनी आजादी के पंख फैलाए उडऩे वाले पक्षी पाकिस्तान से भारत की तरफ अपना रुख कर रहे है। ऐसे ही दुर्लभ प्रजाति के पक्षियों की आवक पर्यावरणप्रेमियों में खुशी बढ़ा रही है। दुर्लभ प्रजाति के प्रवासी पक्षी कोलार्ड प्रतीनकॉल के जैसलमेर में दिखाई दिए है। गौरतलब है कि प्रतीनकॉल पक्षी पाकिस्तान में अधिक संख्या में पाए जाते है। ये पक्षी सर्दियों के मौसम में भारत का रुख करते है। इस बार सर्दी के मौसम से पूर्व ही इनकी आवक शुरू हो गई है।
गुजरात में होती अधिक आवक
पाकिस्तान से आने वाले प्रतीनकॉल पक्षी की आवक पूर्व में गुजरात की तरफ अधिक होती थी। ये पक्षी भारत-पाक बोर्डर को क्रॉस कर कच्छ रिण होते हुए गुजरात की तरफ जाते है। गत वर्ष अक्टूबर माह में चुरू जिलांतर्गत ताल छापर में भी ये पक्षी नजर आए थे। प्रतिवर्ष सर्दियों के मौसम में इस प्रजाति के पक्षी के कलरव की आवाज गुजरात प्रदेश के विभिन्न जिलों में सुनाई देती है।

भारत-सीमा में कैमरे में कैद पक्षी
पश्चिमी सरहद पर भारत-पाक बोर्डर के आसपास प्रतीनकॉल पक्षी नजर आ रहे है। गत कुछ दिनों से इन पक्षियों की आवक हो रही है। पर्यावरणप्रेमी व वाइल्ड लाइफ में रुचि रखने वाले डॉ.दिवेशकुमार सैनी ने रामगढ़ से लोंगेवाला जाने वाले मार्ग पर प्रतीनकॉल पक्षी के फोटो अपने कैमरे में कैद किए है।
यह है विशेषताएं
- सर्दियों के मौसम में भारत की ओर रुख
- 16 से 19 सेमी की होती है लम्बाई
- रंग होता है भूरा, पंख काले व पूंछ फॉर्कनुमा
- गुलाबी व हल्के लाल रंग की चोंच आकर्षण का केन्द्र
- गुजरात में होती है प्रतिवर्ष आवक

खुशी की है बात
सरहदी जैसलमेर जिले में दुर्लभ प्रजाति के पशु पक्षियों की संख्या कम है। प्रतीनकॉल जैसे दुर्लभ पक्षियों की आवक पर्यावरणप्रेमियों के लिए खुशी की बात है। फिलहाल रामगढ़-लोंगेवाला मार्ग पर पक्षी नजर आए है। पूर्व में इनकी आवक मात्र गुजरात में ही होती थी।
डॉ.दिवेशकुमार सैनी, पर्यावरणप्रेमी व वाइल्ड लाइफ विशेषज्ञ, पोकरण।

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