कोरोना का कहर: अब उधार पर टिकी पशुधन की सांसें....

-गोशालाओं के लाखों रुपए का भुगतान अटका
-सरकार ने लॉकडाउन की अवधि में दी राहत

By: Deepak Vyas

Published: 09 Apr 2020, 08:36 PM IST

जैसलमेर. कोरोना संक्रमण के चलते लॉकडाउन के दौरान गोशालाओं में संधारित गोवंश के संरक्षण के लिए राज्य सरकार ने गोवंश संख्या के आधार पर कुल ९० में से ३० दिवस की राशि बिल प्राप्त किए बिना दिए जाने के निर्देश पशुपालन विभाग को जारी किए हैं। इसके लिए बजट का आवंटन किया जा चुका है। दूसरी ओर जैसलमेर जिले की कई गोशालाओं का लाखों रुपए का भुगतान अब तक अटका हुआ है। तुलसी गोशाला के अध्यक्ष मानव व्यास बताते है कि मूलसागर स्थित तुलसी गोशाला सहित जिले की कुल सात गोशालाओं का वर्ष २०१८-१९ का अप्रेल, मई और जून माह का भुगतान अब तक नहीं हो पाया है। केवल तुलसी गोशाला का ही यह भुगतान करीब सात लाख रुपए का है। बताया जा रहा है कि इस संबंध में दो बार तो बजट लैप्स भी हो चुका है। जानकारी के अनुसार जिले की गोशालाएं वर्तमान में चारे और पशु आहार की व्यवस्था बाजार से उधार पर भी कर रही हैं। इसी तरह से यहां की गोशालाएं दूध उत्पादन भी कोई बहुत ज्यादा नहीं कर पाती। तुलसी गोशाला के व्यास ने बताया कि उनके यहां १०२४ गोवंश है और प्रतिदिन बमुश्किल ५० लीटर दूर ही निकलता है। जिससे गोशाला में काम करने वालों के वेतन की भी व्यवस्था नहीं होती। उन्होंने बताया कि जिले की गोशालाएं अधिकांश निराश्रित गोवंश के संरक्षण के काम में जुटी हैं। मानव व्यास के अनुसार पशुपालन विभाग यदि वर्तमान में गोशालाओं को पशु आहार उपलब्ध करवा दे और बाद में उस राशि का अनुदान राशि में समायोजन कर ले तो बड़ी राहत मिल सकेगी।

Patrika
Deepak Vyas Bureau Incharge
और पढ़े

राजस्थान पत्रिका लाइव टीवी

हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति और कूकीज नीति से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned